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28 May 2016

मूंगफली दाने के निर्यात में बढ़ोतरी

आर एस राणा
नई दिल्ली। मूल्य के हिसाब से चालू वित वर्ष 2016-17 के पहले महीने अप्रैल में मूंगफली दाने के निर्यात में 14.55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार इस दौरान देष से 426.66 करोड़ रुपये मूल्य का मूंगफली दाने का निर्यात हुआ है जबकि पिछले वित वर्ष 2015-16 के पहले महीने में केवल 372.47 करोड़ रुपये मूल्य का मूंगफली दाने का निर्यात हुआ था।
गुजरात की राजकोट मंडी में मूंगफली तेल का भाव 1,160 रुपये और मुंबई में 1,180 रुपये प्रति 10 किलो है। राजकोट मंडी में मूंगफली के भाव 5,100 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल रहे।....आर एस राणा

मौसम - आज की जानकारी

मौसम आज की जानकारी  आज देश में सबसे ज्यादा तापमान तेलंगाना के रामागुंडम में रिकॉर्ड किया गया. यहां पर पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, अगर अगले चौबीस घंटों के मौसम की बात करें तो विदर्भ, तटीय आंध्रप्रदेश, और तेलंगाना के कुछेक इलाकों में लू चलने की संभावना है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक असम और मेघालय के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है.वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा,चंडीगढ़,,दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. साथ ही, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तमिलनाडु के भी कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं.

ग्वार गम उत्ग्वार गम उत्पादों का निर्यात अप्रैल में 37 फीसदी घटा

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित वर्ष 2016-17 के पहले महीने अप्रैल में ग्वार गम उत्पादों के निर्यात में मूल्य के हिसाब से 37.22 फीसदी की गिरावट आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार अप्रैल महीने में देष से 234.17 करोड़ रुपये मूल्य का ग्वार गम उत्पादों का निर्यात हुआ है जबकि वित वर्ष 2015-16 के अप्रैल महीने में देष से 373.02 करोड़ रुपये मूल्य का ग्वार गम उत्पादों का निर्यात हुआ था।
उत्पादक मंडियों में ग्वार सीड औेर ग्वार गम की कीमतों में पिछले दो दिनों से सुधार आया है जिसका प्रमुख कारण इस बार ग्वार सीड की बुवाई में कमी आना माना जा रहा है। ग्वार गम उत्पादों की निर्यात मांग इस समय भी कमजोर ही है। ग्वार सीड के भाव उत्पादक राज्यों की मंडियों में न्यूनतम स्तर पर आ गए थे। अतः नीचे भाव में मांग निकलने को भी भाव आये सुधार को माना जा रहा है। जोधपुर मंडी में षनिवार को ग्वार गम का भाव 5,475 रुपये और ग्वार सीड का भाव 3,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।....आर एस राणा

27 May 2016

चीनी की बढ़ती कीमत पर सरकार हुई चिंतित

सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने वाले हर कदम उठाने शुरु कर दिए हैं। सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र ने बड़े और छोटे कारोबारियों के लिए चीनी भंडारण सीमा तय कर दी है। चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह सरकार जमाखोरी मान रही है, जबकि कारोबारी इसके लिए कम उत्पादन को जिम्मेदार बता रहे हैं। इस साल चीनी के दाम 40 फीसदी बढ़ चुके हैं। उत्पादन कम होने की वजह से कीमतें और बढऩे की आशंका जताई जा रही है। 
 
देश में चीनी के सबसे बड़ा उत्पादक राज्य महाराष्ट्र ने चीनी भंडारण सीमा लागू कर दी है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने चीनी पर भंडारण सीमा को मंजूरी दी थी। राज्य में बड़े कारोबारी 500 टन से ज्यादा भंडार  स्टॉक नहीं रख सकेंगे जबकि खुदरा कारोबारियों के लिए 50 टन की भंडारण सीमा रखी गई है। चीनी पर सरकार के तेवर लगातार सख्त होने की वजह चीनी के लगातार दामों मेंं बढ़ोतरी है। थोक बाजार में मई 2015 में चीनी के दाम 2640 रुपये प्रति क्ंिवटल पर थे जबकि इस समय 3700 रुपये प्रति क्ंिवटल पार कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में 3200 रुपये प्रति क्ंिवटल के हिसाब से चीनी बिक रही थी। खुदरा बाजार मेंं चीनी 45 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। 
 महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है स्टॉक लिमिट की अधिसूचना एक सप्ताह पहले दी गई थी जिसे अब लागू कर दी गई है। दरअसल बाजार मेंं उत्पादन कम होने और मांग बढऩे की बात प्रचारित हो रही है जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ जाती है, इसीलिए यह कदम उठाया गया है जिसका सख्ती से पालन किया जाएगा जबकि कारोबारियों का कहना है कि सूखे के कारण लागत बढऩे और गन्ना का मूल्य बढऩे की वजह से दाम बढ़े हैं। इस्मा के अनुसार सरकार इस तरह के कदम जल्दबाजी में उठा रही है। आयात शुल्क में 40 फीसदी तक की कटौती की खबरें और भंडारण सीमा लिमिट जैसे सरकारी रुख से चीनी कारोबारी हैरान हो रहे हैं उनका कहना है कि इससे स्थानीय कीमतें गिरेगी जिसका नुकसान उद्योग के साथ किसानों को भी होगा क्योंकि वर्तमान कीमतें लगात से बस थोड़ी ज्यादा है। 
 भयानक सूखे की मार झेल रहा महाराष्ट्र चीनी वर्ष 2015-16 में चीनी का उत्पादन पिछले साल से करीब 20 फीसदी कम हुआ है। इस्मा के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इस साल 83.75 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ हुआ जबकि पिछले साल 30 अप्रैल 2015 तक 103.74 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। अगले चीनी वर्ष मेंं यह उत्पादन और भी कम होने की आशंका है क्योंकि सूखे के कारण चीनी का रकबा कम होना तय माना जा रहा है। चीनी वर्ष 2015-16 में 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में 68 लाख चीनी का उत्पादन हुआ जबकि पिछले साल उत्तर प्रदेश में 70.42 लाख चीनी का उत्पादन हुआ था। (BS Hindi)

मेथी के निर्यात में कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। मेथी के निर्यात में कमी आई है। सूत्रों के अनुसार चालू महीने के दूसरे सप्ताह 9 मई से 15 मई के दौरान मेथी का निर्यात घटकर 820 टन का ही हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में 1,255 टन मेथी का निर्यात हुआ था।
चालू सीजन में मेथी की पैदावार में हुई बढ़ोतरी के कारण उत्पादक मंडियों में स्टॉक ज्यादा है इसलिए आयातक सीमित मात्रा में सौदे कर रहे है। उत्पादक मंडियों में भाव घटने के बाद मेथी में निर्यात मांग बढ़ सकती है। राजस्थान की कोटा मंडी में मेंथी के भाव 3,000 से 3,700 रुपये प्रति क्विंटल रहे।....आर एस राणा

गेहूं का उत्पादन अनुमान से कम होने की आषंका

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में गेहूं की पैदावार का अनुमान पिछले साल से भी कम होने का है। जानकारों के अनुसार गेहूं की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता में कमी आई है जिससे गेहूं का उत्पादन पिछले साल से भी हुआ है जबकि सरकार ने तीसरे आरंभिक अनुमान में चालू रबी में 940.4 लाख टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान लगाया है। फसल सीजन 2014-15 में 865.3 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।....आर एस राणा

दो करोड़ टन दलहन पैदावार का लक्ष्य

आर एस राणा
नई दिल्ली। दलहन की महंगाई पर चौरता हमला झेल रही केंद्र सरकार ने अब इससे निपटने की पुख्ता योजना बना ली है। केंद्र सरकार का मानना है कि बगैर दलहन की पैदावार बढ़ए इससे निपटा नहीं जा सकता है। इसीलिए केंद्र सरकार ने पंचवर्षीय योजना षुरु की है। कृषि मंत्रालय ने एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस योजना के दलहन उत्पादन का लक्ष्य 200 लाख टन का तय किया है तथा इस योजना पर चालू खरीफ से अमल षुरु किया जायेगा।....आर एस राणा