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27 दिसंबर 2019

आयात महंगा होने से मसूर की कीमतों में सुधार, चालू रबी में बुआई घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के कारण मसूर की कीमतों में सुधार आया है। कनाडा और आस्ट्रेलिया से आयातित मसूर की कीमतों के भाव में सुधार आने से मुंबई को कोलकत्ता में इसके भाव में सुधार देखा गया। व्यापारियों के अनुसार चालू रबी में मसूर की बुआई घटी है, जिस कारण आयातित उड़द के दाम बढ़े हैं, जबकि बंगलादेश की आयात मांग में भी सुधार आया है।
उत्तर प्रदेश की बरेली मंडी में मोटी मसूर के भाव 5,200 रुपये और छोटी मसूर के 7,150 रुपये तथा कानपूर में उत्तर प्रदेश लाइन की मसूर के भाव 5,075 रुपये और मध्य प्रदेश लाइन की मसूर के भाव 5,050 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर मंडी में मसूर के भाव 4,700 से 4,750 रुपये और उत्पादक मंडियों में 4,300 से 4,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। आयातित मसूर के भाव कोलक्कता बंदरगाह पर 5,100 से 5,250 रुपये और मुंबई में कनाडा की मसूर के भाव 4,700 से 4,850 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
कृषि मंत्रालय के अनुसार मसूर की बुआई चालू रबी में 14.49 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 15.62 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। मध्य प्रदेश में चालू रबी में मसूर की बुआई 4.58 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 5.39 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। उत्तर प्रदेश में मसूर की बुआई 5.98 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 5.82 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हुई थी। बिहार में मसूर की बुआई पिछले साल के 1.96 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.72 लाख हेक्टेयर में और पश्चिम बंगाल में पिछले साल के 1.35 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.18 लाख हेक्टेयर में ही हुई है।
फसल सीजन 2018-19 में मसूर का उत्पादन 15.6 लाख टन का ही हुआ था, जोकि इसके पिछले साल के 16.2 लाख टन से कम था। चालू रबी में बुआई में आई कमी से इस बार भी उत्पादन अनुमान में कमी है, जबकि आयात भी महंगा हुआ है, इसलिए मौजूदा भाव में व्यापारी और भी तेजी करेंगे।...... आर एस राणा

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