नई दिल्ली। उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान की मंडियों में 31 मार्च 2026 तक 25.49 लाख गांठ, एक गांठ 170 किलो कॉटन की आवक हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 26.07 लाख गांठ की तुलना में कम है।
इंडियन कॉटन एसोसिएशन लिमिटेड, आईसीएल के अनुसार चालू फसल सीजन 2025-26 के दौरान उत्तर भारत के राज्यों में 25.91 लाख गांठ कॉटन का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल इन राज्यों में 27.77 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था।
उत्तर भारत के राज्यों में 38,293 गांठ कॉटन का स्टॉक प्राइवेट गोदामों में बचा हुआ है, जबकि 10,961 गांठ अनजिंड कॉटन की बची हुई है। मार्च अंत तक इन राज्यों में 25.12 लाख गांठ की परेसिंग हो चुकी है।
उत्तर भारत के राज्यों से फसल सीजन 2025-26 में सीसीआई ने 5,97,122 गांठ कॉटन की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर की थी, जिसमें से निगम मार्च अंत तक 4,75,871 गांठ की बिक्री कर चुकी है। अत: सीसीआई के पास पहली अप्रैल को उत्तर भारत के राज्यों में फसल सीजन 2025-26 की खरीदी हुई कॉटन का 1,21,251 गांठ का स्टॉक बचा हुआ है। इसके अलावा निगम के पास फसल सीजन 2024-25 का 4,800 गांठ एवं फसल सीजन 2023-24 का 11,500 गांठ का स्टॉक बचा हुआ है।
इन राज्यों में एमएनसी कंपनियों के पास पहली अप्रैल को 14,200 गांठ कॉटन का स्टॉक है।
कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई द्वारा कॉटन की बिक्री कीमतों में लगातार दूसरे दिन 100 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो की बढ़ोतरी करने से मंगलवार को शाम के सत्र में उत्तर भारत में कॉटन की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 5,850 से 6,050 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 5,700 से 5,850 रुपये प्रति मन बोले गए।
ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम तेज होकर 5,750 से 6,050 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 55,800 से 56,800 रुपये कैंडी बोले गए।

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