Total Pageviews

27 July 2016

आयातित 5,000 टन गेहूं और पहुंचा भारत

आर एस राणा
नई दिल्ली। तुतीकोरन बंदरगाह पर चालू महीने में लगातार तीसरा वैसल 5,000 टन गेहूं लेकर पहुंचा है। चालू महीने में अभी तक करीब 34,500 टन टन भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुका है। यूक्रेन से आयातित गेहूं के आयात सौदे 191.94 डॉलर प्रति टन सीएंडएफ की दर से हुए हैं। उधर बलैक सी रीजन के देषों में गेहूं के भाव घटकर 160 डॉलर प्रति टन रह गए हैं।
24 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में देष से 463.88 टन गेहूं का निर्यात भी हुआ है। जोकि इसके पहले सप्ताह के 395.94 टन से ज्यादा है। देष से गेहूं का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात, मलेषिया और श्रीलंका को हुआ है।.......आर एस राणा

महंगाई को लेकर सख्त-केंद्र



केंद्र सरकार ने आने वाले त्योहारी सीजन में महंगाई को लेकर काफी सख्त तेवर दिखाए हैं। सरकार ने चीनी मिलों को हिदायत देने के साथ-साथ राज्यों को भी जमोखारों से सख्ती से निपटने को कहा है।

26 July 2016

गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान



भारतीय मौसम विभाग ने आज से गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान दिया है। अब तक राज्य में सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश हुई है। ऐसे में खास तौर से कपास की खेती पर असर पडा है।

कैबिनेट -----आलू-------चीनी.....दलहन

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में आलू के निर्यात पर दुबारा एमईपी लगाने का फैसला हुआ। इस बैठक में चीनी मिलों और कारोबारियों को कृत्रिम रूप से चीनी के दाम न बढ़ाने की चेतावनी देने का निर्णय भी हुआ। फिर भी उन्होंने दाम बढ़ाए तो सरकार कीमतें नियंत्रित करने के लिए चीनी नियंत्रण आदेश के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगी। सरकार ने फसल वर्ष 2016-17 में गन्ने का रकबा 50-51 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले साल के बराबर ही है। दालों के बारे में अधिकारी ने कहा कि बैठक में राष्टï्रीय दलहन मिशन और 20 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने पर हुई प्रगति केबारे में भी चर्चा हुई। राज्य सरकारों को जमाखोरों और कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सभी संभव कार्रवाई करने की सलाह दी गई। जिससे कि दालों के भाव नियंत्रित किए जा सकें।

केंद्र सरकार ने आलू पर फिर लगाया न्यूनतम निर्यात मूल्य

आलू के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मे केंद्र सरकार ने आलू के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए इसके निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) लगा दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने आज आलू के निर्यात के लिए 360 डॉलर प्रति टन के एमईपी की अधिसूचना जारी कर दी। एमईपी लगाने का उद्देश्य घरेलू बाजार में आलू की आपूर्ति बढ़ाना है। इससे पहले केंद्र सरकार ने फरवरी 2015 में आलू के दाम काफी गिरने के कारण इसके निर्यात पर एमईपी की बाध्यता हटा दी थी। सरकार द्वारा 360 डॉलर के आधार पर अब रुपये में आलू का न्यूनतम निर्यात मूल्य करीब 24,242 रुपये प्रति टन हो गया है। 
 
इस माह देश भर के घरेलू खुदरा बाजार में आलू के दाम 2 से 4 रुपये प्रति किलो बढ़ चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के खुदरा बाजार में आलू 29 रुपये किलो बिक रहा है। जानकारों के मुताबिक आलू महंगा होने की वजह आलू उत्पादक राज्यों में बारिश के कारण खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचना है। राष्टï्रीय बागवानी अनुसंधान व विकास प्रतिष्ठïान के मुताबिक वर्ष 2014-15 में 4.8 करोड़ टन आलू पैदा हुआ, जबकि वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 4.15 करोड़ टन रहा।

कपास का रिकार्ड आयात होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। घरेलू बाजार में कपास की कीमतों में तेजी के कारण कपास के आयात में भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। जानकारों के अनुसार चालू फसल सीजन 2016-17 में करीब 18 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) कपास का आयात होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 15 लाख गांठ का आयात हुआ था। पिछले दो साल से कपास की घरेलू पैदावार में कमी के कारण भी आयात में बढ़ोतरी हुई है। देष से कपास का निर्यात भी बड़े पैमाने पर होता है तथा चालू खरीफ में इसका निर्यात करीब 67 लाख गांठ का हो चुका है।....आर एस राणा

देश में मॉनसून फिर से पड़ा कमजोर



आर एस राणा
देश में मॉनसून फिर से कमजोर पड़ गया है और 25 जुलाई तक सामान्य से 1 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो देश के 30 फीसदी इलाकों में बेहद कम बारिश हुई है, जबकि 25 फीसदी इलाकों में सामान्य से कम बारिश हुई है। महज 20 फीसदी इलाके ऐसे रहे जहां सामान्य बारिश दर्ज हुई है, जबकि 25 फीसदी में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। वहीं इस पूरे सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश के इलाके का दायरा बढ़कर 27 फीसदी तक पहुंच गया है।  फिलहाल बारिश वाले इलाके ज्यादा पूर्वी और उत्तर भारत में हैं, भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में पूर्वोत्तर के असम और अरुणाचल प्रदेश के अलावा पूर्व में बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी तेज बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर अभी आगे भी जारी रहेगा। वहीं पश्चिम भारत के गोवा और दक्षिण के कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा भी देश के कई इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है।........
आर एस राणा