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20 February 2017

केस्टर सीड का उत्पादन 25 फीसदी कम होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2016-17 में केस्टर सीड का उत्पादन 25 फीसदी घटकर 10.67 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 14.23 लाख टन का हुआ था।
सूत्रों के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में केस्टर सीड का उत्पादन 27 फीसदी घटकर 8.61 लाख टन ही होने का अनुमान है, जबकि राजस्थान में 16 फीसदी घटकर 1.23 लाख टन का, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में 19 फीसदी घटकर 64,000 टन और अन्य राज्यों में 21 फीसदी घटकर 19,000 टन का उत्पादन होने का अनुमान है।
चालू फसल सीजन 2016-17 में गुजरात में केस्टर सीड की बुवाई 5.65 लाख हैक्टेयर में, राजस्थान में 1.70 लाख हैक्टेयर में, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में 78,000 हैक्टेयर में तथा अन्य राज्यों में 32,000 हैक्टेयर में केस्टर सीड की बुवाई हुई थी। पूरे देश में 8.45 लाख हैक्टेयर में सीड की बुवाई हुई थी, जबकि पिछले साल गुजरात में 7.81 लाख हैक्टेयर में, राजस्थान में 1.99 लाख हैक्टेयर में को मिलाकर देशभर में 11.36 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी।
इस समय उत्पादक मंडियों में केस्टर सीड की दैनिक आवक 20 से 25 हजार बोरी की हो रही है तथा मार्च में दैनिक आवक बढ़ने पर केस्टर सीड की मौजूदा कीमतों में 150 से 200 रुपये की गिरावट आने पर खरीद करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में इसकी कीमतों में तेजी ही आने का अनुमान है। सोमवार को दिसा मंडी में केस्टर सीड के भाव 3,750 से 3,775 रुपये प्रति क्विंटल रहे।........आर एस राणा

कपास उत्पादन 341 लाख गांठ होने का अनुमान -सीएआई

आर एस राणा
नई दिल्ली। पहली अक्टूबर से शुरु हुए चालू सीजन में कपास का उत्पादन 341 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है जबकि पिछले साल कपास का उत्पादन 337.75 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था
कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अनुसार उत्पादक मंडियों में 31 जनवरी तक कपास की आवक 157.75 लाख गांठ की हो चुकी है तथा इस समय दैनिक आवक करीब पौने दो लाख गांठ की हो रही है।
सीआईए के अनुसार चालू सीजन के शुरु में 45 लाख गांठ कपास का बकाया स्टॉक बचा हुआ था जबकि 341 लाख गांठ का उत्पादन होने का अनुमान है, इसके अलावा करीब 19 लाख गांठ का आयात भी हो जायेगा। ऐसे में कुल उपलब्धता 405 लाख गांठ की बैठेगी। चालू सीजन में कपास की कुल खपत 295 लाख गांठ की होने का अनुमान है इसके अलावा करीब 45 से 50 लाख गांठ का निर्यात होने की संभावना है। ऐसे में आगामी नए सीजन के समय कपास का बकाया स्टॉक चालू सीजन के मुकाबले ज्यादा रहेगा। पिछले साल कपास का 72 लाख गांठ का निर्यात हुआ था।
उत्पादक मंडियों में सोमवार को कपास के भाव 41,500 42,000 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) रहे, सप्ताहभर में इसकी कीमतों में 1,000 से 1,500 रुपये प्रति कैंडी का मंदा आया है तथा माना जा रहा है मौजूदा कीमतों में और भी 500 से 1,000 रुपये का मंदा आ सकता है लेकिन यार्न मिलों के पास स्टॉक कम है इसलिए नीचे भाव में यार्न मिलों की मांग बढ़ने से भाव में फिर सुधार आयेगा। ..........आर एस राणा

19 February 2017

ग्लोबल मार्केट में सोने की तेजी पर ब्रेक

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के अनुमान से डॉलर में रिकवरी आई है और ऐसे में ग्लोबल मार्केट में सोने की तेजी पर ब्रेक लग गया है। कॉमैक्स पर सोना 1133 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। चांदी भी 18 डॉलर के नीचे आ गई है। हालांकि कच्चे तेल में कारोबार के शुरुआत से ही उठापटक जारी है। ओपेक के प्रोडक्शन कटौती की वजह से क्रूड को जहां सपोर्ट मिल रहा है, वहीं अमेरिका में उत्पादन बढ़ने के अनुमान से ऊपरी स्तर से दबाव भी शुरु हो जा रहा है। इस बीच सप्लाई की किल्लत से कॉपर में तेजी का रुख है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर का दाम 6000 डॉलर के पार है, ऐसे में दूसरे मेटल को भी सपोर्ट मिला है।

18 February 2017

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे
एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी। हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।

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आर एस राणा
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मक्का उत्पादन में बढ़ोतरी से भाव में गिरावट की उम्मीद

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में मक्का की बुवाई में हुई बढ़ोतरी से इसकी पैदावार भी ज्यादा होने का अनुमान है, जिससे मौजूदा कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है। मक्का के भाव दिल्ली में 1,570 से 1,575 रुपये, निजामाबाद मंडी में 1,400 से 1,480 रुपये, दावणगिरी में 1,630 रुपये और बिहार की गुलाबबाग मंडी में 1,500 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल हैं। मार्च में दक्षिण भारत की मंडियों में नई मक्का की आवक चालू हो जायेगी, जबकि अप्रैल में बिहार की मंडियों में आवकों का दबाव बन जायेगा, जिससे मक्का की कीमतों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने की आशंका है।
कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी में मक्का का उत्पादन बढ़कर 68.9 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल रबी में इसकी पैदावार 65.1 लाख टन की हुई थी। रबी में मक्का की सबसे ज्यादा पैदावार बिहार में होती है, बिहार के अलावा आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटका, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना में रबी सीजन में मक्का का उत्पादन होता है। चालू रबी में मक्का की बुवाई बढ़कर 16.50 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इसकी बुवाई 15.07 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। हालांकि आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में बुवाई पिछले साल की तुलना में कम हुई है, लेकिन बिहार, महाराष्ट्र और तेलंगाना में बुवाई ज्यादा हुई है।
मार्च दक्षिण भारत के राज्यों की मंडियों में रबी मक्का की आवक चालू हो जायेगी, तथा अप्रैल में बिहार में मक्का की आवकों का दबाव बन जायेगा। होली के बाद पोल्ट्री फीड निर्माताओं की मांग भी मक्का में कम हो जायेगी। उधर विश्व बाजार में मक्का के भाव कम है इसलिए निर्यात की संभावना नहीं है। अतः ऐसे में आगामी महीने में घरेलू बाजार में मक्का की कीमतों में 200 से 300 रुपये क्विंटल की गिरावट आने की आशंका है। बिहार की मंडियों में मक्का के भाव घटकर नीचे में 1,200 से 1,250 रुपये प्रति क्विंटल बन सकते हैं जबकि केंद्र सरकार मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।.........आर एस राणा

17 February 2017

चालू पेराई सीजन में चीनी उत्पादन में 26.62 लाख टन की कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2016 से चालू हुए पेराई सीजन 2016-17 में 15 फरवरी 2017 तक चीनी का उत्पादन 26.62 लाख टन घटकर केवल 146.72 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका उत्पादन 173.34 लाख टन का हुआ था।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशसन (इस्मा) के अनुसार चालू पेराई सीजन में 483 चीनी मिलों में पेराई आरंभ हुई थी, जिनमें से 191 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है। महाराष्ट्र में जहां 80 फीसदी चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है, वहीं कर्नाटका में 95 फीसदी मिलें बंद हो चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में पहली अक्टूबर से 15 फरवरी तक 54 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 45.55 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। राज्य में 116 चीनी मिलों में पेराई चल रही है। सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चालू पेराई सीजन में 15 फरवरी तक 39.73 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 62.70 लाख टन का उत्पादन हो चुका था। राज्य की 153 चीनी मिलों में से इस समय केवल 31 चीनी मिलों में पेराई चल रही है।
उधर कर्नाटका में चालू पेराई सीजन में पहली अक्टूबर से 15 फरवरी तक 20.25 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 32.31 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था। राज्य में 58 चीनी मिलों में पेराई आरंभ हुई थी जबकि इस समय केवल 3 चीनी मिलों में पेराई चल रही है। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में चालू पेराई सीजन में अभी तक 4 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 5.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका था।
तमिलनाडु में 15 फरवरी तक 5.10 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल 4 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। गुजरात में चालू पेराई सीजन में 7 लाख टन चीनी का उत्पादन ही हुआ है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 8.08 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। अन्य राज्यों बिहार में 3.75 लाख टन, पंजाब में 3.80 लाख टन, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 3.30 लाख टन, हरियाणा में 3.20 लाख टन और उत्तराखंड में 2.10 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है।
विश्व बाजार में चीनी के भाव उंचे है तथा चीनी पर आयात शुल्क 40 फीसदी है, ऐसे में जब तक केंद्र सरकार चीनी के आयात को शुल्क मुक्त नहीं करेगी, तब तक घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट आने की संभावना नहीं है।.........आर एस राणा

16 February 2017

डॉलर में आई गिरावट से सोने को सपोर्ट

डॉलर में आई गिरावट से सोने को सपोर्ट मिला है और ग्लोबल मार्केट में इसका दाम फिर से 1240 डॉलर के बेहद करीब पहुंच गया है। हालांकि ऊपरी स्तर से थोड़ा दबाव भी बनने लगा है। वहीं चांदी भी 18 डॉलर के ऊपर जाकर बिकवाली का शिकार हो गई है। इस साल सोने में करीब 7.5 फीसदी की तेजी आ चुकी है। कच्चे तेल में बढ़त देखी जा रही है। नायमैक्स पर क्रूड का भाव 53 डॉलर के पार है। खबर है कि ओपेक कीमतों को सपोर्ट देने के लिए उत्पादन कटौती को थोड़ा और विस्तार दे सकता है।  इसके लिए उसे फिर से सभी सदस्यों को सहमत करना होगा, लेकिन इस तरह की अटकलों से कच्चे तेल की की कीमतों को सपोर्ट मिला है।  सप्लाई की किल्लत की आशंका से बेस मेटल में भी तेजी का रुख है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर में करीब 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है।