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14 अप्रैल 2026

यूरोप में शिपमेंट बढ़ाने हेतु केंद्र ने चावल के निर्यात नियमों दी छूट, घरेलू बाजार में भाव तेज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कई यूरोपीय देशों को छह महीने के लिए बिना किसी जरूरी इंस्पेक्शन सर्टिफिकेट के बासमती और नॉन-बासमती चावल का निर्यात करने की इजाजत दे दी है। घरेलू बाजार में चावल के साथ ही धान की कीमतों में तेजी बनी हुई है। गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के कारण हरियाणा एवं पंजाब की मंडियों में धान की आवक लगभग बंद है।


केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार यूरोपियन यूनियन के सदस्य देशों, यूनाइटेड किंगडम, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के लिए निर्यात इंस्पेक्शन एजेंसियों से सर्टिफिकेशन की जरूरत जारी रहेगी, जबकि दूसरे यूरोपीय देशों को इस दौरान छूट दी गई है।

घरेलू बाजार में हाल ही में चावल के साथ ही धान की कीमतों में तेजी आई है। दिल्ली की नजफगढ़ मंडी में पूसा 1,121 किस्म के धान के भाव तेज होकर शुक्रवार को 4,871 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हरियाणा की गोहाना मंडी में 1,885 किस्म के धान के दाम तेज होकर 4,400 से 4,800 रुपये तथा राजस्थान की कोटा मंडी में 1,509 किस्म के धान के दाम तेज होकर 3,900 से 4,200 रुपये और 1,718 किस्म के धान के भाव 4,000 से 4,661 रुपये तथा डीपी किस्म के धान के दाम तेज होकर 4,000 से 4,425 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

राजस्थान लाइन से 1,718 किस्म के सेला चावल का व्यापार 8,500 से 8,700 रुपये तथा पंजाब लाईन 1885 किस्म के स्टीम चावल का व्यापार 9,400 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ। दिल्ली के नया बाजार में 1,121 किस्म के सेला चावल का भाव 9,400 से 9,600 तथा इसके स्टीम चावल का भाव 10,200 से 10,400 रुपये प्रति क्विंटल रहा।  

इस कदम का मकसद विश्व बाजार में बढ़ती मांग के समय चावल निर्यात को सपोर्ट देना है। द हंस इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में भारत का चावल निर्यात 12.95 बिलियन डॉलर था, जबकि दालों और बाजरे के शिपमेंट की कीमत क्रमशः 855 मिलियन डॉलर और 59.20 मिलियन डॉलर थी, जो दुनिया भर में अलग-अलग तरह के अनाजों की बढ़ती मांग को दिखाता है।

केंद्रीय यूनियन कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल ने पहले कहा था कि 2014 और 2025 के बीच चावल का निर्यात 62 फीसदी बढ़ा है, जो ग्लोबल फूड मार्केट में भारत की बढ़ती मौजूदगी को दिखाता है।

देश में चावल का उत्पादन मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान तथा बिहार आदि राज्यों में होता है, जबकि गेहूं का उत्पादन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा होता है।

इस साल की शुरुआत में, भारतीय खाद्य निगम, एफसीआई ने ग्लोबल मानवीय कामों के लिए 200,000 टन चावल सप्लाई करने के लिए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया था। यह एग्रीमेंट पांच साल के लिए अधिकृत है, और इसमें 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा कीमत 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

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