कुल पेज दृश्य

24 जनवरी 2026

मध्य जनवरी तक चीनी का उत्पादन 22 फीसदी बढ़कर 159 लाख टन के पार - इस्मा

नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में 15 जनवरी तक देशभर में चीनी का उत्पादन 22 फीसदी बढ़कर 159.09 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 130.44 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था।


इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) के आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन में 518 मिलों में पेराई चल रही हैं, जबकि पिछले सीजन में की समान अवधि में केवल 500 मिलें ही पेराई चल रही थी।

चालू पेराई सीजन में उत्तर प्रदेश में 15 जनवरी 2026 तक 46.05 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जो कि पिछले पेराई सीजन की तुलना में 3.23 लाख टन (लगभग 8 फीसदी) ज्यादा है। महाराष्ट्र में चालू सीजन में 64.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जो पिछले सीजन की इसी अवधि की तुलना में लगभग 51 फीसदी अधिक है। राज्य में वर्तमान में 204 चीनी मिल चल रही हैं, जबकि पिछले साल इस समय केवल 196 मिलें चल रही थी।

कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 31.5 लाख टन चीनी का उत्पादन मध्य जनवरी तक हो चुका है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 27.45 लाख टन की तुलना में ज्यादा है। इसी तरह से गुजरात में चालू पेराई सीजन में 15 जनवरी तक 3.86 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 3.73 लाख टन की तुलना में ज्यादा है। तमिलनाडु में चालू पेराई सीजन में 1.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है, जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में केवल 1.30 लाख टन चीनी का उत्पादन ही हुआ था।

इस्मा के अनुसार अन्य राज्यों में चालू पेराई सीजन में 11.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जोकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि के 12.43 लाख टन की तुलना में कम है।

इस्मा के अनुसार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा सरकार द्वारा गन्ने की कीमतों में वृद्धि के बाद, बिहार सरकार ने भी हाल ही में गन्ने की कीमत में 15 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करके भाव 380 रुपये प्रति क्विंटल (जल्दी पकने वाली किस्म के लिए) कर दिया है। इस समय महाराष्ट्र और कर्नाटक में एक्स-मिल चीनी की कीमतें लगभग 3,550 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जो चीनी के मौजूदा की उत्पादन लागत की तुलना में काफी कम है।

जैसे, जैसे गन्ने का पेराई सीजन आगे बढ़ रहा है और चीनी का स्टॉक बढ़ता जा रहा है, इससे संकेत मिल रहे हैं कि गन्ने के पेमेंट का बकाया भुगतान भी मिलों पर बढ़ना शुरू हो गया है। अत: इस्मा ने कहा है कि बढ़ती उत्पादन लागत के हिसाब से चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य, एमएसपी में बदलाव करना जरूरी है।

कोई टिप्पणी नहीं: