कुल पेज दृश्य

24 अक्टूबर 2016

ग्वार गम उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू महीने के दूसरे सप्ताह 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के दौरान ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, ग्वार स्पलिट और मील) का निर्यात बढ़कर 6,914 टन का हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 5,299 टन ग्वार गम उत्पादों का निर्यात हुआ था।
ग्वार गम उत्पादों के निर्यात में तो हालांकि इस दौरान बढ़ोतरी हुई है लेकिन विष्व बाजार में औसतन भाव में कमी आई है। चालू महीने के दूसरे सप्ताह में ग्वार गम पाउडर का निर्यात 4,396 टन का औसतन 1,393.56 डॉलर प्रति टन की दर से निर्यात हुआ है जबकि पहले सप्ताह में 3,916 टन ग्वार गम उत्पादों का निर्यात 1,451.34 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ था।
इसी तरह से चालू महीने के दूसरे सप्ताह में जहां ग्वार स्पलिट का निर्यात 200 टन का औसतन 974.77 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है जबकि इसके पिछले सप्ताह में इसका निर्यात 40.5 टन का औसतन 1,150.04 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ था। ग्वार मील का निर्यात दूसरे सप्ताह में 2,318 टन का औसतन 527 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है जबकि इसके पिछले सप्ताह में 1,342 टन ग्वार मील का निर्यात 539.63 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ था।
ग्वार सीड में स्टॉकिस्टों की मांग नीचे भाव में आई है, स्टॉकिस्ट भविष्य में तेजी मान कर खरीद कर रहा है। इसलिए आगामी दिनों में ग्वार सीड और ग्वार गम की कीमतों में तेजी-मंदी बनी रहेगी। ग्वार सीड के भाव नीचे में 3,200 से 3,200 बनने पर खरीद करनी चाहिए। चालू सीजन में हालांकि ग्वार सीड की पैदावार कम होने का अनुमान है लेकिन पिछले साल का बकाया स्टॉक ज्यादा हुआ है। इसकी तुलना में निर्यात मांग कमजोर है, इसलिए अभी बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। इसके भाव में बड़ी तेजी क्रुड के भाव में तेजी आने पर ही बनने की संभावना है।............आर एस राणा

यूक्रेन से गेहूं का आयात ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। भाव कम होने के कारण इस समय यूक्रेन से गेहूं का आयात ज्यादा मात्रा में हो रहा है जबकि यूक्रेन का गेहूं लाल है और इसकी क्वालिटी इतनी हल्क है कि इसको 20-30 फीसदी से ज्यादा मिलावट नहीं की जा सकती है। अगर इससे ज्यादा मिलावट की गई तो गेहंू उत्पादों की क्वालिटी प्रभावित होगी।
चालू महीने दूसरे सप्ताह 10 से 16 अक्टूबर के दौरान 90,762 टन गेहूं का आयात हुआ है जिसमें सबसे ज्यादा मात्रा 74,000 टन यूक्रेन के गेहूं की है। दूसरे सप्ताह में यूक्रेन के अलावा आस्ट्रेलिया और बुलगारिया से भी गेहूं का आयात हुआ जिसका औसतन भाव 214.40 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) रहा।
सूत्रों के अनुसार यूक्रेन से 74,000 टन गेहूं का आयात औसतन 191.57 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ। इसके अलावा 16,250 टन गेहूं का आयात आस्ट्रेलिया से 244.39 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है। बुलगारिया से इस दौरान केवल 512 टन गेहूं का आयात औसतन 202.81 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है।.....आर एस राणा

इराक ओपक के तेल उत्पादन कटौती का हिस्सा नहीं बनेगा

इराक ओपक के तेल उत्पादन कटौती का हिस्सा नहीं बनेगा। इस बात का संकेत इराक के तेल मंत्री ने दिया है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बढ़ गई है और ग्लोबल मार्केट में करीब 0.5 फीसदी नीचे कारोबार हो रहा है। इस बीच डॉलर 8 महीने की ऊंचाई पर है इससे भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव है। अगले हफ्ते फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने की चाल भी सुस्त पड़ गई है। ग्लोबल मार्केट में सोना और चांदी हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। कॉमैक्स पर सोना 1265 डॉलर और चांदी 17.5 डॉलर के पास कारोबार कर रही है। साथ ही लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल्स भी छोटे दायरे में हैं। हालांकि डॉलर में बढ़त से रुपये पर दबाव बढ गया है। डॉलर के मुकाबले रुपया हल्की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है।

22 अक्टूबर 2016

एग्री कमोडिटी में मुनाफे का अच्छा अवसर

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे

---------------------खरीफ फसलों में अरहर,  किन भाव पर स्टॉक करने से मिलेगा फायदा, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, केस्टर सीड और ग्वार सीड का भविष्य कैसा रहेगा, इनके निर्यात-आयात की क्या हैं संभावनाएं, इन सभी की स्टीक जानकारी कें लिए हमसे जुड़े। अगले सप्ताह इनकी विस्तृत खबरें मिलेंगी, केवल ई-मेल के माध्यम से।

............एक महीना रिपोर्ट लेने का चार्ज मात्र 1,000 रुपये, 6 महीने का 5,000 रुपये और एक साल का केवल 8,000 रुपये........
आर एस राणा
 rsrana2001@gmail.com
09811470207

एग्री कमोडिटी में मुनाफे का अच्छा अवसर

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे

---------------------खरीफ फसलों में अरहर,  किन भाव पर स्टॉक करने से मिलेगा फायदा, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, केस्टर सीड और ग्वार सीड का भविष्य कैसा रहेगा, इनके निर्यात-आयात की क्या हैं संभावनाएं, इन सभी की स्टीक जानकारी कें लिए हमसे जुड़े। अगले सप्ताह इनकी विस्तृत खबरें मिलेंगी, केवल ई-मेल के माध्यम से।

............एक महीना रिपोर्ट लेने का चार्ज मात्र 1,000 रुपये, 6 महीने का 5,000 रुपये और एक साल का केवल 8,000 रुपये........
आर एस राणा
 rsrana2001@gmail.com
09811470207

मक्का के निर्यात पड़ते नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। विष्व बाजार में मक्का के भाव सस्ते होने के कारण देष से मक्का का निर्यात सीमित मात्रा में ही हो रहा है। चालू महीने के दूसरे सप्ताह में केवल 363.2 टन मक्का का ही निर्यात हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में 1,153 टन मक्का का निर्यात हुआ था। इस दौरान मक्का का निर्यात 301.80 डॉलर प्रति टन की दर से यूएई और मलेषिया को केवल डिपलोमेटिक आधार पर ही हुआ है।
मक्का की दैनिक आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ रही है, तथा निर्यात पड़ते नहीं होने के कारण केवल घरेलू मांग ही है। इसलिए आगामी दिनों में दैनिक आवक बढ़ने पर इसकी कीमतों में और भी 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने का अनुमान है। वैसे भी चालू खरीफ में मक्का की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है।......आर एस राणा

यूक्रेन से गेहूं का आयात ज्यादा

आर एस राणा
नई दिल्ली। भाव कम होने के कारण इस समय यूक्रेन से गेहूं का आयात ज्यादा मात्रा में हो रहा है जबकि यूक्रेन का गेहूं लाल है और इसकी क्वालिटी इतनी हल्क है कि इसको 20-30 फीसदी से ज्यादा मिलावट नहीं की जा सकती है। अगर इससे ज्यादा मिलावट की गई तो गेहंू उत्पादों की क्वालिटी प्रभावित होगी।
चालू महीने दूसरे सप्ताह 10 से 16 अक्टूबर के दौरान 90,762 टन गेहूं का आयात हुआ है जिसमें सबसे ज्यादा मात्रा 74,000 टन यूक्रेन के गेहूं की है। दूसरे सप्ताह में यूक्रेन के अलावा आस्ट्रेलिया और बुलगारिया से भी गेहूं का आयात हुआ जिसका औसतन भाव 214.40 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) रहा।
सूत्रों के अनुसार यूक्रेन से 74,000 टन गेहूं का आयात औसतन 191.57 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ। इसके अलावा 16,250 टन गेहूं का आयात आस्ट्रेलिया से 244.39 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है। बुलगारिया से इस दौरान केवल 512 टन गेहूं का आयात औसतन 202.81 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है।.......आर एस राणा