कुल पेज दृश्य

10 जून 2026

हरियाणा में 10 टन प्रतिदिन क्षमता का बायोगैस प्लांट लगाएगी मारुति सुजुकी, कार्बन उत्सर्जन में होगी बड़ी कमी

 नई दिल्ली : देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा के खरखौदा स्थित अपने प्लांट में 10 टन प्रतिदिन (टीपीडी) क्षमता का बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुरू होगी और इसके माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 9,490 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सकेगी। कंपनी ने बताया कि, यह बायोगैस प्लांट खरखौदा इकाई की कुल गैस आवश्यकता का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और विनिर्माण प्रक्रियाओं को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके साथ ही मारुति सुजुकी ने अपने मानेसर स्थित बायोगैस प्लांट की क्षमता भी बढ़ा दी है।पहले यह प्लांट 0.2 टन प्रतिदिन क्षमता का था, जिसे बढ़ाकर 0.7 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। उन्नत प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 3.6 लाख मानक घन मीटर बायोगैस उत्पादन होने की उम्मीद है। मानेसर प्लांट में खाद्य अपशिष्ट, नेपियर घास और धान के भूसे को अवायवीय अपघटन (एनारोबिक डाइजेशन) तकनीक के माध्यम से बायोगैस में परिवर्तित किया जाता है। यह तकनीक कृषि अवशेषों और जैविक कचरे के बेहतर उपयोग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कंपनी इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और उत्पादन इकाइयों की ऊर्जा दक्षता को मजबूत करना है। गौरतलब है कि अगस्त 2025 में भारत के प्रधानमंत्री ने मारुति सुजुकी की पहली भारत में निर्मित बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन ई-विटारा का उद्घाटन और शुभारंभ किया था। कंपनी द्वारा भारत में निर्मित इन इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात दुनिया के 100 देशों में किया जाएगा। मारुति सुजुकी की यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कोई टिप्पणी नहीं: