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22 January 2018

उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 46 लाख टन से ज्यादा


चालू पेराई सीजन 2017—18 में पहली अक्टूबर 2017 से 19 जनवरी 2018 तक उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 46.45 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका उत्पादन केवल 38.07 लाख टन का ही हुआ था। 
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) ने चालू पेराई सीजन में गन्ने में रिकवरी की दर बढ़कर 10.22 फीसदी की आ रही है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में गन्ने में रिकवरी की दर केवल 9.89 फीसदी की ही आ रही थी। चालू पेराई सीजन में राज्य में 118 चीनी मिलों में पेराई चल रही है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में केवल 116 चीनी मिलों में ही पेराई चल रही थी। सोमवार को उत्तर प्रदेश मे चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव 3,250 से 3,375 रुपये प्रति क्विंटल (डयूटी अलग) रहे।

कच्चे तेल में तेज गिरावट

कच्चे तेल में तेज गिरावट आई है। ग्लोबल मार्केट में इसका दाम करीब 1 फीसदी फिसल गया है। ब्रेंट का दाम 68.5 डॉलर पर आ गया है। नायमैक्स क्रूड में 63 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ गया है। वहां रोज 97.5 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है। माना ये जा रहा है कि जल्द ही ये आंकड़ा एक करोड़ बैरल के पार चला जाएगा। ऐसे में कीमतों पर दबाव बढ़ने लगा है। कल की गिरावट के बाद सोने में आज रिकवरी आई है और इसका दाम फिर से 1330 डॉलर के स्तर पर चला गया है। बेस मेटल में आई तेजी से चांदी को भी सपोर्ट मिला है और ये 17 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रही है। चीन में मेटल की मांग बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में एलएमई पर कॉपर समेत सभी मेटल मजबूत है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती है और एक डॉलर की कीमत 63.70 रुपये के नीचे आ गई है।

19 January 2018

कच्चे तेल में तेज गिरावट आई

कच्चे तेल में तेज गिरावट आई है। ग्लोबल मार्केट में इसका दाम करीब 1 फीसदी फिसल गया है। ब्रेंट का दाम 68.5 डॉलर पर आ गया है। वहीं नायमैक्स क्रूड में 63 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ गया है। वहां रोज 97.5 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है। माना ये जा रहा है कि जल्द ही ये आंकड़ा एक करोड़ बैरल के पार चला जाएगा। ऐसे में कीमतों पर दबाव बढ़ने लगा है।
कल की गिरावट के बाद सोने में आज रिकवरी आई है और इसका दाम फिर से 1330 डॉलर के स्तर पर चला गया है। बेस मेटल में आई तेजी से चांदी को भी सपोर्ट मिला है और ये 17 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रही है।  चीन में मेटल की मांग बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में एलएमई पर कॉपर समेत सभी मेटल मजबूत है। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती है और एक डॉलर की कीमत 63.70 रुपये के नीचे आ गई है।

रबी में दलहन की बुवाई में भारी बढ़ोतरी, गेहूं और तिलहन की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां दलहन की बुवाई में भारी बढ़ोतरी हुई है, वहीं तिलहनों के साथ ही गेहूं की बुवाई में कमी आई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में दालों की कुल बुवाई बढ़कर 163.11 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुवाई केवल 155.76 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुवाई बढ़कर 106.23 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि​ पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 98.47 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। मसूर की बुवाई बढ़कर चालू रबी में 17.27 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 17.21 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई घटकर चालू रबी में अभी तक केवल 298.67 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक देशभर में गेहूं की बुवाई 311.17 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। धान की रौपाई चालू रबी में बढ़कर 22.32 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी रौपाई 15.99 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।
तिलहनों की बुवाई चालू रबी सीजन में घटकर 79.11 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक देशभर में तिलहनों की बुवाई 82.08 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई घटकर 66.60 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 70.12 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मूंगफली की बुवाई बढ़कर 5.32 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 4.59 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। 
मोटे अनाजों की बुवाई चालू रबी में घटकर 54.58 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुवाई 55.99 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। मोटे अनाजों में ज्वार की बुवाई 30.33 लाख हैक्टेयर में, मक्का की बुवाई 15.74 लाख हैक्टेयर में और जौ की बुवाई 7.59 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। मक्का की बुवाई में चालू रबी में जहां बढ़ोतरी हुई है, वहीं ज्वार और जौ की बुवाई पिछले साल की तुलना में घटी है। 
मंत्रालय के अनुसार चालू रबी सीजन में फसलों की कुल बुवाई घटकर 617.79 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 620.99 लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बुवार्इ् हो चुकी थी। ...........  आर एस राणा

18 January 2018

एमसीएक्स शुरू करेगा दुनिया का पहला पीतल वायदा

दुनिया का पहला पीतल वायदा कारोबार भारत में शुरू होने जा रहा है। देश के सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स को इसके लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। मेटल सेग्मेंट में ये 6वां मेटल होगा जिसमें वायदा कारोबार की सुविधा होगी। एक्सचेंज पर अब तक कॉपर, जिंक, निकेल, लेड और एल्युमिनियम में कारोबार हो रहा है।

सोने की चमक फीकी

सोने की चमक फीकी पड़ गई है। ग्लोबल मार्केट में इसका दाम 1 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है।  इसमें 1325 डॉलर पर कारोबार हो रहा है। इसमें एक दिन में ही करीब 15 डॉलर की गिरावट आ चुकी है। डॉलर में 3 साल के निचले स्तर से रिकवरी देखी गई है। ऐसे में सोने पर दबाव बढ़ गया है। वहीं चांदी में भी गिरावट आई है और ये 17 डॉलर के भी नीचे का स्तर छू चुकी है। अमेरिका में भंडार गिरने से कच्चे तेल में फिर से तेजी लौटी है। ब्रेंट और नायमैक्स क्रूड करीब 0.5 फीसदी पर कारोबार कर रहे हैं। एपीआई के मुताबिक अमेरिका में क्रूड का का भंडार करीब 51 लाख बैरल गिर गया है। वहीं चीन में मांग घटने की आशंका से बेस मेटल की चाल कमजोर पड़ गई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में सपाट कारोबार हो रहा है। डॉलर की कीमत 64 रुपये के नीचे बनी हुई है।

चीनी का उत्पादन 261 लाख टन होने का अनुमान — उद्योग

आर एस राणा
नई दिल्ली। पहली अक्टूबर से शुरु हुए चालू पेराई सीजन 2017—18 में चीनी का उत्पादन बढ़कर 261 लाख टन होने का अनुमान है जोकि पहले आरंभिक अनुमान के मुकाबले 10 लाख टन अधिक है। उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरी से चीनी की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान है।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को खाद्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को चीनी उत्पादन अनुमान और खपत की जानकारी दी। इस्मा के अनुसार पहले आरभिक अनुमान में चीनी का उत्पादन 251 लाख टन होने का अनुमान था। पिछले पेराई सीजन 2016—17 में चीनी मिलों ने लगभग 246 लाख चीनी की बिक्री की थी, जबकि चालू पेराई सीजन में चीनी की खपत 250 लाख टन होने का अनुमान है। अत: घरेलू बाजार में 10—11 लाख टन चीनी की उपलब्धता ज्यादा है।
चीनी की कुल उपलब्धता मांग की तुलना में ज्यादा है, जबकि घरेलू बाजार में चीनी के भाव दो साल के न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं इसलिए उद्योग ने मांग की है कि चीनी निर्यात में केंद्र सरकार चीनी मिलों को कुछ छूट दे। इस समय चीनी पर 20 फीसदी निर्यात शुल्क है तथा मौजूदा स्थिति में निर्यात की संभावना नहीं है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उपलब्धता सालाना खपत से ज्यादा ही है, इसलिए आयात की संभावना नहीं है। इस समय चीनी पर आयात शुल्क 40 फीसदी है।
चीनी के उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरील से चीनी की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान है जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती ​चीनी मिल सकेगी। गुरुवार को दिल्ली में चीनी के भाव 3,550 से 3,600 रुपये और उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव 3,275 से 3,400 रुपये तथा महाराष्ट्र में चीनी के भाव 2,925 से 3,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।............आर एस राणा