नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में मध्य अप्रैल तक देशभर के राज्यों में चीनी का उत्पादन बढ़कर 273.90 लाख टन का हुआ है। इसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की हिस्सेदारी 235 लाख टन के साथ तकरीबन 85 फीसदी है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के आकड़ों के मुताबिक इन तीन राज्यों ने चीनी उत्पादन में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। इन तीन राज्यों में चीनी रिकवरी देखी जाए तो उत्तर प्रदेश 10.20 फीसदी की रिकवरी दर के साथ सबसे आगे है।इसके बाद 9.50 फीसदी की रिकवरी दर के साथ महाराष्ट्र दुसरे और 8.60 फीसदी की रिकवरी के साथ कर्नाटक तीसरे नंबर पर है।
देशभर के राज्यों में 541 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ की थी, जिनमें से 15 अप्रैल तक केवल 21 चीनी मिलों में पेराई चल रही है, बाकि सभी मिलों पेराई बंद कर चुकी है। चालू पेराई सीजन में देश में कुल 2865.21 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। पिछले सीजन की बात करें तो 2024-25 में 534 चीनी मिलों ने पेराई में हिस्सा लिया था और 15 अप्रैल 2025 तक 520 चीनी मिलें बंद हो गई थी। चीनी मिलों द्वारा 2,713.88 लाख टन गन्ना पेराई कर 254.30 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ था। चालू सीजन में देश में चीनी रिकवरी की दर पिछले सीजन से ज्यादा बैठी है। देश में औसत चीनी रिकवरी 9.56 फीसदी है जबकि पिछले सीजन में इसी समय औसत चीनी रिकवरी की दर 9.37 फीसदी थी।
चीनी के उत्पादन के मामलें में महाराष्ट्र सबसे आगे है और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। एनएफसीएसएफ के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में अब तक 99.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि उत्तर प्रदेश में अब तक 89.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। तीसरे नंबर पर कर्नाटक है। कर्नाटक में चालू सीजन में 15 अप्रैल तक 47.15 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है।
अन्य राज्यों में गुजरात में मध्य अप्रैल तक 7.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि आंध्रप्रदेश 0.70 लाख टन, बिहार में 5.80 लाख टन, हरियाणा में 4.50 लाख टन, मध्य प्रदेश में 4.50 लाख टन, पंजाब में 4.25 लाख टन, तमिलनाडु में 5.30 लाख टन तथा तेलंगाना में 2.00 लाख टन, उत्तराखंड में 2.85 लाख टन और अन्य राज्यों में कुल 0.95 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है।

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