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05 जनवरी 2017

इस साल भी जोरदार बारिश होने की संभावना

देश में इस साल भी जोरदार बारिश होने की संभावना है। दक्षिण कोरिया की एजेंसी एशिया पैसिफिक क्लाइमेंट सेंटर ने कहा है कि मई में मॉनसून केरल पहुंच जाएगा और इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश शुरू हो जाएगी। साथ ही जून तक इसे पश्चिमी तटीय इलाकों में भी पहुंचने की संभावना है। इस इस तरह से मई और जून में दक्षिण और पश्चिम भारत में बारिश शुरू हो जाएगी। हालांकि मध्य भारत में इस साल भी सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

आज से कैस्टर वायदा में ट्रेडिंग

एक साल बाद आज से कैस्टर वायदा ट्रेडिंग के लिए फिर से उपलब्ध होने जा रहा है। काफी जांच-पड़ताल के बाद सेबी ने इसके लिए इजाजत दे दी है। एनसीडीईएक्स का दावा है कि काफी कड़ी निगरानी में अब इसमें कारोबार होगा। दरअसल पिछले साल इसके वायदा में काफी धांधली देखने को मिली थी और आनन-फानन में 27 जनवरी को एक्सचेंज को इसमें कारोबार बंद करना पड़ा था। हालांकि अब ये सिर्फ एनसीडीईएक्स पर नहीं रहेगा बल्कि एमसीएक्स भी इस कमोडिटी में वायदा शुरु करने जा रहा है और बेहद ही अग्रेसिव तरीके से एमसीएक्स ने अपनी ट्रांजैक्शन कॉस्ट भी एनसीडीईएक्स से आधा ही रखा है। देखना ये होगा कि दोनों एक्सचेंजों पर इसमें कारोबार कैसे होता है। इस बीच ग्लोबल मार्केट में सोना 1 महीने की ऊंचाई पर चला गया है। कॉमैक्स पर इसमें 1170 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। चांदी में भी करीब 1 फीसदी की तेजी आई है। डॉलर में गिरावट से सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला है। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हो गया है। एक डॉलर की कीमत 68 रुपये के नीचे आ गई है।

04 जनवरी 2017

बारिश की संभावना से सरसों की कीमतों पर दबाव

आर एस राणा
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चालू सप्ताह के आखिर तक हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान जारी किया है जिसका असर सरसों की कीमतों पर पड़ा है। इन क्षेत्रों में बारिश हुई तो गेहूं, जौ के साथ ही सरसों की फसल को भी फायदा होगा।..........आर एस राणा

नेफैड 1.48 लाख टन कर चुकी है दलहन की खरीद

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ विपणन सीजन में नेफैड अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 1,48,206 टन दलहन की खरीद कर चुकी हैं। नेफैड जहां मूंग और अरहर की खरीद एमएसपी पर कर रही है, वहीं उड़द की खरीद बाजार भाव से की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार अभी तक हुई दलहन की कुल खरीद में मूंग की हिस्सेदारी 99,648.68 की है जबकि 44,774 टन उड़द की है इसके अलावा 3,783.50 टन अरहर की खरीद हुई है। माना जा रहा है कि अरहर की दैनिक आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ रही है, इसलिए आगामी दिनों में मूंग और उड़द के बजाए अरहर की खरीद में तेजी आयेगी।
नेफैड तेलंगाना, कर्नाटका और महाराष्ट्र के बाद अब मध्य प्रदेश से भी अरहर की खरीद कर रही है। नेफैड ने अभी तक तेलंगाना से 1,976.21 टन अरहर की खरीद की है, इसके अलावा कर्नाटका से 1,167.50 टन और महाराष्ट्र से 625.49 टन तथा मध्य प्रदेश से 14.63 टन अरहर की खरीद की गई है।
केंद्र सरकार ने फसल सीजन 2016-17 के लिए दलहन का 20 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने का निर्णय किया हुआ है जिसमें से 10 लाख टन दलहन का विदेशों से किया जायेगा, जबकि 10 लाख टन की खरीद घरेलू मंडियों से की जायेगी। नेफैड के अलावा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और एसएफएसी भी एमएसपी पर दलहन की खरीद कर रही हैं। हालांकि नेफैड के मुकाबले इन एजेंसियों द्वारा सीमित मात्रा में ही खरीद की गई है।.............आर एस राणा

चीनी के भाव तेज, और तेजी आई तो सरकार हटा सकती है आयात शुल्क

आर एस राणा
नई दिल्ली। मक्रर सक्रांति के साथ ही आगे ब्याह-शादियों का सीजन शुरु होने वाला है इसीलिए चीनी की कीमतों में तेजी बनी हुई है। बुधवार को दिल्ली में चीनी के भाव बढ़कर 3,900 से 3,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि उत्तर प्रदेष में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव बढ़कर 3,850 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सूत्रों के अनुसार चीनी की कीमतों में और 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने के बाद केंद्र सरकार आयात शुल्क को कम करने या फिर पूरी तरह से समाप्त कर सकती है। इस समय चीनी के आयात पर 40 फीसदी आयात शुल्क है।
विदेशी बाजार में इस समय सफेद चीनी के भाव 552 से 553 डॉलर प्रति टन है जबकि रॉ-शुगर के भाव 540 से 545 डॉलर प्रति टन है। चीनी के आयात पर 40 फीसदी आयात शुल्क है इसलिए मौजूदा भाव में आयात संभव नहीं है। जानकारों के अनुसार केंद्र सरकार आयात शुल्क को कम करके 20 फीसदी करती है तो भी आयात पड़ते नहीं लग पायेंगे, ऐसे में अगर केंद्र सरकार चाहती है कि चीनी का आयात हो तो, फिर आयात शुल्क को शुन्य करना पड़ेगा। हालांकि माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब में चुनाव की तारिखों का एलान हो चुका है, ऐसे में केंद्र सरकार आयात शुल्क को शुन्य करके किसानों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहेगी।
चालू पेराई सीजन 2016-17 में चीनी का उत्पादन कम होने का अनुमान है। केंद्र सरकार के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन 225 लाख टन होने का अनुमान है जबकि उद्योग को अनुमान है कि उत्पादन 234 लाख टन होगा। पेराई सीजन के आरंभ में पहली अक्टूबर को देश में चीनी का 77 लाख टन बकाया स्टॉक बचा हुआ था। ऐसे में चीनी की उपलब्धता सालाना खपत 250-255 लाख टन से ज्यादा ही है।..............आर एस राणा

डॉलर 14 साल की नई ऊंचाई पर

डॉलर 14 साल की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। हालांकि इसके बावजूद आज रुपया खुद को संभालने में कामयाब है। डॉलर के मुकाबले रुपया हल्की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं ग्लोबल मार्केट में सोना सुस्त शुरुआत के बाद हल्की रिकवरी दिखा रहा है लेकिन डॉलर में बढ़त से सोने में बेहद छोटे दायरे में कारोबार हो रहा है। दरअसल कल अमेरिका के अच्छे आंकड़ों से डॉलर उछल गया था​ जिससे एसपीडीआर गोल्ड की होल्डिंग में करीब 1 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली थी। इस बीच चांदी में भी करीब 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार हो रहा है। इस साल चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन कल की भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल में आज फिर से रिकवरी आई है और नायमैक्स पर क्रूड करीब 0.75 फीसदी की बढ़त के साथ 53 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। हालांकि लंदन मेटल एक्सचेंज पर आज कॉपर में दबाव है और ये करीब 0.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि चीन में कॉपर का दाम करीब 1.5 फीसदी गिर गया है।

03 जनवरी 2017

जनवरी में चने का आयात और बढ़ेगा, भाव में और गिरावट की उम्मीद

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू महीने में आस्ट्रेलिया के साथ ही रुस से चना के आयात में तो बढ़ोतरी ही, साथ में मध्य जनवरी के बाद कर्नाटका में चना की नई फसल की आवक भी बढ़ जायेगी। इसलिए चना की मौजूदा कीमतों में भी 1,000 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने का अनुमान है। आस्ट्रेलिया से आयातित चना के भाव सोमवार को मुंबई में घटकर 7,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अन्य मंडियों में उत्तर प्रदेश की कानपुर मंडी में चना 7,600 रुपये, इंदौर में 7,300 रुपये, नागपुर में 7,500 रुपये, अकोला मंडी में 7,200 से 7,500 रुपये और गुलबर्गा मंडी में 7,150 से 7,550 प्रति क्विंटल रहा।
चना दाल में इस समय मांग कमजोर है इसलिए मिलर्स भी केवल जरुरत के हिसाब से खरीद कर रही हैं जबकि पांच जनवरी के आयात में और बढ़ोतरी होगी। जानकारों के अनुसार जनवरी में 3 से 3.5 लाख टन चना आयात होने का अनुमान है।.............आर एस राणा