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27 April 2017

गेहूं की सरकारी खरीद 222.71 लाख टन के पार

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2017-18 में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद बढ़कर 222.71 लाख टन की हो गई है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 193.54 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।
पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद जहां 100 लाख टन के पास पहुंचने वाली है, वहीं हरियाणा में सरकार खरीद पिछले साल के लगभग बराबर ही होने वाली है। मध्य प्रदेश से खरीद पिछले साल से ज्यादा हो चुकी है। यूपी से गेहूं की सरकारी खरीद सीमित मात्रा में ही हो पा रही है, तथा अभी तक खरीद पिछले साल से ज्यादा हुई है, लेकिन खरीद तय लक्ष्य 30 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद कम है। बिहार से 5 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया था, लेकिन अभी तक खरीद चालू ही नहीं हो पाई है।
अभी तक हुई कुल खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पंजाब की 98.14 लाख टन की है, जबकि पिछले साल इस समय तक पंजाब से 90.66 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। हरियाणा से एमएसपी पर अभी तक 66.87 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक हरियाणा से 61.95 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।
मध्य प्रदेश से चालू रबी विपणन सीजन में अभी तक 45.48 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में मध्य प्रदेश से 34.87 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश से अभी तक 6.11 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य से 2.35 टन गेहूं ही खरीदा गया था। राजस्थान से एमएसपी पर अभी तक 6.04 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 3.61 टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।...........आर एस राणा

सरसों की दैनिक आवक घटी, बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्पादक मंडियों में सरसों की दैनिक आवक कम हो गई है, इसलिए इसकी मौजूदा कीमतों में 75 से 100 रुपये का मंदा और आ सकता है, लेकिन बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जयपुर मंडी में सरसों के भाव 3,800 रुपये, अलवर में 3,575 रुपये तथा भरतपुर मंडी में 3,500 से 3,525 रुपये प्रति क्विंटल रह गए है।
चालू सीजन में सरसों की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है, कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार 79.12 लाख टन उत्पादन का अनुमान था जबकि आज तीसरे आरंभिक अनुमान में इसके उत्पादन अनुमान में और बढ़ोतरी की संभावना है।
इस समय आयातित तेल सस्ते हैं, मलेशिया और इंडोनेशिया में पॉम तेल के भाव नीचे बने हुए हैं, साथ ही अमेरिका में सोया रिफाइंड तेलों में भी मंदा है। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने से आयातित तेल सस्ते पड़ रही है, इसीलिए सरसों तेल में मांग कमजोर है। सरसों तेल के साथ सरसों खल में भी मांग कमजोर होने से तेल मिलों को अभी भी पेरिटी नहीं लग रही है। ऐसे में सरसों की कीमतों में तेजी जुलाई-अगस्त के बाद ही बनेगी, तथा आगे इसकी कीमतों में तेजी काफी हद तक मानसूनी बारिश कैसी होती है, इस पर भी निर्भर करेगी। व्यापारियों का मानना है कि जुलाई-अगस्त के बाद 42 फीसदी कंडीशन की सरसों का भाव बढ़कर 3,900 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल बन सकता है।..............   आर एस राणा

दलहन में मांग कमजोर, बड़ी तेजी की संभावना नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। चना, अरहर, उड़द और मूंग तथा मसूर में ग्राहकी कमजोर है जिससे इनके भाव में बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। मई में मांग बढ़ने से चना और अरहर तथा मूंग व उड़द की कीमतों में हल्का सुधार आ सकता है लेकिन मसूर की कीमतांें में और भी 100 से 150 रुपये की गिरावट आने का अनुमान है। दालों में मांग जुलाई में बढ़ने का अनुमान है।
उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक कम हुई है, तथा बिकवाली कम आने से दिल्ली के लारेंस रोड़ पर आज चना के भाव 5,600 रुपये प्रति क्विंटल रहे। माना जा रहा है कि मई में मांग निकलने पर इसके भाव 300 से 400 रुपये की तेजी तो आ सकती है, लेकिन अभी बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। चना दाल और बेसन में मांग जुलाई के बाद ही बढ़ेगी।
अरहर का स्टॉक ज्यादा है, साथ ही केंद्रीय पूल में स्टॉक है इसलिए आगामी दिनों में सरकारी एजेंसियों अपना स्टॉक निकालेगी। ऐसे में अरहर के मौजूदा भाव में 150 से 200 रुपये की तेजी तो बन सकती है लेकिन बड़ी तेजी नहीं आयेगी। आयातित लेमन अरहर के भाव आज मुंबई में 3,900 रुपये प्रति क्विंटल है।
उड़द और मूंग की बुवाई चालू हो गई है, तथा इनकी कीमतें नीचे बनी हुई है। मई में इनके भाव में हल्का सुधार तो आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
मसूर की दैनिक आवक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बढ़ रही है, तथा उत्पादक मंडियों में मसूर के भाव 3,600 से 3,800 रुपये प्रति क्विंटल है, इसकी कीमतों में और 100 से 150 रुपये की गिरावट आ सकती है, हालांकि अभी भाव में तेजी की संभावना नहीं है। मटर में भी मांग कमजोर है, साथ ही आयातित मटर के भाव काफी नीचे हैं, इसलिए अभी इसकी कीमतों में भी तेजी की संभावना नहीं है।...............आर एस राणा

26 April 2017

गेहूं की सरकारी खरीद 214.50 लाख टन पहुंची

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2017-18 में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद बढ़कर 214.50 लाख टन की हो गई है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 188.11 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी। 25 अप्रैल को करीब 10 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है। पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में खरीद 30 अप्रैल तक ज्यादा रहेगी, उसके बाद खरीद में कमी आयेगी।
चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की एमएसपी पर अभी तक हुई कुल खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पंजाब की 93.66 लाख टन की है, जबकि पिछले साल इस समय तक पंजाब से 87.35 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। हरियाणा से एमएसपी पर अभी तक 65.91 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक हरियाणा से 60.86 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।
मध्य प्रदेश से चालू रबी विपणन सीजन में अभी तक 43.80 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में मध्य प्रदेश से 34.42 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश से अभी तक 5.43 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य से 2.10 टन गेहूं ही खरीदा गया था। राजस्थान से एमएसपी पर अभी तक 5.58 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 3.28 टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।
कृषि मंत्रालय आज गेहूं का तीसरा उत्पादन अनुमान जारी करेगा, माना जा रहा है कि तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार गेहूं का उत्पादन 980 लाख टन होगा, जबकि दूसरे आरभिक अनुमान के अनुसार गेहूं का उत्पादन 966.4 लाख टन का हुआ था। गेहूं के आयात पर इस समय 10 फीसदी आयात शुल्क लागू है लेकिन इसके बावजूद भी आयातित गेहूं दक्षिण भारत भारत की फ्लोर मिलों को भारतीय गेहूं के मुकाबले सस्ता पड़ रहा है, इसीलिए दक्षिण भारत की फ्लोर मिलें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से खरीद नहीं कर रही हैं। ऐसे में इन राज्यों की मंडियों में जहां सरकारी खरीद नहीं हो रही है, वहां गेहूं 1,400 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है।...............  आर एस राणा

25 April 2017

डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार उछाल

डॉलर के मुकाबले रुपये में जोरदार उछाल आया है। एक डॉलर की कीमत 64 रुपये के नीचे आ गई है। रुपया करीब 0.5 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। डॉलर के मुकाबले ये पिछले 20 महीने की ऊंचाई पर चला गया है। डॉलर में दबाव से भी रुपये को सपोर्ट मिला है। ग्लोबल मार्केट में सोना 2 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है। कामैक्स पर इसमें 1265 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। चांदी में हल्की रिकवरी है, इसके बावजूद ये 18 डॉलर के नीचे है। कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है। ब्रेंट का दाम 52 डॉलर के नीचे आ गया है जबकि नायमैक्स पर ये 50 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है।

गेहूं की सरकारी खरीद 204 लाख टन के पार, यूपी की मंडियों में भाव एमएसपी से नीचे

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2017-18 में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद बढ़कर 204.78 लाख टन की हो गई है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 181.24 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी। पंजाब और हरियाणा से खरीद बराबर बनी हुई है लेकिन उत्तर प्रदेश की मंडियों में जहां एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है, वहां गेहूं 1,450 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की एमएसपी पर अभी तक हुई कुल खरीद में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पंजाब की 88.34 लाख टन की है, जबकि पिछले साल इस समय तक पंजाब से 83.52 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। हरियाणा से एमएसपी पर अभी तक 64.26 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक हरियाणा से 59.27 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी। अनुकूल मौसम से पंजाब के साथ ही हरियाणा और अन्य राज्यों में गेहूं की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता ज्यादा है।
मध्य प्रदेश से चालू रबी विपणन सीजन में अभी तक 42.13 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में मध्य प्रदेश से 33.95 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश से अभी तक 4.81 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य से 1.80 टन गेहूं ही खरीदा गया था। राजस्थान से एमएसपी पर अभी तक 5.13 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 2.62 टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पिछले साल एमएसपी पर पंजाब से 106.94 लाख टन गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार 115 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। इसी तरह से हरियाणा से पिछले साल 67.52 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी जबकि चालू सीजन में खरीद का लक्ष्य 75 लाख टन का है। मध्य प्रदेश से पिछले साल 39.92 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी, जबकि चालू रबी में खरीद का लक्ष्य 85 लाख टन का है। उत्तर प्रदेश से पिछले साल केवल 7.97 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी जबकि चालू रबी में 30 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया है। उधर राजस्थान से पिछले साल एमएसपी पर 7.62 लाख टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि चालू रबी में खरीद का लक्ष्य 17.50 लाख टन का है। ...........आर एस राणा

गेहूं, चना और सरसों के उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरी संभव

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2016-17 में गेहूं का उत्पादन बढ़कर रिकार्ड 980 लाख टन होने का अनुमान है जबकि दूसरे अग्रिम अनुमान में केंद्र सरकार ने 966.4 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया था।
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चालू फसल सीजन में बुवाई में हुई बढ़ोतरी के साथ ही मौसम भी अनुकूल रहा है जिससे इस बार गेहूं का रिकार्ड 980 लाख टन उत्पादन अनुमान है।
चना का उत्पादन भी चालू रबी में 94 से 95 लाख होने का अनुमान है जबकि दूसरे अग्रिम अनुमान में केंद्र सरकार ने 91.2 लाख टन उत्पादन का अनुमान जारी किया था। चना के प्रमुख उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश में चना उत्पादन 43.37 लाख टन, महाराष्ट्र में 17.77 लाख टन, राजस्थान में 13.82 लाख टन और उत्तर प्रदेश में 6.32 लाख टन तथा कर्नाटका में 3.9 लाख टन होने का अनुमान है।
सरसों का उत्पादन भी तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार 80 लाख टन से ज्यादा होने की संभावना है। खरीफ सम्मेलन में कृषि मंत्री ने कहां खाद्यान्न का उत्पादन 2016-17 में 27.19 करोड़ टन होने का अनुमान है।......आर एस राणा