नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2025-26 के पहली छमाही अक्टूबर 25 से मार्च 26 के दौरान देश से सोया डीओसी का निर्यात 30.57 फीसदी घटकर 7.72 लाख टन का ही हुआ है, जबकि इसके पिछले फसल सीजन की समान अवधि में 11.12 लाख टन का निर्यात हुआ था।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सोपा के अनुसार चालू फसल सीजन 2025-26 के पहले छह महीनों अक्टूबर से मार्च के दौरान 44.98 लाख टन सोया डीओसी का उत्पादन हुआ है, जबकि इसके पिछले साल का करीब 0.68 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। इस दौरान 7.72 लाख टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ है जबकि 4.20 लाख टन की खपत फूड में एवं 32.50 लाख टन की फीड में हुई है। अत: पहली अप्रैल 2026 को मिलों के पास 1.24 लाख टन सोया डीओसी का बकाया स्टॉक बचा हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 1.10 लाख टन से ज्यादा है।
सोपा के अनुसार चालू फसल सीजन 2025-26 के पहले छह महीनों में देशभर की उत्पादक मंडियों में 63 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई है, जबकि मार्च अंत तक 57 लाख टन की पेराई हुई है। इस दौरान 2.80 लाख टन सोयाबीन की खपत डारेक्ट हुई है जबकि 0.11 लाख टन का निर्यात हुआ है। अत: प्लांटों एवं व्यापारियों तथा किसानों के पास पहली अप्रैल 2026 को 51.10 लाख टन सोयाबीन का बकाया स्टॉक बचा हुआ है, जोकि इससे पिछले साल की समान अवधि के 63.01 लाख टन की तुलना में कम है।
सोपा के अनुसार फसल सीजन 2025-26 में देश में सोयाबीन का उत्पादन 110.26 लाख टन का हुआ था, जबकि 7.66 लाख टन का बकाया स्टॉक नई फसल की आवक के समय बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 117.92 लाख टन की बैठी है, जबकि फसल सीजन 2025-26 के पहले छह महीनों में ही करीब 6 लाख टन सोयाबीन का आयात हुआ है। फसल सीजन 2024-25 में 128.82 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ था, जबकि नई फसल की आवक के समय 8.94 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 137.76 लाख टन की बैठी थी, जबकि 0.02 लाख टन का ही आयात हुआ था।

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