नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में 31 मार्च तक देशभर के राज्यों में चीनी का उत्पादन 9.06 फीसदी बढ़कर 271.20 लाख टन का हो चुका है। पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 248.65 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के अनुसार कई प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में पेराई कार्य अब समाप्ति की ओर है, लेकिन गन्ने की अधिक उपलब्धता और बेहतर रिकवरी के कारण कुल उत्पादन पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।
एनएफसीएसएफ के अनुसार चालू पेराई सीजन 2025-26 के दौरान देशभर में कुल 540 चीनी मिलों में पेराई हुई थी, जबकि इसके पिछले पेराई सीजन 2024-25 में 533 चीनी मिलों में पेराई हुई थी। इस समय देशभर में केवल 74 चीनी मिलें ही चल रही हैं, जो पिछले साल की समान अवधि की 113 मिलों की तुलना में कम है।
चालू पेराई सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन बढ़कर 98.95 लाख टन का हुआ है, जबकि पिछले पेराई सीजन 2024-25 राज्य में केवल 80.10 लाख टन चीनी का उत्पादन ही हुआ था। राज्य में चालू पेराई सीजन में औसत रिकवरी की दर 9.50 फीसदी की दर्ज की गई है, जो पिछले सीजन के बराबर ही है।
उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में चीनी उत्पादन में थोड़ा कम होकर मार्च के अंत तक 87.45 लाख टन का हुआ है, जबकि पिछले सीजन में इसका उत्पादन 87.70 लाख टन का हुआ था। चालू सीजन में राज्य में औसत चीनी की रिकवरी पिछले साल के 9.70 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 10.20 फीसदी की दर्ज की गई है।
कर्नाटक में 31 मार्च तक चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 46.75 लाख टन का हुआ है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 39.90 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था। राज्य में चीनी की औसत रिकवरी 8.65 फीसदी दर्ज की गई है, जो पिछले साल के 8.50 फीसदी से अधिक है।
एनएफसीएसएफ की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में एक, आंध्र प्रदेश में दो, हरियाणा में चार, पंजाब में दो, और तमिलनाडु में 18 चीनी मिलों में अभी भी पेराई चल रही है।
घरेलू बाजार में दिल्ली में बुधवार को चीनी की थोक दाम 4,330 रुपये, कानपुर में 4,360 रुपये और मुंबई में 4,070 रुपये तथा कोलकाता में 4,280 रुपये प्रति क्विंटल रहे। दिल्ली में चीनी के खुदरा भाव इस दौरान 45 रुपये तथा कानपुर में 45 रुपये और मुंबई में 44 रुपये तथा कोलकाता में 45 रुपये प्रति किलो बोले गए।

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