नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2025-26 में 3 अप्रैल 2025 तक गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर खरीद 7,48,054 लाख टन की हो चुकी है तथा अभी तक हुई कुल खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी मध्य प्रदेश की 6,67,811 लाख टन की है।
सूत्रों के अनुसार 3 अप्रैल तक राजस्थान की मंडियों से केवल 65,575 टन तथा उत्तर प्रदेश की मंडियों से 13,771 टन गेहूं की खरीद ही समर्थन मूल्य पर हो गई है। इस दौरान बिहार की मंडियों से इस दौरान केवल 360.49 टन एवं गुजरात से 536.60 टन गेहूं सरकारी एजेंसियों ने खरीदा है।
चालू रबी विपणन सीजन 2025-26 में केंद्र सरकार ने 310 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया है। चालू रबी सीजन में पंजाब से 124 लाख टन तथा हरियाणा से 75 लाख टन, मध्य प्रदेश से 60 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश 30 लाख टन के अलावा राजस्थान से 20 लाख टन की खरीद का लक्ष्य है।
रबी विपणन सीजन 2024-25 में केंद्र सरकार ने 320 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य किया था, लेकिन 266 लाख टन ही खरीदारी हो पाई थी। हालांकि यह रबी विपणन सीजन 2023-24 में खरीदे गए 262 लाख टन से ज्यादा था, लेकिन निर्धारित लक्ष्य को देखें तो काफी कम था। रबी रबी विपणन सीजन 2023-24 में भी 341 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसी तरह से वर्ष 2022-23 में भी गेहूं की खरीद का आंकड़ा निराश करने वाला था।
चालू रबी विपणन सीजन 2024-25 के दौरान पंजाब एवं हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के किसानों से 2,425 रुपये प्रति क्विंटल, एमएसपी की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है लेकिन मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार बोनस दे रही है। हालांकि खुले बाजार में गेहूं का मूल्य अधिक होने के कारण सरकारी खरीद की रफ्तार धीमी है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार फसल सीजन 2024-25 में देश में रिकॉर्ड 1154.30 लाख टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान है। केंद्रीय पूल में भी पहली अप्रैल 2025 को लगभग 120 लाख टन गेहूं का स्टॉक होगा, जोकि तय मानकों बफर से अधिक है।