कुल पेज दृश्य

31 जनवरी 2026

सीसीआई ने 64,500 गांठ कॉटन बेची, चालू सीजन में खरीद 80 लाख गांठ के पार

दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई ने 19 जनवरी से 23 जनवरी के दौरान 364,500 गांठ, एक गांठ 170 किलो कॉटन की बिक्री की। इस दौरान निगम ने फसल सीजन 2025-26 के दौरान खरीदी हुई 353,900 गांठ और फसल सीजन 2024-25 में खरीदी हुई 10,600 गांठ कॉटन बेची।


सीसीआई ने इससे पहले सप्ताह 12 जनवरी से 16 जनवरी के दौरान 17,500 गांठ, फसल सीजन 2024-25 के दौरान खरीदी हुई कॉटन की बिक्री की थी।

पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू फसल सीजन में सीसीआई 80 लाख गांठ से ज्यादा कॉटन की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर चुकी है। माना जा रहा है कि निगम की कुल खरीद एक करोड़ पहुंचने का अनुमान है। निगम के पास पिछले साल की खरीदी हुई कॉटन का भी करीब एक लाख गांठ का स्टॉक बचा हुआ है। 

स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के कारण शनिवार को शाम के सत्र में गुजरात में कॉटन की कीमतों में नरमी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान उत्तर भारत के राज्यों में इसके भाव में स्थिर हो गए।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव शनिवार को 100 रुपये नरम होकर 55,200 से 55,500 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 5,420 से 5,570 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 5,350 से 5,450 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 5,420 से 5,570 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 51,600 से 52,600 रुपये कैंडी बोले गए।

देशभर की मंडियों में कपास की आवक 109,000 गांठ, एक गांठ-170 किलो की हुई।

व्यापारियों के अनुसार हाल ही में विश्व बाजार में कॉटन की कीमतों में नरमी आई है, अत: घरेलू बाजार में भी स्पिनिंग मिलों की खरीद पहले की तुलना में कम हुई है। विश्व स्तर पर भू राजनीतिक गतिरोध लगातार बढ़ रहा है। वैसे भी चालू सीजन में घरेलू बाजार में कच्चे माल की कुल उपलब्धता ज्यादा है, जबकि सीसीआई पिछले साल की खरीदी हुई कॉटन के साथ ही चालू सीजन में खरीदी हुई की बिक्री भी कर रही है। इसलिए स्पिनिंग मिलें बड़ी खरीद करके जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए कॉटन की कीमतों में घरेलू बाजार में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं: