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08 जनवरी 2026

सीसीआई ने दो लाख गांठ से ज्यादा कॉटन की बिक्री की

नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन आफ इंडिया, सीसीआई ने चालू सप्ताह में घरेलू बाजार में 2,02,100 गांठ, एक गांठ - 170 किलो कॉटन की बिक्री की जबकि निगम के पास अभी भी पिछले साल की खरीदी हुई कॉटन का 4 लाख गांठ से ज्यादा का स्टॉक बचा हुआ है।


सीसीआई ने घरेलू बाजार में 25 दिसंबर से 2 जनवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 2,02,100 गांठ कॉटन की बिक्री की, जबकि इसके पिछले सप्ताह में निगम ने केवल 100,400 गांठ कॉटन की बिक्री की थी। फसल सीजन 2024-25 की खरीदी हुई कॉटन की लगातार घरेलू बाजार में मिलों को बिकवाली कर रही है।

पहली अक्टूबर से शुरू हुए चालू फसल सीजन में दिसंबर अंत तक सीसीआई ने 61.5 लाख गांठ कॉटन की खरीद की है।

स्पिनिंग मिलों की मांग बढ़ने के कारण शुक्रवार को शाम के सत्र में गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में तेजी आई।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव शुक्रवार को 100 रुपये तेज होकर दम 53,800 से 54,200 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो हो गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव तेज होकर 5,380 से 5,550 रुपये प्रति मन बोले गए।हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 5,320 से 5,460 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम तेज होकर 5,350 से 5,530 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 52,000 से 53,000 रुपये कैंडी बोले गए।

देशभर की मंडियों में कपास की आवक 204,800 गांठ, एक गांठ-170 किलो की हुई।

घरेलू वायदा कारोबार में कॉटन की कीमतों में तेजी का रुख रहा। एनसीडीईएक्स पर अप्रैल 26 महीने के वायदा अनुबंध में कपास के दाम 11.5 रुपये तेज होकर 1,570 रुपये प्रति 20 किलो हो गए। आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में कॉटन की कीमतों में नरमी का रुख रहा।

कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई ने शुक्रवार को घरेलू बाजार में ई नीलामी के माध्यम से 16,99,700 क्विंटल बिनौले की बिक्री की पेशकश की। अधिकांश बिक्री केंद्रों पर इसके बिकी के भाव स्थिर ही रहे।

व्यापारियों के अनुसार स्पिनिंग मिलों की मांग बढ़ने के कारण गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में तेजी आई। व्यापारियों के अनुसार हाल ही में सूती धागे की स्थानीय मांग में सुधार आया है, जिस कारण स्पिनिंग मिलें अच्छे मार्जिन में व्यापार कर रही है। वैसे भी अधिकांश मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। इसलिए कॉटन के भाव में हल्का सुधार बन सकता है। हालांकि घरेलू बाजार में कॉटन की कुल उपलब्धता ज्यादा है। सीसीआई घरेलू बाजार में लगातार पिछले साल की खरीदी हुई कॉटन बेच रही है। अत: मिलों को आसानी से कच्चा माल मिल रहा है। इसलिए स्पिनिंग मिलें कॉटन की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है।

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