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26 August 2016

विष्व बाजार में सोयाबीन, मक्का और गेहूं मंदा

आर एस राणा
नई दिल्ली। विष्व बाजार में एग्री जिंसों खासकर के सोयाबीन, मक्का और गेहूं की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। इस सप्ताह विष्व में जहां सोयाबीन की कीमतों में 2.5 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं मक्का की कीमतों में भी 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। गेहंू की कीमतों में इस सप्ताह 4.5 फीसदी की भारी गिरावट आई है। इंटरनेषनल ग्रेन काउंसिल ने इस साल दुनिया में गेहूं ओर मक्के की रिकार्ड पैदावार का अनुमान जारी किया है जबकि अमेरिकी कृषि विभाग ने दुनिया में सोयाबीन की पैदावार बढ़ने की उम्मीद जताई है। ऐसे में इनकी कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।...............आर एस राणा

खरीफ में दलहन, धान, तिलहन और मोटे अनाजों की बुवाई बढ़ी

कपास के साथ ही गन्ने और केस्टर सीड की बुवाई में कमी
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में अनुकूल मौसम से जहां दलहन, धान के साथ ही तिलहन और मोटे अनाजों की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं कपास के साथ ही गन्ने की बुवाई में कमी है। दलहन की बुवाई में चालू खरीफ में 40.54 फीसदी, तिलहन की बुवाई में 1.72 फीसदी और मोटे अनाजों की बुवाई में 3.50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उधर कपास की बुवाई में 11.10 फीसदी और गन्ने की बुवाई में 1.43 फीसदी की कमी बनी हुई है। केस्टर सीड की बुवाई में भी 27.91 फीसदी की कमी बनी हुई है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार देषभर में मानसूनी बारिष अच्छी होने से दलहन की बुवाई में इस दौरान भारी बढ़ोतरी हुई है। देषभर में अभी तक 139.42 लाख हैक्टेयर में दलहन की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुवाई 103.85 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुवाई बढ़कर 51.20 लाख हैक्टेयर में, मूंग की बुवाई 31.96 लाख हैक्टेयर में और उड़द की बुवाई 33.67 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इनकी बुवाई क्रमषः 34.85 लाख हैक्टेयर, 23.40 लाख हैक्टेयर और 26.48 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।
मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में अभी तक 1,019.10 लाख हैक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 973.40 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो पाई थी। तिलहन की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक 177.74 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 174.58 लाख हैक्टेयर में ही तिलहनों की बुवाई हुई थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुवाई चालू खरीफ में घटकर 112.08 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 114.17 लाख हैक्टेयर में ही चुकी थी। हालांकि मूंगफली की बुवाई चालू खरीफ में बढ़कर 43.84 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 34.71 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
खरीफ की प्रमुख फसल धान की रोपाई चालू खरीफ में अभी तक 363.07 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 352.23 लाख हैक्टेयर में रोपाई हो पाई थी। मोटे अनाजों की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक 182.99 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 172.73 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। कपास की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक केवल 102.78 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 112.68 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। गन्ने की बुवाई चालू खरीफ में 45.55 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले की समान अवधि में 49.60 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। इसी तरह से केस्टर सीड की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक 5.77 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 7.63 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी।.............आर एस राणा

केंद्र सरकार 90 हजार टन दलहन का आयात करेगी

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार सार्वजनिक कंपनियों के माध्यम से 90 हजार टन दलहन का और आयात करेगी। हालांकि दलहन की थोक कीमतों में गिरावट आ चुकी है तथा इनके भाव उत्पादक राज्यों में काफी नीचे आ चुके हैं लेकिन सरकार लगातार आयात कर रही है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के सचिव हेम पंाडे के मुताबिक 90 हजार दलहन में 40 हजार टन मसूर का आयात किया जायेगा, इसके अलावा 20 हजार अरहर, 20 हजार टन देसी चना और 10 हजार टन उड़द का आयात किया जायेगा। उन्होने बताया कि इसके साथ ही 1,76,000 टन दलहन का आयात हो जायेगा। इसके अलावा अभी तक सार्वजनिक कंपनियां 1,20,000 टन दलहन की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि खरीफ की फसल आने पर बफर स्टॉक के लिए दलहन की सरकारी खरीद तेज की जायेगी। उन्होनें माना की दलहन की थोक कीमतों में गिरावट आई है लेकिन खुदरा भाव अभी भी उंचे बने हुए हैं। .....आर एस राणा

आईएमडी ने मॉनसून का अनुमान घटाया

मौसम विभाग ने मॉनसून के अनुमान में कटौती की है। आईएमडी के ताजा अनुमान के मुताबिक पूरे सीजन में बारिश सामान्य रहने के आसार हैं। पहले मॉनसून सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना जताई गई थी। मौसम विभाग का कहना है कि ला नीना की संभावना धूमिल हो रही है जिससे अनुमान में कटौती की गई। पूरे सीजन में अब तक मॉनसून सामान्य से 2 फीसदी कम रहा है।  पिछले चौबिस घंटे में देश में सामान्य से 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जबकि इस पूरे सीजन के दौरान 2 फीसदी कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा कमी दक्षिण भारत में देखी जा रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि अब ला-नीना बनने में देरी होगी।

24 August 2016

तेलंगाना में हल्दी की बुवाई ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में अनुकूल मौसम से तेलंगाना में हल्दी की बुवाई में 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। राज्य के कृषि निदेषालय के अनुसार अभी तक 0.45 लाख हैक्टेयर में हल्दी की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में 0.39 लाख हैक्टेयर में हल्दी की बुवाई हुई थी।......आर एस राणा

जन्माष्टमी

आप सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई!


धन्यवाद,
आर एस राणा
rsrana2001@gmail.com
09811470207

ग्वार गम उत्पादों का निर्यात बढ़ा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू महीने के तीसरे सप्ताह 15 अगस्त से 21 अगस्त के दौरान ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, स्पलिट और मील) के निर्यात में 45.21 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 6,925 टन का हुआ है जबकि चालू महीने के पहले सप्ताह में केवल 4,769 टन ग्वार गम उत्पादों का निर्यात हुआ था।
सूत्रों के अनुसार तीसरे सप्ताह में ग्वार गम पाउडर का निर्यात 4,506 टन का हुआ है तथा इस दौरान निर्यात सौदे 1,292.12 डॉलर प्रति टन की दर हुए हैं। इस दौरान 601 टन ग्वार स्पलिट का निर्यात हुआ है तथा इसके निर्यात सौदे औसतन 969.3 डॉलर प्रति टन की दर से और 1,818 टन ग्वार मील का निर्यात 506.59 डॉलर प्रति टन की दर से हुए हैं। ग्वार गम पाउउर के निर्यात सौदे चालू महीने के तीसरे सप्ताह में पहले सप्ताह की तुलना में ज्यादा भाव पर हुए हैं।..........आर एस राणा