नई दिल्ली। देश में शून्य शुल्क पर कॉटन के आयात की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है और इसे आगे बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की गई हे। अत: गुरुवार यानी पहली जनवरी 2026 से कॉटन के आयात पर 11 फीसदी का आयात शुल्क फिर से लागू हो गया है।
कॉटन कारपोरेशन आफ इंडिया, सीसीआई ने पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू सीजन में दिसंबर अंत तक 61.5 लाख गांठ, एक गांठ -170 किलो कॉटन की खरीद कर चुकी है। किसानों से कपास की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी करने की रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन को सरकार ने 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 16 जनवरी 2026 तक कर दिया है।
जानकारों के अनुसार उत्पादक राज्यों में कपास के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी से काफी नीचे बने हुए हैं, जिस कारण कुल आवक की लगभग 68 से 70 फीसदी कॉटन सीसीआई के खरीद केंद्रों पर जा रही है। उत्पादक मंडियों में कपास के दाम 6800 से 7700 रुपये प्रति क्विंटल है। केंद्र सरकार खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मध्यम रेशे वाली कपास के लिए 7,710 रुपये प्रति क्विंटल और लंबी रेशे वाली कपास के लिए 8,110 प्रति क्विंटल तय किया है, जो कि पिछले सीजन से 589 रुपये अधिक है।
भारत ने अगस्त में अमेरिका के साथ टैरिफ से जुड़े तनाव और टेक्सटाइल सेक्टर को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कॉटन पर 11 फीसदी आयात शुल्क को शून्य कर दिया था। इंटरनेशनल कॉटन एडवाइजरी कमेटी, आईसीएसी के आंकड़ों के अनुसार मध्य सितंबर तक भारतीय आयातकों ने करीब 36 लाख गांठ कॉटन का आयात किया है। कुल आयातित कॉटन में ब्राजील की हिस्सेदारी 23 फीसदी, अमेरिका की 20 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया की 19 फीसदी है।
व्यापारियों के अनुसार स्पिनिंग मिलों की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में हाल ही में कॉटन की कीमतों में तेजी आई है। सूती धागे की स्थानीय मांग में पहले की तुलना में सुधार आया है, जिस कारण स्पिनिंग मिलें अच्छे मार्जिन में व्यापार कर रही है। वैसे भी अधिकांश मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। इसलिए कॉटन के भाव में हल्का सुधार बन सकता है। हालांकि घरेलू बाजार में कॉटन की कुल उपलब्धता ज्यादा है। सीसीआई घरेलू बाजार में लगातार पिछले साल की खरीदी हुई कॉटन बेच रही है। अत: मिलों को आसानी से कच्चा माल मिल रहा है। इसलिए स्पिनिंग मिलें कॉटन की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें