नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में दिसंबर अंत तक देशभर में चीनी का उत्पादन 23.74 फीसदी बढ़कर 118.30 लाख टन का हो चुका है। पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 95.60 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के अनुसार
31 दिसंबर, 2025 तक देशभर की चीनी मिलों ने 1,339.21 लाख टन गन्ने की पेराई की है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 1,101.87 लाख टन गन्ने की पेराई ही की थी। चालू पेराई सीजन में देशभर में 499 चीनी मिलों में पेराई चल रही है।
चालू पेराई सीजन में दिसंबर अंत तक तक औसत चीनी की रिकवरी दर 8.83 फीसदी बैठ रही है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 8.68 फीसदी की बैठ रही थी।
एनएफसीएसएफ के अनुसार उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में मिलों ने 367.53 लाख टन गन्ने की पेराई की है तथा राज्य में चीनी का उत्पादन 35.65 लाख टन का हुआ है। राज्य में गन्ने में रिकवरी की दर 9.70 फीसदी की आ रही है। महाराष्ट्र की चीनी मिलों ने अभी तक 556.57 लाख टन गन्ने की पेराई की है तथा राज्य में 48.70 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। राज्य में एवरेज रिकवरी की दर 8.75 फीसदी की आई है।
कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में चीनी मिलों ने 279.75 लाख टन गन्ने की पेराई की है तथा राज्य में 22.10 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। राज्य में चालू पेराई सीजन में रिकवरी की दर 7.90 फीसदी की आ रही है।
एनएफसीएसएफ के अनुसार चालू गन्ना पेराई सीजन के अंत (सितंबर 2026) तक कुल चीनी का उत्पादन 350 लाख टन होने का अनुमान है। इस दौरान इथेनॉल में करीब 35 लाख टन चीनी उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने की उम्मीद है। इस तरह से नेट उत्पादन 315 लाख टन का होने का अनुमान है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र में चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन 110 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 105 लाख टन, कर्नाटक में 55 लाख टन और गुजरात में 8 लाख टन के उत्पादन का अनुमान है।
चालू पेराई सीजन में चीनी की घरेलू खपत 290 लाख टन होने की उम्मीद है। इसके अलावा पेराई सीजन के आरंभ में 50 का स्टॉक बचा हुआ है। इस हिसाब से चीनी मिलों के गोदामों में नए सीजन के आरंभ में लगभग 75 लाख टन चीनी का बकाया स्टॉक बचेगा।

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