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20 January 2017

गुजरात में कपास उत्पादन 12 फीसदी होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2016-17 में गुजरात में कपास का उत्पादन 12 फीसदी बढ़कर 84.71 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलोग्राम) होने का अनुमान है जबकि पिछले साल राज्य में कपास का 75.40 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था।............आर एस राणा

दलहन की बुवाई रिकार्ड स्तर पर, गेहूं की रिकार्ड के पास

तिलहन की बुवाई भी बढ़ी, मोटे अनाजों के साथ धान की रौपाई कम
आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां दलहन की रिकार्ड बुवाई 157.68 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है वहीं गेहूं की बुवाई बढ़कर 313.14 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जोकि फसल सीजन 2013 के रिकार्ड स्तर 313.69 लाख हैक्टेयर से थोड़ा कम है। गेहूं, दलहन के साथ ही तिलहनों की बुवाई में भी चालू रबी में बढ़ोतरी है लेकिन मोटे अनाजों के साथ ही धान की रौपाई अभी भी पिछड़ रही है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी सीजन में अभी तक देशभर में 628.34 लाख हैक्टेयर में फसलों की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुवाई 592.36 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। मंत्रालय के अनुसार रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई बढ़कर 313.14 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 291.97 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। चालू रबी फसलों की बुवाई में हुई बढ़ोतरी से गेहूं और दलहन की रिकार्ड पैदावार होने का अनुमान है।
रबी दहलन की बुवाई चालू सीजन में रिकार्ड 157.68 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 142.01 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। इससे पहले दलहन की रिकार्ड बुवाई 2013 में 152.29 लाख हैक्टेयर में हुई थी। रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुवाई रिकार्ड 98.39 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 89.08 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। मसूर की बुवाई भी बढ़कर चालू रबी में अभी तक 16.60 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 13.68 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। मटर की बुवाई भी चालू रबी में बढ़कर 11.21 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 9.57 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
रबी तिलहनों की बुवाई चालू सीजन में अभी तक 81.91 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 76.46 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई 70.08 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 63.48 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। मूंगफली की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 4.66 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 4.40 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी।
चालू रबी में मोटे अनाजों की बुवाई अभी भी पिछे चल रही है, अभी तक देषभर में केवल 56.25 लाख हैक्टेयर में ही मोटे अनाजों की बुवाई हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 59.47 लाख हैक्टेयर में इनकी बुवाई हो चुकी थी। मोटे अनाजों में सबसे ज्यादा कमी ज्वार की बुवाई में आई है। ज्वार की बुवाई चालू रबी में अभी तक केवल 31.76 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 36.94 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। रबी मक्का की बुवाई भी चालू सीजन में अभी तक 15.71 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 14.22 लख हैक्टेयर में इसकी बुवाई हुई थी। जौ की बुवाई चालू रबी में 8.12 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 7.46 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। धान की रोपाई चालू रबी में अभी तक केवल 19.36 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 22.45 लाख हैक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी।.............आर एस राणा

19 January 2017

डॉलर दबाव में इससे रुपये को सपोर्ट

ट्रंप की आज ताजपोशी है। आज वे कामकाज संभालेंगे और इस पूरे इवेंट पर बाजार की नजर टिकी हुई है। ग्लोबल मार्केट में सोना जहां 2 महीने की ऊंचाई के पास है वहीं चांदी भी 17 डॉलर के ऊपर टिकने में कामयाब है। नजर डॉलर की चाल पर है वैसे ट्रंप की जीत के बाद डॉलर करीब 4 फीसदी मजबूत होकर थोड़ा सा नीचे आया है। माना ये जा रहा है कि ट्रंप अमेरिकी एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे सकते हैं क्योंकि वहां नौकरियां बढ़ाने के लिए उन्हें ऐसा करना जरूरी होगा। लेकिन ऐसा करने के लिए डॉलर पर काबू पाना जरुरी होगा क्योंकि डॉलर में ज्यादा तेजी से उनका ग्रोथ प्लान बिगड़ सकता है। ऐसी स्थिति में डॉलर में अगर दबाव बनता है तो सोने के लिए से पॉजिटिव होगा और इसीलिए पिछले दिनों डॉलर में आई गिरावट से सोना 2 महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया था। डॉलर में नरमी सिर्फ सोने के लिए ही नहीं बल्कि, चांदी और कच्चे तेल को भी सपोर्ट करेगी।  आज डॉलर में दबाव है और इससे रुपये को सपोर्ट मिला है।

गुजरात में केस्टर सीड की पैदावार 75 फीसदी बढ़ने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में चालू सीजन में केस्टर सीड की पैदावार पहले अनुमान के मुकाबले 75 फीसदी ज्यादा होने का अनुमान लगाया है। सरकार द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य में 14.20 लाख टन केस्टर सीड का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि सितंबर में जारी किए गए पहले अनुमान में केस्टर सीड का उत्पादन केवल 8.10 लाख टन होने का अनुमान लगाया था। सूत्रों के अनुसान उत्पादन अनुमान में हुई भारी बढ़ोरती का असर इसकी कीमतों पर देखने को मिल सकता है। गुजरात की दिसा मंडी में बुधवार को केस्टर सीड का भाव 3,950 रुपये प्रति क्विंटल है।
राज्य सरकार ने सितंबर में जब पहला अनुमान जारी किया गया था तब राज्य में 4 लाख हैक्टेयर में केस्टर सीड की बुवाई होने की बात कहीं गई थी, लेकिन हाल ही में जारी बुवाई आंकड़ो के अनुसार राज्य में केस्टर सीड की बुवाई 6.39 लाख हैक्टेयर में होने की बात कहीं गई है।
इस साल इसकी प्रति हैक्टेयर उत्पादकता भी बढ़कर 2,222 किलो होने का अनुमान लगाया गया है जबकि पिछले साल इसकी उत्पादकता 2,025 किलो की हुई थी।......आर एस राणा

गुजरात में जीरा की पैदावार 11 फीसदी कम होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2016-19 में गुजरात में जीरा का उत्पादन 11 फीसदी घटकर 2.12 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल राज्य में इसका उत्पादन 2.38 लाख टन का हुआ था।
चालू सीजन में गुजरात में जीरा की बुवाई 2.79 लाख हैक्टेयर में होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसकी बुवाई 2.86 लाख हैक्टेयर में हुई थी। चालू सीजन में जीरा की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता घटकर 761 किलो होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 833 किलो प्रति हैक्टेयर जीरा का उत्पादन हुआ था।......आर एस राणा

आवक कम होने से कपास की कीमतों में आगे और तेजी संभव

आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्पादक मंडियों में कपास की कीमतों में गत सप्ताह के अािखर में आई गिरावट का असर इसकी दैनिक आवकों पर पड़ा है, जबकि निर्यातकों ने दिसंबर-जनवरी के जो निर्यात सौदे किए हुए हैं, उनकी शिपमेंट के लिए खरीद बनी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि कपास की मौजूदा कीमतों में और भी 1,500 से 2,000 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) की तेजी आ सकती है। अहमदाबाद में गुरुवार को शंकर-6 किस्म की कपास के भाव 40,600 से 41,000 रुपये प्रति कैंडी रहे।
कपास की दैनिक आवक इस समय 1.50 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) की हो रही हैं जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी दैनिक आवक 2 लाख गांठ से ज्यादा की हो रही थी। कपास की दैनिक आवक कम हो रही है, जबकि निर्यातकों ने दिसंबर-जनवरी के निर्यात सौदे ज्यादा मात्रा में किए हुए हैं, इसलिए निर्यातकों को उंचे भाव में रुई की खरीद करनी पड़ रही है।
कपास के एक निर्यात ने बताया कि घरेलू बाजार में कीमतों में आई तेजी के कारण फरवरी-मार्च के निर्यात अनुंबध कम मात्रा में किए जा रहे हैं, इसलिए जनवरी के आखिर तक भाव तेज रह सकत हैं। फरवरी-मार्च में उत्पादक मंडियों में दैनिक आवक बढ़ने का अनुमान है जबकि निर्यात सौदे कम मात्रा में होंगे, तो भाव में मध्य फरवरी के बाद गिरावट आ सकती है। वैसे भी चालू सीजन में कपास की पैदावार पिछले साल की तुलना में ज्यादा होने का अनुमान है जबकि निर्यात पिछले साल के मुकाबले कम रहेगा। उत्पादक मंडियों में कपास के भाव 1,100 से 1,160 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम हैं।
सूत्रों के अनुसार उंचे भाव होने के कारण यार्न मिलों की मांग भी कम हुई है, तथा यार्न मिलों नीचे भाव में आने पर ही कपास की खरीद करेंगे।..............आर एस राणा

18 January 2017

सोना ग्लोबल मार्केट में 1200 डॉलर के नीचे

सोना 2 महीने के ऊपरी स्तर से फिसल गया है और ग्लोबल मार्केट में इसका दाम 1200 डॉलर के नीचे का भी स्तर छू चुका है। कल फेड चेयरमैन अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दिया और इसके बाद से ही डॉलर में रिकवरी शुरू हो गई है, ऐसे में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। वहीं चांदी में भी गिरावट आई है और कॉमैक्स पर ये 17 डॉलर के भी नीचे का स्तर छू चुकी है, हालांकि अब निचले स्तरों से रिकवरी भी शुरू हो गई है। कल की भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल में तेजी आई है और इसका दाम ग्लोबल मार्केट में करीब 1 फीसदी बढ़ गया है। कल नायमैक्स पर क्रूड का दाम 51 डॉलर के भी नीचे फिसल गया था, जो पिछले एक हफ्ते का निचला स्तर था। आज अमेरिका में कच्चे तेल की भंडारण रिपोर्ट भी आएगी, जिस पर बाजार की नजर बनी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बढ़ गई है और 1 डॉलर की कीमत 68.20 रुपये के पार चली गई है।