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02 दिसंबर 2016

धनिया की बुवाई गुजरात में बढ़ी, आंध्रप्रदेष में घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां गुजरात में धनिया की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं आंध्रप्रदेष में बुवाई पिछड़ रही है। गुजरात कृषि निदेषालय के अनुसार राज्य में अभी तक 24,100 हैक्टेयर में धनिया की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में केवल 4,700 हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। राज्य में सामान्यतः धनिया की बुवाई 90,400 हैक्टेयर में होती है।
उधर आंध्रप्रदेष में चालू रबी में अभी तक केवल 289 हैक्टेयर में ही धनिया की बुवाई हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 5,346 हैक्टेयर में धनिया की बुवाई हो चुकी थी। राज्य में धनिया की बुवाई सामन्यतः 24,100 हैक्टेयर में होती है।
चालू रबी में धनिया की बुवाई ज्यादा होने का अनुमान है, जबकि उत्पादक राज्यों में बकाया स्टॉक भी ज्यादा है। ऐसे में सर्दियों की मांग से भाव में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार तो आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी की संभावना नहीं है। मध्य प्रदेष की रामगंज मंडी में बादामी क्वालिटी के धनिया का भाव 6,500 रुपये, ईगल क्वालिटी के धनिया का भाव 6,750 रुपये और स्कूटर ब्रांड धनिया का भाव 6,800 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा तथा दैनिक आवक 7,000 बोरी की हुई।............आर एस राणा

चीनी निर्यात में 25 फीसदी की बढ़ोतरी, भाव में नरमी की उम्मीद

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू महीने के 26 दिसंबर को समाप्त हुए सप्ताह में चीनी के निर्यात में 25 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 29.11 हजार टन का हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 23.3 हजार टन चीनी का ही निर्यात हुआ था।
इस समय चीनी के निर्यात के पड़ते नहीं लग रहे हैं, केवल पहले के निर्यात सौदों की ही षिपमेंट हो रही है। घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में नरमी बनी हुई है, सप्ताहभर में इसके भाव में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। दिल्ली में चीनी के भाव 3,750 रुपये और उत्तर प्रदेष में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव 3,425 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल रहे। उधर कर्नाटका में चीनी के भाव 3,150 से 3,200 रुपये, महाराष्ट्र में चीनी के भाव 3,200 से 3,250 रुपये और बिहार में चीनी के भाव 3,550 से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल रहे।
चालू पेराई सीजन में मिलों द्वारा पेराई पहले आरंभ करने से चीनी का उत्पादन बढ़ा है जबकि इस समय नकदी की किल्लत होने के कारण खुदरा में व्यापार कर कम हो रहा है। चीनी मिलों पर किसानों के बकाया का दबाव बढ़ रहा है, इसलिए चीनी की कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। माना जा रहा है कि मौजूदा भाव में और भी 100 से 125 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ सकती है।...........आर एस राणा

मध्य प्रदेष ने दलहन से स्टॉक लिमिट हटाई

आर एस राणा
नई दिल्ली। दलहन की बंपर पैदावार को देखते हुए मध्य प्रदेष ने दलहन पर लगी स्टॉक लिमिट का हटा लिया है। राज्य में चालू खरीफ में दलहन की पैदावार ज्यादा होने के साथ ही रबी में भी बुवाई ज्यादा हुई है। इसीलिए राज्य सरकार ने दलहन से स्टॉक लिमिट हटाने का फैसला किया है। मालूम हो कि राज्य सरकार पिछले साल 17 अक्टूबर को दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाई थी। स्टॉक लिमिट हटाने से जहां किसानों को फायदा होगी, वहीं ट्रेडर्स और मिलर्स को भी राहत मिलेगी।............आर एस राणा

कच्चे तेल में गिरावट

कल की जोरदार तेजी के बाद कच्चे तेल में गिरावट आई है और ग्लोबल मार्केट में ये करीब 0.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि दबाव के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड का दाम 50 डॉलर और ब्रेंट 53 डॉलर के ऊपर हैं जो करीब 15 महीने का ऊपरी स्तर है। इस बीच नैचुरल गैस में भी भारी तेजी आई है और इसका दाम कल ग्लोबल मार्केट में पिछले 2 साल का ऊपरी स्तर छू लिया। पिछले दो हफ्ते में नैचुरल गैस का दाम करीब 30 फीसदी उछल चुका है। मांग बढ़ने के अनुमान से कीमतों को सपोर्ट मिला है। वहीं अमेरिका में इसका भंडार भी गिरता जा रहा है।

इस बीच कल की जोरदार गिरावट के बाद आज सोने में रिकवरी दिख रही है। कॉमैक्स पर सोना करीब 4 डॉलर की बढ़त के साथ 175 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। कल घरेलू बाजार में ये 28 हजार रुपये के भी नीचे आ गया था। वहीं चांदी में हल्की रिकवरी देखी जा रही है। लेकिन कल घरेलू बाजार में चांदी पिछले 6 महीने का निचला स्तर छू चुकी है। आज डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की कमजोरी देखी जा रही है।

01 दिसंबर 2016

सोने में गिरावट

ओपेक ने क्रूड का उत्पादन घटाने का एलान किया है। फैसले के मुताबिक अगले साल जनवरी से रोजाना 12 लाख बैरल उत्पादन घटाया जाएगा। फिलहाल ओपेक रोज 3.36 करोड़ बैरल क्रूड का उत्पादन कर रहा है। इस फैसले के बाद से कच्चे तेल में तेजी आई है, कल और आज में क्रूड का दाम करीब 10 फीसदी उछल चुका है। ब्रेंट का दाम 52 डॉलर के पार चला गया है। जबकि नायमैक्स पर कच्चा तेल 50 डॉलर के बेहद करीब कारोबार कर रहा है। इस बीच सोने में गिरावट बढ़ गई है। कॉमैक्स पर ये पिछले 10 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दाम 1165 डॉलर के पास है। पिछले महीने सोने में करीब 8 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। डॉलर में आई बढ़त से चांदी भी दबाव में है। साथ ही लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर भी कमजोर है। अमेरिका में आज बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े आने वाले हैं। इससे पहले आज डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की कमजोरी देखी जा रही है।

उत्तर प्रदेष में चीनी उत्पादन ज्यादा, भाव पर दबाव

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन में अभी तक उत्तर प्रदेष में चीनी का उत्पादन बढ़कर 7.57 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में केवल 1.7 लाख टन ही चीनी का उत्पादन हुआ था। उत्पादन में हुई बढ़ोतरी के कारण चीनी मिलों पर चीनी बेचना का दबाव बना हुआ है जबकि बाजार में नकदी का प्रवाह कम होने के कारण थोक कारोबारी जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर पा रहा है।
राज्य में चालू सीजन में 100 चीनी मिलों में पेराई आंरभ हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 50 चीनी मिलों में ही पेराई आरंभ हुई थी। चालू पेराई सीजन में राज्य में गन्ने में रिकवरी की दर औसतन 9.71 फीसदी की है जबकि पिछले साल इस समय औसतन 9.19 फीसदी की रिकवरी आ रही थी। चालू पेराई सीजन में राज्य में चीनी का उत्पादन 76 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 68.5 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।............आर एस राणा

कपास निर्यात में आया सुधार

आर एस राणा
नई दिल्ली। नई फसल आने के बाद से कपास के निर्यात में सुधार तो आया है लेकिन कुल निर्यात सौदे पिछले साल की तुलना में कम हो रहे है। चालू महीने के चौथे सप्ताह 21 से 27 नवंबर के दौरान 1.842 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) कपास का निर्यात हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 1.812 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ था।
चीन की आयात मांग बढ़ने से कपास के निर्यात में सुधार आया है। चालू महीने के चौथे सप्ताह 21 से 27 नवंबर के दौरान चीन ने 1.201 लाख गांठ कपास का आयात किया है जबकि इसके अलावा अन्य आयातक देषों में बंगलादेष ने 0.416 लाख गांठ, वियतनाम 0.098 लाख गांठ, इंडोनेषिया ने 0.091 लाख गांठ और पाकिस्तान ने 0.015 लाख गांठ कपास का आयात किया है।
देषभर की मंडियों में इस समय कपास की दैनिक आवक करीब 1,40,000 गांठ की हो रही है हालांकि आवक पिछले साल की आवक कम हुई है। नकदी की उपलब्धता नहीं होने के किसान किसान की बिवाकली कम आई है, हालांकि अब चैक से पैमेंट हो रही है तथा माना जा रहा है कि आगामी दिनों में आवक में सुधार आयेगा।
जानकारों के अनुसार चालू सीजन में कपास का निर्यात 55 से 60 लाख गांठ ही होने का अनुमान है। पिछले साल सबसे ज्यादा कपास का आयात पाकिस्तान ने किया था, इस बार जहां पाकिस्तान में कपास की फसल ज्यादा है, वहीं सीमा पर बने तनाव के कारण भी पाकिस्तान की आयात मांग कम रहने की आषंका है।.........आर एस राणा