19 March 2012
खाद्य सब्सिडी में मामूली इजाफा
भारतीय खाद्य निगम को 10,000 करोड़ रुपये दिए जाने से संकेत मिलता है कि खरीद, भंडारण और इसे संभालने की खातिर निगम के नकदी प्रवाह की जरूरतों की खातिर मौजूदा वित्त वर्ष के मुकाबले इसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की दरकार शायद नहीं थी।
हालांकि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट भाषण में आश्वस्त किया है कि उनका मंत्रालय इस कानून को लागू करने के लिए जरूरी सब्सिडी उपलब्ध कराएगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम विश्लेषण में शायद ही ऐसा देखने को मिले।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा - अगले उनकी योजना वित्त वर्ष के आखिर तक खाद्य सुरक्षा कानून (जिसमें महज गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा) को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की है तो केंद्रीय भंडार में इसके लिए पर्याप्त अनाज है। 1 मार्च 2012 को निगम के केंद्रीय भंडार में 550 लाख टन अनाज था, जो खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने के लिए अनुमानित अनाज से महज 90-100 लाख टन कम है। इसकी भरपाई मौजूदा खरीद सीजन में गेहूं के जरिए आसानी से की जा सकती है, जो देश के कुछ हिस्से में शुरू हो चुका है। इस साल रिकॉर्ड 880 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। इस साल के बजट में पहली बार राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय खाद्य आयोगों की स्थापना के लिए 50 लाख रुपये रखे गए हैं, साथ ही उचित मूल्य की दुकानों व गोदामों की स्थापना के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ये दोनों चीजें विधेयक के मसौदे का हिस्सा है। हालांकि गहन कोशिशों के बावजूद क्या आगामी वित्त वर्ष में इसे वास्तव में लागू किया जा सकता है।
खाद्य विधेयक फिलहाल संसद की स्थायी समिति के पास है, जो शायद ही मौजूदा बजट सत्र के दौरान अपनी सिफारिशें दे पाएगी। वास्तव में खाद्य मंत्री के वी थॉमस ने हाल में कहा था कि खाद्य विधेयक मौजूदा बजट सत्र में शायद ही पारित हो पाएगा क्योंकि राज्यों के साथ विचार-विमर्श पूरा नहीं हो पाया है। विधेयक के मौजूदा स्वरूप का नागरिक समाज के साथ-साथ राज्य सरकारों ने भी विरोध किया है। जिन्हें लगता है कि इन चीजों से गरीबों के बीच सस्ते अनाज के वितरण के लिए कानून बनाने का उनका अधिकार छिन जाएगा।
सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना का काम जुलाई 2012 से पहले पूरा नहीं हो पाएगा। इसके जरिए गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वास्तविक लाभार्थी की पहचान होगी। संसद का मॉनसून सत्र जुलाई के आखिर में या फिर अगस्त में शुरू होने की संभावना है, लिहाजा स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर विधेयक फिर से तैयार करने के लिए सरकार के पास काफी कम समय बचेगा। आमसहमति पर पहुंचने के लिए खाद्य मंत्रालय ने प्राथमिकता वाले और सामान्य श्रेणी के परिवारों को एक साथ जोडऩे का प्रस्ताव रखा है और राज्यों को इस अधिनियम के तहत गरीबों की पहचान करने का अधिकार देने की बात कही है। (BS Hindi)
भंडारण कंपनियों ने किया आवंटन राशि में बढ़ोतरी का स्वागत
साल 2012-13 के केंद्रीय बजट में मंत्री ने भंडारण की नई क्षमता के निर्माण की खातिर 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है जबकि पिछले साल के बजट में इस मद में 2000 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। पिछले एक साल में सरकार ने 20 लाख टन भंडारण की अतिरिक्त क्षमता को मंजूरी दी है, जिसके जल्द ही पूरा होने की संभावना है। 50 लाख टन भंडारण क्षमता पर भी जल्द सरकारी मंजूरी मिलने वाली है।
नैशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन (एनबीएचसी) के प्रबंध निदेशक अनिल चौधरी ने कहा - देश में भंडारण क्षमता की किल्लत को देखते हुए ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष के तहत परिव्यय में भारी बढ़ोतरी वास्तव में समय पर उठाया गया कदम है। खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ोतरी और खाद्य सुरक्षा विधेयक को देखते हुए यह कदम गोदामों का निर्माण उचित दरों पर करने में निवेशकों की मदद करेगा।
कटाई के बाद अनाज के प्रबंधन में सरकारी जोर को देखते हुए सभी मामलों मसलन परिवहन, भंडारण और इसे संभालने पर निजी उद्यमियों की सहभागिता बढ़ेगी। मौजूदा समय में कटाई के बाद कुल सालाना उत्पादन का करीब 25 फीसदी हिस्सा बर्बाद होने का अनुमान है।
उचित लागत पर ज्यादा कोष की दरकार और आरआईडीएफ के आवंटन को देखते हुए वाणिज्यिक बैंकों की तरफ से भी गोदामों के निर्माण में कर्ज के तौर पर सहयोग की दरकार होगी क्योंकि गोदामों का कामकाज मौसमी और कम प्रतिफल वाला कारोबार होता है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के नियम के तहत ऐसे कर्ज कृषि ऋण की श्रेणी में आएंगे। इससे बैंक अपनी ब्याज दरों में भारी कटौती करने में सक्षम होंगी और जरूरत के मुताबिक इस क्षेत्र में निवेश हो सकेगा।
ए. इंटरनैशनल लिमिटेड के सीएमडी एस मित्तल ने कहा - बजट में हालांकि अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू लॉजिस्टिक लागत पर कुछ नहीं कहा गया है, जो जीडीपी का करीब 14 फीसदी है। प्रणव मुखर्जी के मुताबिक, जीडीपी की विकास दर आने वाले सालोंं में 7.6 फीसदी रहने की संभावना है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि लॉजिस्टिक के मौजूदा ढांचे में यह विकास दर कैसे हासिल होगी, खास तौर से सड़क व रेलवे के बुनियादी ढांचे के देखते हुए। हालांकि सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास में पीपीपी की बात की, लेकिन इस संबंध में कोई रोडमैप नहीं दिया गया। (BS Hindi)
सरकार ने नहीं मानी बात तो संसद का घेराव करेंगे जौहरी
तीखे होते जा रहे हैं। उनका
कहना है कि शुल्क वापस नहीं लिया गया तो दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा। उधर, वित्त मंत्री ने कहा है कि इस तरह के दबाव का कोई फायदा नहीं है।
वित्त मंत्री ने इस बार आम बजट में गैर ब्रांडेड स्वर्णाभूषणों पर 1 फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने की बात कही है, जिसके बाद बड़े शोरूम ही नहीं छोटे जौहरियों से भी जेवरात खरीदना महंगा हो जाएगा। इस प्रस्ताव को वापस लेने के लिए शनिवार से ही सर्राफा कारोबारियों ने 3 दिन का बंद शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया जेम्स ऐंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के चेयरमैन बच्छराज बमालवा ने कहा कि छोटे कारोबारियों को प्रभावित करने वाला यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बंद में हिस्सा ले रहे कारोबारियों ने कहा कि प्रस्ताव वापस नहीं होने पर बंद आगे बढ़ाने के साथ संसद घेरने के लिए दिल्ली कूच भी किया जाएगा।
बजट में स्टैंडर्ड सोने की छड़ और गिन्नी तथा प्लेटिनम पर सीमा शुल्क 2 से बढ़ाकर 4 फीसदी करने तथा गैर स्टैंडर्ड सोने पर 5 से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का प्रस्ताव पेश किया गया। उद्योग जानकारों के मुताबिक इससे सोना 3 से 4 फीसदी महंगा हो जाएगा। मुंबई बुलियन एसोसिएशन के सुरेश हुंडिया ने कहा, 'उत्पाद शुल्क विभाग इसे आधार बनाकर छोटे कारोबारियों को परेशान कर सकता है।' मुंबई ज्वैलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कुमार जैन के मुताबिक इससे सोने की तस्करी भी शुरू हो सकती है क्योंकि उस रास्ते आया 10 ग्राम सोना 2,000 रुपये सस्ता पड़ेगा और कारोबारी तस्करों से ही सोना खरीदेंगे, जो कारोबारियों, समाज और देश के हित में नहीं होगा। (BS HIndi)
सर्दी लंबी खिंचने से गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होना संभव
मौजूदा रबी के सीजन में सर्दी का सीजन लंबा खिंचने का फायदा गेहूं की फसल मिलेगा। मार्च तक भी मौसम में ठंडक रहने से गेहूं की नई फसल की उत्पादकता बढऩे की संभावना है। हालांकि अगले दस-पंद्रह दिन गेहूं की फसल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर इस दौरान मौसम अनुकूल रहा तो गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन 900 लाख टन से भी ज्यादा हो सकता है। लेकिन सर्दी के लंबे सीजन की वजह से नई फसल के गेहूं की आवक में कुछेक राज्यों में एक-दो सप्ताह की देरी होने की संभावना है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) की संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. एम. ददलानी ने बताया कि इस बार सर्दी का सीजन लंबा रहा है। इससे गेहूं की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता बढ़ेगी, इससे किसानों को फायदा होगा। हालांकि इस बार सर्दियों की बारिश नहीं हुई लेकिन गेहूं की बुवाई सिंचिंत क्षेत्रों में ही ज्यादा होती है इसीलिए इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगले दस-पंद्रह दिनों तक मौसम अनुकूल रहा तो रबी में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन 900 लाख टन तक पहुंच सकता है।
कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी में गेहूं के बुवाई क्षेत्रफल में हुई बढ़ोतरी से गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन 883.1 लाख टन होने का अनुमान है। पिछले साल गेहूं का उत्पादन 868.7 लाख टन का उत्पादन हुआ था। चालू रबी में गेहूं की बुवाई 296 लाख हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में हुई है। केंद्रीय पूल में पहली मार्च को गेहूं का बंपर स्टॉक 212.55 लाख टन का बचा हुआ है।
मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में नए गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में नई फसल की आवक मध्य अप्रैल तक शुरू होने की संभावना है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने मध्य प्रदेश में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू कर दी है तथा उत्तर भारत के राज्यों में पहली अप्रैल से शुरू करने की योजना है।
चालू गेहूं विपणन सीजन 2012-13 के लिए एफसीआई ने गेहूं की खरीद का लक्ष्य 12.5 फीसदी बढ़ाकर 318.9 लाख टन तय किया है। जबकि पिछले विपणन सीजन में 281.44 लाख टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर की गई थी। विपणन सीजन 2012-13 के गेहूं का एमएसपी बढ़ाकर 1,285 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। (Business Bhaskar....R S Rana)
17 March 2012
स्वर्ण आभूषणों पर उत्पाद शुल्क, बंद रहेगा सराफा
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद में पेश 2012-13 के आम बजट में गैर ब्रांडेड स्वर्ण आभूषणों पर एक फीसद उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया जिससे अब अपेक्षाकृत छोटे जौहरियों से भी जेवरात लेना महंगा होगा।
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के चेयरमैन बच्छराज बमालवा ने कहा कि सरकार ने गैर ब्रांडेड आभूषणों पर भी एक फीसद का उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है, जिससे छोटे सराफा कारोबारी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ देश भर के सर्राफा कारोबारी तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
फेडरेशन की दिल्लीClick here to see more news from this city इकाई के चेयरमैन विजय खन्ना ने कहा कि वित्त मंत्री के इस फैसले से छोटे सर्राफा कारोबारियों की कमर टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव भी ऐसे हैं जो सर्राफा कारोबार के हित में नहीं हैं।
खन्ना ने कहा कि तीन दिन के कारोबार बंद के बाद भी यदि सरकार ने इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया तो हम आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति बनाएंगे।
सोने पर शुल्क बढ़ाने के विरोध में हड़ताल पर सोना व्यापारी
मुंबई। आम बजट को लेकर अब नाराजगी बढ़ने लगी है। इसके विरोध में सोना व्यापारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं।
सोना व्यापारी सोने के आयात शुल्क में बढ़ोतरी से बेहद नाराज हैं। विरोध में सोना व्यापारी तीन दिन तक हड़ताल पर हैं। हड़ताल का ऐलान ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन ने किया था।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट में सोने पर आयात शुल्क 2 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी करने का ऐलान किया है।
16 March 2012
देखें आम बजट 2012 की झलकियां
- सड़क संपर्क में सुधार करने के लिए पीएमजीएसवाई के लिए आवंटन 20 फीसद बढ़ाकर 24,000 करोड़ रुपए किया गया।
- राजीव गांधी पंचार सशक्तीकरण अभियान के जरिए पंचायतों के सुदृढ़ीकरण के लिए बड़ी पहल की जाएगी।
- पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना 2011-12 के बजट अनुमान की तुलना में 22 फीसद की वृद्धि के साथ 2012-13 में 12,040
-करोड़ रुपए के अपेक्षाकृत अधिक आवंटन से बारहवीं योजना में चलती रहेगी।
- आरआईडीएफ के अंतरर्गत आवंटन बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपए किया गया।
- वेयरहाउस सुविधाओं के लिए 5,000 करोड़ रुपए अलग रखे गए।
शिक्षा क्षेत्र के लिए योजनाए
- शिक्षा का अधिकार- सर्व शिक्षा अभियान के लिए 2012-13 के बजट अनुमान में 25,555 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए जो 2011-12 के मुकाबले 21.7 फीसद अधिक है।
- बारहवीं योजना में माडले स्कूलों के रूप में ब्लाक स्तर पर 6,000 स्कूलों की स्थापना होगी।
- राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 3,124 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- छात्रों के लिए बेहतर रिऋ प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए एक रिण गारंटी निधि स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।
स्वास्थ क्षेत्र के लिए योजनाए
- पिछले एक साल में पोलियो के एक भी नए मामले की सूचना नहीं है।
- मौजूदा टीका इकाइयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और चेन्नई के पास एक नई एकीकृत टीका इकाई लगाई जाएगी।
- आशा कार्यकर्ताओं के कार्यक्षेत्र का विस्तार, पारिश्रमिक भी बढ़ जाएगा।
- एनआरएचएम के लिए आवंटन 18,115 करोड़ रुपए (2011-12) से बढ़ाकर 20,822 करोड़ रुपए किया गया।
- राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन शुरू किया जा रहा है।
- मनरेगा का आजीविका सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
- मनरेगा और कृषि व संबद्ध ग्रामीण आजीविकाओं के बीच बेहतर सहयोग करने की जरूरत।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 3,915 करोड़ रुपए का आवंटन।
यूआईडी मिशन
यूआईडी मिशन के तहत 20 करोड़ व्यक्तियों का नामांकन किया गया। अन्य 40 करोड़ लोगों का नामांकन पूरा करने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया
जाएगा। संसद के चालू सत्र में कालेधन पर श्वेत पत्र लाने का प्रस्ताव सरकारी अधिप्राप्ति कानून के संबंध में विधेयक संसद के बजट सत्र में लाया जाएगा। भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिनियम के विभिन्न चरणों में कानूनी उपाय किए जा रहे हैं।
- सकल कर प्राप्तियां 10,77,612 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
- केन्द्र को शुद्ध कर संग्रह 7,71,071 करोड़ रुपये होने का अनुमान।
- कर से अलग प्राप्तियां 1,64,614 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
- त्रण से अलग प्राप्तियां 41,650 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
- सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए विनिवेश से प्राप्तियों का इस्तेमाल करने की अस्थायी व्यवस्था एक वर्ष के लिए बढ़ाई गई।
- वर्ष 2012-13 के लिए कुल व्यय के संबंध में 14,90,925 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था।
- वर्ष 2012-13 का गैर-योजनागत व्यय 5,21,025 करोड़ रुपये जो 2011-12 के मुकाबले 18 प्रतिशत अधिक है।
- 11वीं योजना में कुल गैर-योजनागत व्यय का 99 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया गया।
- गैर-योजनागत व्यय 9,69,900 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सब्सिडी की संपूर्ण राशि नकद में दी जाएगी।
- संशोधित अनुमान में 2011-12 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.9 प्रतिशत रहेगा।
- बजट अनुमान में 2012-13 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहेगा।
- वर्ष 2012-13 में घाटे के वित्त पोषण के लिए बाजार से 4.79 लाख करोड़ रुपये उधारी जुटाने का लक्ष्य।
- 2012-13 में प्रभावी राजस्व घाटा जीडीपी का 1.8 प्रतिशत रहने का अनुमान।
उत्पाद शुल्क
- उत्पाद शुल्क-सीवीडी से पूरी छूट के साथ पांच फीसद के रियायती सीमा शुल्क के छह निर्दिष्ट जीवन रक्षक औषधियों-वैक्सीन पर विस्तार का प्रस्ताव।
- महिलाओं और बच्चों में प्रोटीन कमी दूर करने के लिए सोया उत्पादों पर बुनियादी सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क घटाया गया।
- आयोडीन पर बुनियादी सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क घटाया गया।
- प्रोबायोटिक्स पर बुनयादी सीमा शुल्क घटाया गया।
- उर्जा बचत उपकरणों, सौर तापीय परियोजनाओं के लिए आवश्यक संयंत्र और उपस्कर के लिए रियायतों और छूट का प्रस्ताव
- हाईब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहन और ऐसे वाहनों के लिए बैटरी पैकों के विनिर्माण के लिए कुछ मदों पर बुनियादी सीमा शुल्क और विशेष सीवीडी से
रियायत को विस्तार किया जा रहा है।
- सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं के आयात पर बुनयादी सीमाशुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव
- कुछ सिगरेट, हाथ से बनी बीड़ी, पान मसाला, गुटका, चबाने वाले तंबाकू, अविनिर्मित तंबाकू और जर्दा सुगंधित तंबाकू जैसे हानिकारक उत्पादों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया।
- बड़ी कारों-एमयूवी-एसयूवी की पूरी तरह निर्मित इकाईयों की कुछ श्रेणियों के लिए बुनियादी सीमा शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव
- पैकेज युक्त सीमेंट के लिए उत्पाद शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।
- ब्रांडेड चांदी के आभूषणों को उत्पाद शुल्क मुक्त रखा गया है।
- सीमाशुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क संबंधी प्रस्तावों से 27,280 करोड़ रुपए का निवल राजस्व लाभ होगा।
- अप्रत्यक्ष करों से 45,940 करोड़ रुपए का निवल राजस्व लाभ होने का अनुमान है।
- विभन्न कराधान प्रस्तावों के कारण बजट में 41,440 करोड़ रुपए निवल लाभ होगा।
वित्त वर्ष 2012-13
- वित्त वर्ष 2012-13 में विनिवेश के जरिये 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य।
- सरकार के पास कम-से-कम 51 प्रतिशत का स्वामित्व और प्रबंधन रहेगा।
- सरकार बहु-ब्रांड खुदरा व्यापार में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के निर्णय के संबंध में राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर सहमति बनाने की कोशिश करेगी।
- शेयर में 50,000 रुपये तक के निवेश करने वाले नये खुदरा निवेशक के लिये 50 प्रतिश्यात की आयकर कटौती के लिये राजीव गांधी इक्विटी
बचत योजना शुरू करने के प्रस्ताव। इसे बेचने पर तीन साल की पाबंदी होगी। यह छूट उन खुदरा निवेशकों को मिलेगी जिनकी आय 10 लाख रुपये
से कम है।
- बजट सत्र में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण विधेयक, 2011, बैंकिंग विधि (संशोधन) विधेयक, 2011 और बीमा विधि (संशोधन) विधेयक, 2008 में संशोधन लाया जाएगा।
- संसद के बजट सत्र में वित्तीय क्षेत्र में विधायी सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये विभिन्न विधेयक लाने का प्रस्ताव।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की वित्त्ीय स्थिति मजबूत करने इरादे से पूंजीकरण के लिये 15,888 करोड़ रुपये दिये जाने का
प्रस्ताव। ....
- पंजीकरण और आंकड़ों की बहुलता से बचने के लिये 2012-13 में एक केंद्रीय डिपोजिट्री अपने ग्राहक को जानो विकसित करने का प्रस्ताव।
कृषि तथा सहकारिता विभाग
- सिडबी के साथ 5,000 करोड़ रुपये भारतीय अवसर उपक्रम निधि की स्थापना होगी।
- कृषि तथा सहकारिता विभाग के लिए आयोजना परिव्यय में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीआई) के लिए परिव्यय 17 प्रतिशत बढ़ाकर 9,217 करोड़ रुपये। ...
- पूर्वोत्तर भारत हरित क्रांति योजना के तहत आवंटन 400 करोड़ से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव।
- कृषि रिण वितरण लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 5.75 लाख करोड़ रुपये किया गया।
- किसानों को प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत ब्याज पर अल्पवधि फसल रिऋ के लिए ब्याज आर्थिक सहायता योजना 2012-13 मंे जारी रहेगी।
वित्त वर्ष 2012-13 के आम बजट की मुख्य बातें
- व्यक्तिक आयकर छूट की सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़कर 2 लाख रुपये करने का प्रस्ताव। सामान्य श्रेणी के करदाताओं को होगा 2,000
रुपये का फायदा।
- आयकर के लिए डीटीसी दरों को शुरू करने का प्रस्ताव।
- बचत बैंक खातों से मिलने वाले ब्याज पर 10,000 रुपये की कर मुक्तता का प्रस्ताव।
- 20 प्रतिशत कर स्लैब की उपरी सीमा 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव।
- निवारक जांच चिकित्सा के लिए 5,000 रुपये की कटौती का प्रस्ताव।
- ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिन्हें कारोबार से आमदनी नहीं है, को अग्रिम कर भुगतान से छूट मिलेगी। -
- इन हाउस सुविधा में शोध एवं विकास व्यय के लिए 200 प्रतिशत की भारित कटौती को 31 मार्च, 2012 के बाद अगले पांच साल के लिए
बढ़ाए जाने का प्रस्ताव।
- कृषि विस्तार सेवाओं पर किए गए व्यय 150 प्रतिशत की भारित कटौती का प्रस्ताव।
- विनिर्माण क्षेत्र में दक्षता विकास पर किए गए व्यय पर 150 प्रतिशत भारित कटौती का प्रस्ताव।
- प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से 4,500 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान।
- वर्ष 2011-12 में सही मायनों में जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
- पिछले दो वर्षों की तुलना में आर्थिक वृद्धि दर में नरमी की मुख्य वजह औद्योगिक वृद्धि दर में गिरावट है।
- सकल मुद्रास्फीति में अगले कुछ महीनों में कमी आने और उसके बाद इसमें स्थिरता आने की उम्मीद है।
- वितरण, भंडारण व विपणन प्रणालियों में अंतर पाटने के लिए उठाए गए कदमों से महंगाई पर काबू पाने में मदद मिली है।
- चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में निर्यात-आयात बाजार में विविधीकरण लाए जाने के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।
- वर्ष 2011-12 में चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.6 प्रतिशत और दूसरी व तीसरी तिमाहियों में घटे हुए निवल पूंजी
अंत: प्रवाह से विनिमय दर पर असर पड़ा।
- वर्ष 2012-13 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत (0.25 प्रतिशत कम या बेसी) रहने की संभावना है।
- प्रत्यक्ष कर राजस्व में कमी और बढ़ी हुई सब्सिडी के कारण 2011-12 में राजकोषीय शेष की खराब स्थिति
- पुरस्कारों सहित अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए 200 करोड़ रुपए की राशि अलग से रही गई है।
- सिंचाई परियोजनाओं में निवेश से लाभों के प्रवाह को अधिकतम करने के लिए त्वरित सिंचाई प्रसुविधा कार्यक्रम (एआईबीपी) में ढांचागत परिवर्तन
- वर्ष 2012-13 में एआईबीपी के लिए आवंटन 13 प्रतिशत बढ़ाकर 14,242 करोड़ रुपए किया गया।
- सिंचाई परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु बड़े संसाधन जुटाने के लिए सिचाई और जल संसाधन वित्त कंपनी शुरू की जा रही है।
- मुर्शिदाबाद जिले के कंटी उप-मंडल के लिए 439 करोड़ रुप्ए की लागत से गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग द्वारा अनुमोदित बाढ़ प्रबंधन परियोजना।
- राज्य सरकारों के सहयोग से 2012-13 में नई केंद्रीय योजना राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन शुरू किया जाएगा
- देश में अतिरिक्त खाद्यान्य भंडारण क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
- वर्ष 2012-13 के बजट अनुमान में जनजातीय उप-आयोजना के लिए 21,710 करोड़ रुपए का आवंटन जो पहले की मुकाबले 17.6
फीसद अधिक है।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 संसद की स्थाई समिति के पास है।
- पीडीएस के कंप्यूटरीकरण के लिए राष्ट्रीय सूचना सुविधा तैयार की जा रही है। यह दिसंबर 2012 तक शुरू होगी।
- वर्ष 2012-13 के दौरान 200 उच्च भार वाले चुनिंदा जिलों में जच्चा कुपोषण के समाधान बहु-क्षेत्र कार्यक्रम - एकीकृत बाल विकास योजना
के लिए 15,850 करोड़ रुपए का आवंटन जो 2011-12 के मुकाबले 58 फीसद अधिक है।
- विद्यालयों में राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए 11,937 करोड़ रुपए का आवंटन - किशोरियों के लिए राजीव गांधी अधिकारिता योजना
(सबला) के लिए 750 करोड़ रुपए का आवंटन।
- ग्रामीण पेय जल और स्वच्छता के लिए बजटीय आवंटन 27 फीसद बढ़ाकर 11,000 करोड़ रुपए से 14,000 करोड़ रुपए किया गया।
एनएचडीपी, आवास परियोजना
- अगले साल एनएचडीपी के तहत 8,800 किलोमीटर सड़क को लाने का प्रस्ताव।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का आवंटन 14 प्रतिशत बढ़कर 25,360 करोड़ रुपये हुआ।
- घरेलू एयरलाइंस में विदेशी एयरलाइंस को 49 प्रतिशत तक की भागीदारी की अनुमति का प्रस्ताव।
- बड़े शहरों में कम आय वर्ग के लिए घर उपलब्ध कराने के लिए कई प्रस्ताव।
- कम लागत की आवास परियोजनाओं के लिए ईसीवी की अनुमति और के्रडिट गारंटी ट्रस्ट फंड की स्थापना।
- हथकरघा बुनकरों के कर्ज को माफ करने तथा उनकी सहकारी सोसायटियों के लिए 3,884 करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज का प्रस्ताव।
- मिजोरम, नगालैंड और झारखंड में गरीब हथकरघा बुनकरों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तीन बनुकर सेवा केंद्र बनेंगे।
- महाराष्ट्र में 70 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ इचाल-करणजी में विद्युत करघा मेगा कलस्टर की स्थापना की जाएगी।
- सुदृढ़ राजकोषीय स्थिति के लिए सेवा कर की दर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव।
- कुछ क्षेत्रों के लिए सेवा कर से छूट का प्रस्ताव।
- नकारात्मक सूची की 17 सेवाओं को छोड़कर सभी को कर दायरे में लाने का प्रस्ताव।
- सेवा कर नियम को 40 प्रतिशत छोटा किया जाएगा।
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर की साझी कर संहिता की संभावना की जांच के लिए अध्ययन दल।
- सेवा कर प्रस्तावों से 18,600 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व का अनुमान।
- राजकोषीय पुनर्गठन के महत्व को देखते हुए उत्पाद शुल्क की मानक दर कुछ रियायतों के साथ 10 फीसद से बढ़ाकर 12 फीसद, मेरिट दर पांच
फीसद से छह फीसद और निम्न मेरिट दर एक फीसद से दो फीसद की गई।
- बड़ी कारों के लिए उत्पाद शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव
- कृषि को छोड़कर अन्य उत्पादन के 10 फीसद के सीमा शुल्क की शीर्ष दर में कोई परिवर्तन नहीं।
- विशिष्ट विशेष तौर पर दबाव वाले क्षेत्रों के लिए निवेश राहत प्रोत्साहन प्रस्ताव।
- कुछ कृषि उपस्करों पर बुनियादी सीमा शुल्क घटाया गया
- मार्च 31,2015 तक उर्वरक परियोजनाओं के विस्तार या स्थापना के लिए उपदों के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क से पूरी छूट और एक फीसद का रियायती सीवीडी प्रस्ताव
- बिजली उत्पादन के लिए बुनियादी शुल्क से पूरी छूट
- कोयला खनन परियोजना के लिए बुनियादी सीमा शुल्क से पूरी छूट
- खनिजों के सर्वेक्षण और संभावना के लिए जरूरी मशीनरी और उपकरणों के लिए बुनियादी सीमा शुल्क कम करने का प्रस्ताव।
- रेलवे सुरक्षा और चेतावनी प्रणाली की संस्थापना और तीव्र गति की रेल गाडि़यों के लिए ट्रैक संरचना के उन्नयन में आवश्यक उपस्कों के लिए बुनियादी सीमा शुल्क के घटाने के प्रस्ताव
- सड़क निर्माण के लिए जरूरत विशिष्ट उपस्कर की कुछ श्रेणियों, सुरंग खोदने वाली मशीनों और उनके पुर्जों पर आयात शुल्क में छूट।
- तीसरे पक्ष द्वारा रखरखाव, मरम्मत और जहाजों की ओवरहालिंग के लिए कर रियायत का प्रस्ताव
- इस्पात, वस्त्र उद्योग, ब्रांडेड तैयार परिधान, किफायती चिकितसा उपकरण, आम उपयोग की चीजें तैयार करने वाले श्रम प्रधान क्षेत्र और अर्ध यांत्रिक इकाइयों द्वारा बनाई जाने वाली दियासलाई जैसे क्षेत्रों को राहत।
स्वाभिमान अभियान
- मार्च 2012 तक स्वाभिमान अभियान के तहत शामिल की जाने वाली 73,000 चिन्हित बस्तियों में से लगभग 70,000 को कवर
किया जा चुका है। 31 मार्च 2012 तक शेष कवर किये जाने की संभावना है।
- 2012-13 में स्वाभिमान अभियान का विस्तार और अधिक बस्तियों में किया जाएगा।
- देश के 82 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में से 81 ने कोर बैंकिंग प्रणाली को अपना लिया है।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना में बुनियादी ढांचा में 50 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश की आधी राशि निजी क्षेत्र से प्राप्त होने की संभावना है।
- शुरूआती 8,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ पहली अवसंरचना रिण निधि की शुरूआत इस माह के आरंभ में की गयी।
- 2012-12 में अवसंरचना परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिये 60,000 करोड़ रुपये के कर मुक्त बांड की अनुमति दी जाएगी।
आजीविका योजना
- आजीविका योजना के जरिए भारत लिवलीहुड फाउंडेशन स्थापित करने का प्रस्ताव।
- वर्ष 2012-13 में राष्ट्रीय कौशल विकास निधि के लिए 1,000 करोड़ रु आवंटित।
- कौशल विकास के लिए संस्थागत ऋण का प्रवाह बढ़ाने हेतु एक अलग ऋण गारंटी निधि की स्थापना।
- अगले पांच साल में एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए जम्मू कश्मीर में हिमायत योजना शुरू।
- 2012-13 में एनएसएपी के तहत आबंटन 37 प्रतिशत बढ़ाकर 8,447 करोड़ रु किया गया।
- बीपीएल लाभार्थियों के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना में पेंशन राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति माह की गई।
- रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया जिसमें पूंजी व्यय के लिए 79,579 करोड़ रुपये शामिल है।
- केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए लगभग 4,000 आवासीय इकाइयों के निर्माण हेतु 1,185 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव। (Hindi.oneindia.in)
