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12 December 2017

राजस्थान में चना की बुवाई तय लक्ष्य के करीब, सरसों की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में राजस्थान में 8 दिसंबर 2017 तक जहां चना की बुवाई तय लक्ष्य के करीब पहुंच गई है वहीं सरसों की बुवाई में कमी आई है। राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार चना की बुवाई 99.5 फीसदी होकर कुल 14.91 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि लक्ष्य 15 लाख हैक्टेयर का तय किया गया था। हालांकि पिछले साल राज्य में चना की बुवाई 15.48 लाख हैक्टेयर में हुई थी।
सरसों की बुवाई चालू रबी में राज्य में अभी तक केवल 19.43 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि राज्य के कृषि निदेशालय ने 26 लाख हैक्टेयर का लक्ष्य तय किया था। अतः कुल बुवाई तय लक्ष्य का केवल 74.8 फीसदी ही हो पाई है। पिछले साल राज्य में सरसों की बुवाई 25.04 लाख हैक्टेयर में हुई थी।
अन्य फसलों में गेहूं की बुवाई चालू रबी में 8 दिसंबर 2017 तक राज्य में 23.67 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में 24.55 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। जौ की बुवाई चालू सीजन में राज्य में 2.99 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि बुवाई का लक्ष्य 3 लाख हैक्टेयर का तय किया गया था। पिछले साल राज्य में इस समय तक 2.76 लाख हैक्टेयर में ही जौ की बुवाई हुई थी।.............  आर एस राणा

गुजरात में जीरा की बुवाई सामान्य से भी ज्यादा, धनिया की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में जहां जीरा की बुवाई 11 दिसंबर 2017 तक बढ़कर 111 फीसदी क्षेत्रफल में हो चुकी है, वहीं धनिया की बुवाई केवल 62 फीसदी क्षेत्रफल में ही हो पाई है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार राज्य में जीरा की बुवाई बढ़कर 3.11 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में केवल 2.26 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। सामान्यतः जीरा की बुवाई गुजरात में 2.80 लाख हैक्टेयर में होती है। चालू सीजन में जीरा की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए किसानों ने इसकी बुवाई ज्यादा की है।
धनिया की बुवाई चालू सीजन में गुजरात में अभी तक केवल 63,600 हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 1 लाख हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में धनिया की बुवाई हो चुकी थी। सामान्यतः धनिया की बुवाई गुजरात में एक लाख हैक्टेयर में ही होती है।
अन्य फसलों में सौंफ की बुवाई चालू सीजन में राज्य में 11 दिसंबर 2017 तक 33 हजार हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 36,900 हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। इसबगोल की बुवाई चालू सीजन में गुजरात में 16,700 हैक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 9,700 हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।..............   आर एस राणा

कच्चे तेल में रिकवरी

कल की जोरदार गिरावट के बाद कच्चे तेल में आज रिकवरी आई है। दरअसल एपीआई की रिपोर्ट में अमेरिका में क्रूड का भंडार 74 लाख बैरल गिर गया है। ऐसे में ब्रेंट करीब 1 फीसदी ऊपर 64 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। आज अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट की भी इन्वेंट्री रिपोर्ट आएगी, जिस पर बाजार की नजर है। इस बीच डॉलर इंडेक्स एक महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया है। ऐसे में रुपये पर दबाव बढ़ गया है। एक डॉलर की कीमत 64.50 रुपये के पार चली गई है। रुपया कमजोर हो गया है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व की बैठक का आज दूसरा दिन है। आज भारतीय समयानुसार देर रात फेड का फैसला आ जाएगा। जिसमें वहां ब्याज दरें बढ़ने की जोरदार संभावना है। इससे पहले कल घरेलू बाजार में सोने का दाम पिछले एक साल के निचले स्तर पर लुढ़क गया।

कपास का 377 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान-सीएबी

आर एस राणा
नई दिल्ली। कॉटन एडवाईजरी बोर्ड (सीएबी) के अनुसार चालू फसल सीजन 2017-18 में कपास का 377 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) के उत्पादन का अनुमान है। मंगलवार को टैक्सटाईल कमिश्नर आफ इंडिया की अध्यक्षता में हुई सीएबी की बैठक के अनुसार चालू फसल सीजन में पहली अक्टूबर को 47.81 लाख गांठ कपास का बकाया स्टॉक बचा हुआ था जबकि 17 लाख गांठ कपास का आयात होने का अनुमान है। अतः कुल उपलब्धता करीब 441.81 लाख गांठ की बैठेगी।
सीएबी के अनुसार पिछले साल देश में कपास का उत्पादन 345 लाख गांठ का हुआ था, जबकि नई फसल की आवक के समय 36.44 लाख गांठ कपास का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। पिछले फसल सीजन में देश में 30.94 लाख गांठ कपास का आयात हुआ था, अतः कुल उपलब्धता पिछले साल 412.38 लाख गांठ की बैठी थी।
सीएबी के अनुसार फसल सीजन 2017-18 में 67 लाख गांठ कपास का निर्यात होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 2016-17 में 58.21 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ था। चालू सीजन में कपास की कुल खपत निर्यात को मिलाकर 401 लाख गांठ की होने का अनुमान है तथा आगामी सीजन के आरंभ में 40.81 लाख गांठ कपास का बकाया स्टॉक बचेगा।
सीएबी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में कपास का उत्पादन 104 लाख गांठ, महाराष्ट्र में 85 लाख गांठ, तेलंगाना में 57 लाख गांठ, आंध्रप्रदेश में 22 लाख गांठ, कर्नाटका में 19 लाख गांठ, मध्य प्रदेश में 20 लाख गांठ, राजस्थान में 22 लाख गांठ, हरियाणा में 25 लाख गांठ और पंजाब में 12 लाख गांठ तथा तमिलनाडु में 6 लाख गांठ और उड़ीसा में 3 लाख गांठ तथा अन्य राज्यों में 2 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान है।
विश्व बाजार में गत सप्ताह कपास का भाव बढ़कर 74 सेंट प्रति पाउंड हो गया था, जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में सुधार आया था, हालांकि अभी निर्यात सौदे सीमित मात्रा में ही हो रहे हैं तथा मंगलवार को विश्व बाजार में कपास का भाव घटकर 73 सेंट प्रति पाउंड रह गया। ऐसे में घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में नरमी बन सकती है। उत्पादन मंडियों में दैनिक आवक मंगलवार को 1.85 लाख गांठ की हुई। चालू सीजन में कपास का उत्पादन तो ज्यादा है ही, साथ ही बकाया स्टॉक भी ज्यादा बचा हुआ है, ऐसे में आगामी दिनों में इसकी कीमतों में तेजी-मंदी निर्यात मांग पर निर्भर करेगी।.............  आर एस राणा

11 December 2017

कच्चे तेल में जोरदार तेजी

कच्चे तेल में जोरदार तेजी आई है और ब्रेंट का दाम पिछले ढाई साल के ऊपरी स्तर पर चला गया है। फिलहाल इसमें 65 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। फोर्टिस पाइपलाइन के फटने की वजह से इसे बंद कर दिया गया है। ऐसे में सप्लाई पर असर की आशंका है और इसी वजह से क्रूड की कीमतों में तेजी आई है। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 58 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। कल यूएस फेड की बैठक है और ब्याज दरें बढ़ाने पर फैसला हो सकता है।  सोने और चांदी में बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। इस बीच चीन में बेस मेटल का भाव उछल गया है। कॉपर समेत सभी मेटल बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में आज हल्की कमजोरी है। हालांकि इसके बावजूद डॉलर की कीमत 64.5 रुपये के नीचे है।

10 December 2017

गुजरात में जीरा की बुवाई बढ़ी, धनिया की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू सीजन में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में जहां जीरा की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं धनिया की बुवाई पिछड़ी है। राज्य सरकार के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक जीरा की बुवाई 96 फीसदी पूरी हो चुकी है जबकि धनिया की बुवाई अभी तक केवल 57 फीसदी ही पूरी हो पाई है। सौंफ की बुवाई राज्य में अभी तक 75 फीसदी पूरी हो चुकी है। जानकारों के अनुसार चालू सीजन में जीरा की कीमतों में आई तेजी से इसकी बुवाई बढ़ी है जबकि धनिया के भाव कम होने के कारण किसानों ने इसकी बुवाई कम की है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर 2017 तक जीरा की बुवाई बढ़कर 2.68 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 1.80 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। राज्य में जीरा की बुवाई सामान्यतः 2.80 लाख हैक्टेयर में जीरा की बुवाई होती है।
धनिया की बुवाई चालू सीजन में राज्य में अभी तक केवल 57,300 हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल राज्य में इस समय तक 69,000 हैक्टेयर में धनिया की बुवाई हो चुकी थी। सामान्यतः राज्य में धनिया की बुवाई एक लाख हैक्टेयर में होती है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार सौंफ की बुवाई चालू सीजन में राज्य में 4 दिसंबर तक 29,300 हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले 26,200 हैक्टेयर में ही हुई थी। सामान्यतः सौंफ की बुवाई गुजरात में 38,800 हैक्टेयर में होती है। .............   आर एस राणा

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका में उत्पादन बढ़ने के अनुमान से कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 0.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका में तेल के कुओं की संख्या बढ़ गई है। वहीं डॉलर के मुकाबले आज रुपये में मजबूती आई है। एक डॉलर की कीमत 64.40 रुपये के नीचे आ गई है। ग्लोबल मार्केट में सोना 4.5 महीने के निचले स्तर पर लुढ़क गया है। सोना 1250 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। दरअसल इस हफ्ते फेडरल रिजर्व की अहम बैठक है, जिसमें अमेरिका में ब्याज दरें ब‍ढ़ाने का फैसला हो सकता है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका में रोजगार के आंकड़े काफी अच्छे आए थे। ऐसे में वहां ब्याज दरें बढ़ने की संभावना काफी मजबूत हो गई है। सोने के साथ चांदी में भी गिरावट आई है और ये भी करीब 4.5 महीने के निचले स्तर है। चांदी 16 डॉलर के काफी नीचे कारोबार कर रही है।