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14 जनवरी 2026

दिसंबर 2025 में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 8 फीसदी बढ़ा - एसईए

नई दिल्ली। दिसंबर 2025 में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 8 फीसदी बढ़कर 1,383,245 टन का हुआ है, जबकि पिछले साल दिसंबर में इनका आयात 1,275,554 टन का हुआ था। इस दौरान खाद्य तेलों का आयात 1,362,245 टन का एवं अखाद्य तेलों का आयात 21,000 टन का हुआ है।


सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू तेल वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों नवंबर-25 एवं दिसंबर-25 के दौरान देश में खाद्वय एवं अखाद्य तेलों का आयात 12 फीसदी कम होकर 2,567,077 टन का ही हुआ है, जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 2,926,53 टन का हुआ था।

एसईए के अनुसार दिसंबर 2025 में पाम तेल का आयात घटकर 5.07 लाख टन रह गया, जो नवंबर 2025 के 6.32 लाख टन की तुलना में 1.25 लाख टन कम है, यानी 20 फीसदी की कमी आई है। पाम तेल का बंदरगाह पर स्टॉक 6.27 लाख टन से घटकर 4.53 लाख टन का रह गया, जो पिछले महीने की तुलना से 1.74 लाख टन कम है।

सोया तेल का आयात दिसंबर 2025 में बढ़कर 5.05 लाख टन का हो गया, जबकि नवंबर 2025 में इसका आयात 3.71 लाख टन का हुआ था, यानी इसके आयात में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। सोया तेल का बंदरगाह पर स्टॉक पिछले महीनों के 2.65 लाख टन की तुलना में 0.25 लाख टन बढ़कर 3.00 लाख टन का हो गया।

सूरजमुखी तेल का आयात दिसंबर 2025 में 3.50 लाख टन का हुआ है, जो कि नवंबर 2025 के 1.43 लाख टन के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है, हालांकि पहले दो महीनों में कुल आयात 6.05 लाख टन के मुकाबले घटकर 4.92 लाख टन का रह गया, जो 19 फीसदी कम है। सूरजमुखी तेल का बंदरगाह पर स्टॉक पिछले महीने के 1.25 लाख टन से 0.75 लाख टन बढ़कर 2.00 लाख टन का हो गया।

कृषि मंत्रालय के अनुसार 2 जनवरी, 2026 तक रबी तिलहन की फसलों की बुआई 3.04 फीसदी बढ़कर 99.30 लाख हेक्टेयर में हो गई हैं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 93.27 लाख हेक्टेयर में हुई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों का रकबा 2.79 फीसदी बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 86.57 लाख हेक्टेयर था। दिसंबर 2025 के दूसरे पखवाड़े में बारिश नहीं हुई, हालांकि अनुकूल तापमान ने फसल की सामान्य ग्रोथ में मदद की।

नवंबर एवं दिसंबर 2025 के दौरान 517,067 टन की तुलना में सिर्फ 3,500 टन रिफाइंड तेल (आरबीडी पामोलिन) का आयात किया है और नवंबर-दिसंबर, 2024 में 2,326,358 टन की तुलना में 2,509,700 टन क्रूड पाम तेल का आयात किया गया। अत: रिफाइंड तेल का रेश्यो तेजी से 18 फीसदी से घटकर 0.14 फीसदी का रह गया, जबकि क्रूड पाम तेल के आयात में बढ़ोतरी के कारण क्रूड तेल का रेश्यो 82 फीसदी से बढ़कर 99.86 फीसदी का हो गया है।

दिसंबर में आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में भारतीय बंदरगाह पर मिलाजुला रुख रहा। दिसंबर में आरबीडी पामोलिन का भाव भारतीय बंदरगाह पर बढ़कर 1,058 डॉलर प्रति टन का हो गया, जबकि नवंबर में इसका भाव 1,049 डॉलर प्रति टन था। इस दौरान क्रूड पाम तेल का भाव भारतीय बंदरगाह पर दिसंबर में घटकर 1,094 डॉलर प्रति टन का रह गया, जबकि नवंबर में इसका भाव 1,096 डॉलर प्रति टन था। क्रूड सोया तेल का भाव नवंबर में भारतीय बंदरगाह पर 1,188 डॉलर प्रति टन था, जोकि दिसंबर में घटकर 1,175 डॉलर प्रति टन रह गया।

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