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23 March 2017

अप्रैल के शुरु में गेहूं पर आयात शुल्क संभव -रामविलास पासवान

आर एस राणा
नई दिल्ली। गेहूं के आयात को रोकने के लिए आयात पर शुल्क पर फैसला अप्रैल के पहले सप्ताह में होगा। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं की आवक बढ़ जायेगी, इसलिए आयात शुल्क लगाने का फैसला पहले के पहले सप्ताह में ही लिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि चालू सीजन में गेहूं की पैदावार तो ज्यादा होने का अनुमान है लेकिन हाल ही में कई उत्पादक राज्यों में मौसम खराब हुआ था, जबकि आमतौर पर नई फसल की आवक के समय मौसम खराब हो जाता है इसलिए आयात शुल्क पर फैसला नई फसल की आवक बनने पर लिया जायेगा। सूत्रों के अनुसार गेहूं के आयात पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाया जायेगा।
गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में नए गेहूं की आवक चालू हो गई है तथा मंडियों में गेहूं का भाव 1,550 से 1,650 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। पंजाब, हरियाणा के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में नए गेहूं की आवक अप्रैल में बनेगी। गुजरात और मध्य प्रदेश की मंडियों से गेहूं की एमएसपी पर खरीद चालू हो गई है तथा राजस्थान से एमएसपी पर खरीद भी जल्दी शुरु हो जायेगी। पंजाब, हरियाणा और बिहार की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद अप्रैल से चालू होगी।
चालू रबी विपणन सीजन के लिए केंद्र सरकार ने 330 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य एमएसपी पर तय किया है जबकि पिछले रबी विपणन सीजन में 229.61 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी। कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं का उत्पादन 966.4 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 922.9 लाख टन का हुआ था। हालांकि जानकारों का मानना है पिछले साल गेहूं का उत्पादन केवल 850 से 860 लाख टन का ही हुआ था।...........आर एस राणा

22 March 2017

कॉमैक्स पर फिलहाल ये 1245 डॉलर के पास

ग्लोबल मार्केट में सोना पिछले 3 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर जाने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया है। कॉमैक्स पर फिलहाल ये 1245 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। शुरुआती कारोबार में ये 1247 डॉलर के पार चला गया था। चांदी में भी बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। डॉलर में आज रिकवरी आई है और इसीलिए सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लग गया है।  कच्चे तेल में तेजी देखी जा रही है और नायमैक्स पर क्रूड का दाम 0.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 48 डॉलर के पार चला गया है। ब्रेंट में भी 50 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। अमेरिका में कच्चे तेल का रिकॉर्ड भंडार के बावजूद इसमें तेजी आई है। वहीं लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल में बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। कॉपर में आज भी सुस्ती है। कल घरेलू बाजार में कॉपर का दाम करीब 3 महीने के निचले स्तर पर फिसल गया था। डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की रिकवरी है।

गेहूं आयात पर पहली अप्रैल से लग सकता है आयात शुल्क

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार गेहूं के आयात को रोकने के लिए पहली अप्रैल से इसके आयात पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगा सकती है। चालू रबी में गेहूं का बंपर उत्पादन होने का अनुमान है इसीलिए कृषि मंत्रालय आयात को हत्तोसाहित करने के लिए 25 फीसदी आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव पहले ही संबंधित मंत्रालयों को भेज चुका है।
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उत्पादक राज्यों में नए गेहूं की आवक चालू हो गई है तथा मंडियों में गेहूं का भाव 1,550 से 1,650 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। आगामी दिनों में प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में नए गेहूं की आवक बनेगी, ऐसे में कीमतों में ज्यादा मंदा नहीं आये, इसलिए आयात शुल्क लगाने की सिफारिश कृषि मंत्रालय ने की है।
हालांकि यह सही है कि केंद्र सरकार आयात शुल्क लगाती है तो भी उत्तर प्रदेश और बिहार की मंडियों में गेहूं की आवकों का दबाव बनने पर भाव एमएसपी से नीचे ही रहने की आशंका है, क्योंकि इन राज्यों से गेहूं की एमएसपी पर खरीद सीमित मात्रा में होगी, जबकि दक्षिण भारत की फ्लोर मिलों के पास आयातित गेहूं का स्टॉक होने के कारण इन राज्यों की मांग उत्तर भारत से अप्रैल में कम रहेगी।..........आर एस राणा

खाद्य तेलों के थोक निर्यात को अनुमति दे केंद्र सरकार-उद्योग

आर एस राणा
नई दिल्ली। खरीफ के बाद रबी सीजन में भी तिलहनों की पैदावार में हुई बढ़ोतरी के कारण घरेलू बाजार में तिलहनी फसलों सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के भाव उत्पादक मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसी) से नीचे बने हुए हैं, इसको देखते हुए उद्योग ने केंद्र सरकार से खाद्य तेलों के थोक निर्यात को अनुमति देने की मांग की है।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अध्यक्ष अतुल चर्तुेवेदी के अनुसार उद्योग का एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में पिछले सप्ताह खाद्य सचिव प्रीति सुदान से मिला था, जिसमें खाद्य तेलों के थोक व्यापार को अनुमति देने की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि खाद्य सचिव ने उन्होंने भरोसा दिलाया था, कि मंत्रालय इस पर विचार कर जल्द ही एक कैबिनेट नोट तैयार करेगा।
इस समय खाद्य तेलों में केवल कंजूमर पैक 5 किलो में ही निर्यात की अनुमति है तथा इसमें भी सालाना केवल 10,000 टन तेलो का ही निर्यात किया जा सकता है। अगर केंद्र सरकार खाद्य तेलों के थोक निर्यात को अनुमति देगी तो घरेलू बाजार में तिलहनों के भाव में सुधार आयेगा, जिसका सीधा फायदा किसानों को होगा। उन्होंने बताया कि खरीफ में जहां सोयाबीन और मूंगफली की पैदावार में बढ़ोतरी हुई थी, वहीं रबी में भी सरसों के साथ ही मूंगफली की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है।
चालू रबी की प्रमुख फसल सरसों का एमएसपी केंद्र सरकार ने 3,700 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) तय किया हुआ है जबकि मूंगफली का एमएसपी 4,220 रुपये प्रति क्विंटल (बोनस सहित) है। उत्पादक मंडियों में इनके भाव एमएसपी से नीचे बने हुए हैं।.............आर एस राणा

21 March 2017

कच्चे तेल में गिरावट

कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है और ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट का दाम 51 डॉलर के नीचे आ गया है। नायमैक्स पर भी क्रूड में बिकवाली हावी है।  कल एपीआई की इन्वेंट्री रिपोर्ट आई थी जिसके मुताबिक अमेरिका में क्रूड का भंडार बढ़कर 53 करोड़ 36 लाख बैरल पर पहुंच गया है। पिछले साल जुलाई के बाद से अमेरिका में क्रूड का उत्पादन करीब 8 फीसदी बढ़ गया है। फिलहाल वहां रोजाना करीब 91 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है। ऐसे में क्रूड की कीमतों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि अगले साल ओवर सप्लाई की स्थिति बन सकती है। कल की तेजी के बाद सोने की कीमतें पर ब्रेक लगा गया है। हालांकि कॉमैक्स पर सोना 1240 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। सिर्फ 1 हफ्ते में सोने में करीब 45 डॉलर की तेजी आ चुकी है। दरअसल डॉलर में गिरावट आई है और डॉलर इंडेक्स 100 प्वाइंट के नीचे आ गया है। हालांकि इसके बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर है।

जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में वर्षा होने की संभावना

देश भर में बने मौसमी सिस्टम
उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू कश्मीर पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके प्रभाव से विकसित हुआ हवाओं में चक्रवाती क्षेत्र मध्य पाकिस्तान के ऊपर देखा जा सकता है।
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी पश्चिम बंगाल पर दिखाई दे रहा है।
इस सिस्टम से एक ट्रफ आंतरिक ओड़ीशा, तेलंगाना और रायलसीमा होते हुए आंतरिक तमिलनाडु तक पहुँच रही है।
देश के विभिन्न भागों में दर्ज की गई मौसमी गतिविधियां
बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में कई जगहों पर गरज के साथ बौछारें दर्ज की गई हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और इससे सटे बिहार के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, आंतरिक तमिलनाडु और केरल में कुछ स्थानों पर बारिश देखने को मिली।
देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी का रुझान बना रहा।
आगामी 24 घंटों का मौसमी पूर्वानुमान
जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दक्षिणी तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की जा सकती हैं जबकि आंतरिक तमिलनाडु में एक-दो स्थानों पर ही वर्षा होने के आसार हैं।
दिल्ली और मुंबई में मौसम गर्म तथा शुष्क बना रहेगा।


मूंगफली तेल और तिल तेल के थोक निर्यात को मिल सकती है अनुमति

आर एस राणा
नई दिल्ली। खरीफ के बाद रबी सीजन में भी मूंगफली की पैदावार में हुई बढ़ोतरी से उत्पादक मंडियों में मूंगफली के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे बने हुए हैं, हालांकि गुजरात से नेफैड के माध्यम से सरकार मूंगफली की एमएसपी पर खरीद भी कर रही है लेकिन खरीद सीमित मात्रा में ही हो रही है। ऐसे में कृषि मंत्रालय ने मूंगफली तेल के साथ तिल तेल के थोक निर्यात के लिए एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल को भेजा है।
इस समय केंद्र सकरार ने मूंगफली तेल के कंजूमर पैक में सालाना 10,000 टन तेल के निर्यात की अनुमति दी हुई है जबकि चालू सीजन में खरीफ और रबी सीजन को मिलाकर मूंगफली की पैदावार बढ़कर 84.72 लाख टन होने का अनुमान है तथा पिछले साल इसकी पैदावार 67.33 लाख टन की ही हुई थी। नेफैड एमएसपी पर अभी तक 2.10 लाख टन मूंगफली की खरीद कर चुकी है लेकिन उत्पादन के मुकाबले खरीद सीमित मात्रा में होने के कारण भाव एमएसपी से नीचे बने हुए हैं इसलिए कृषि मंत्रालय मूंगफली तेल के थोक निर्यात को अनुमति दिए जाने के पक्ष में है। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मूंगफल तेल के साथ तिल तेल के थोक निर्यात की अनुमति के मंत्रालय ने एक प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है। उम्मीद इस पर जल्द ही फैसला हो जायेगा। चालू सीजन के लिए केंद्र सरकार ने मूंगफली का एमएसपी 4,120 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है जबकि उत्पादक मंडियों में मूंगफली के दाम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे बने हुए हैं।
मूंगफली तेल के थोक निर्यात को अनुमति मिली तो घरेलू मंडियों में मूंगफली की कीमतों में सुधार आयेगा। केंद्र सरकार मूंगफली दाने के निर्यात को अनुमति दी हुई है तथा चालू वित्त वर्ष 2016-17 के पहले 10 महीनों अप्रैल से जनवरी के दौरान मूंगफली दाने का निर्यात बढ़कर 5.74 लाख टन का हो चुका है जबकि वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 4.32 लाख टन का ही हुआ था।...............आर एस राणा