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13 जून 2026

केंद्र ने 22 से 30 फीसदी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में अधिक मात्रा में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 22 फीसदी से 30 फीसदी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को समाप्त कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य देश में वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ाना और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है। सरकारी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 22 फीसदी से 30 फीसदी एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को अब उत्पाद शुल्क से पूरी तरह छूट मिलेगी।


उत्पाद शुल्क एक प्रकार का कर (टैक्स) होता है, जो सरकार कुछ विशेष वस्तुओं, खासकर ईंधनों पर लगाती है। इस कर को हटाने से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उत्पादन और आपूर्ति करने वाली कंपनियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। यह छूट केवल उन पेट्रोल मिश्रणों पर लागू होगी जिनमें एथेनॉल की मात्रा 22 फीसदी से 30 फीसदी के बीच होगी। फिलहाल आम पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले नियमित पेट्रोल में कोई तत्काल बदलाव घोषित नहीं किया गया है, लेकिन इस कदम से उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन के विकास और उपलब्धता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। एथेनॉल जो कि गन्ने के रस और अन्य अनाजों जैसे मक्का, चावल एवं बाजरा आदि कृषि जिंसों से देश में ही तैयार किया जाता है, विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद करता है। इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार भी तैयार हुआ है और यह सरकार की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। पिछले एक दशक में भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की मात्रा तेजी से बढ़ाई है, जिससे तेल आयात बिल कम करने और स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है।

केंद्र सरकार के इस फैसले का तत्काल प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर सीमित हो सकता है, क्योंकि नियमित पेट्रोल की कीमतों या संरचना में अभी कोई बदलाव होने की अभी संभावना नहीं है। हालांकि यह निर्णय देश की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत परिवहन ईंधन में घरेलू स्तर पर उत्पादित एथेनॉल की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई जाएगी। सरकार का यह कदम बढ़ती ऊर्जा मांग और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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