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07 दिसंबर 2016

गेहूं पर आयात षुल्क हटाने की संभावना

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार गेहूं के आयात पर 10 फीसदी षुल्क को षून्य कर सकती है। जानकारों के अनुसार भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा हाल ही में कहां गया है कि मौसम सामान्य से ज्यादा गर्म रहेगा, जिसका असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा, इसलिए केंद्र सरकार गेहूं के आयात षुल्क को 10 फीसदी से घटाकर षून्य करने पर विचार कर रही है।
वैसे भी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास गेहूं का भंडार पिछले पांच साल के न्यूनतम स्तर पर है, ऐसे में सरकार गेहूं के आयात को बढ़ावा देना चाहती है। इससे पहले सितंबर में केंद्र सरकार ने गेहूं के आयात षुल्क को 25 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया था।
जानकारों के अनुसार आयात षुल्क को अगर घटाकर षन्य किया जाता है तो गेहूं के आयात में तो बढ़ोतरी होगी, भाव में करीब 100 से 150 रुपये की गिरावट आ सकती है। अभी तक 16.80 लाख टन गेहूं का आयात हो चुका है तथा मौजूदा सौदों के आधार पर फरवरी 28 तक 23 लाख टन गेहूं आयात होने का अनुमान था, लेकिन अगर केंद्र सरकार ने आयात षुल्क षून्य कर दिया तो फिर आयात बढ़कर 27 से 28 लाख टन का हो जायेगा।
आस्ट्रेलिया से आयातित गेहूं का भाव इस समय कांडला बंदरगाह पहुंच 1,900 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि आयात षुल्क षून्य करने के बाद कांडला पहुंच भाव 1,750 रुपये प्रति क्विंटल रह जायेगा।.......आर एस राणा

नवंबर में ग्वार गम उत्पादों के कुल निर्यात में आई कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। नवंबर महीने में ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, ग्वार स्पलिट और मील के कुल निर्यात में अक्टूबर के मुकाबले कमी आई है। नवंबर महीने में ग्वार गम उत्पादों का निर्यात घटकर 25,872 टन का ही हुआ है जबकि अक्टूबर महीने में 29,538 टन ग्वार गम उत्पादों का निर्यात हुआ था।
नवंबर महीने में जहां ग्वार गम पाउडर का निर्यात 16,053 टन का हुआ है वहीं ग्वार स्पलिट का निर्यात 3,209 टन का और ग्वार मील का निर्यात 6,610 टन का हुआ है।.........आर एस राणा

अक्टूबर में 5.41 लाख टन गेहूं का आयात हुआ

आर एस राणा
नई दिल्ली। अक्टूबर महीने में 5.41 लाख टन गेहूं का आयात औसतन 221.97 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) की दर से हुआ है। दक्षिण भारत की फ्लोर मिलें इस समय आयातित गेहूं की खरीद कर रही है जबकि अगले महीने में आयातित गेहूं की कीमतों में कमी आने की आषंका है। इस लिए दक्षिण भारत में गेहूं की कीमतों में आगामी दिनों में गिरावट आ सकती है। हालांकि उत्तर भारत के कई राज्यों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने एपीएल में गेहूं का आवंटन बंद कर दिया है इससे उत्तर भारत की मंडियों में गेहूं की कीमतों में फिर सुधार आने का अनुमान है। दिल्ली में मंगलवार को गेहूं का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल रहा।........आर एस राणा

कच्चे तेल में गिरावट बढ़ी

कच्चे तेल में गिरावट बढ़ गई है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड का दाम करीब 1 फीसदी गिर गया है। ब्रेंट क्रूड का दाम 54 डॉलर के नीचे लुढ़क गया है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड में 50.5 डॉलर के पास कारोबार हो रहा है। पिछले हफ्ते उत्पादन में कटौती के एलान के बाद क्रूड का दाम करीब 19 फीसदी उछल गया था। लेकिन अब ऊपरी स्तर से लगातार कीमतों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। दरअसल कटौती का फैसला अगले महीने से लागू होगा और इससे पहले ओपेक और रूस दोनों का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में 12 लाख बैरल उत्पादन कटौती के जरिए ओवर सप्लाई पर काबू पाने की योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस बीच सोना भी सुस्त है और ये पिछले 10 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका भाव 1170 डॉलर के नीचे बना हुआ है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेस मेटल्स में भी कमजोरी है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में आज मजबूती आई है। 1 डॉलर की कीमत 67.80 रुपये के पास है।

06 दिसंबर 2016

मक्का का निर्यात बढ़ा, भाव में तेजी की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। नवंबर महीने के चौथे सप्ताह में मक्का के निर्यात में जरुर बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खरीफ में मक्का की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है इसलिए भाव में नरमी की ही संभावना है।
नवंबर महीने के 27 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में 4,005 टन मक्का का निर्यात हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में 3,652 टन मक्का का निर्यात हुआ था। इस दौरान मक्का का निर्यात औसतन 258.65 डॉलर प्रति टन (एफओबी) की दर से हुआ है। विष्व बाजार में भाव कम होने के कारण इस समय मक्का का निर्यात नेपाल और यूएई को डिपलोमेटिक आधार पर ही हुआ है।
विष्व बाजार में मक्का के भाव कम है, इसलिए भारत से मक्का का निर्यात सीमित मात्रा में ही हो रहा है, जबकि चालू खरीफ में मक्का की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है। नकदी की कमी के कारण इस समय उत्पादक मंडियों में मक्का की दैनिक आवक कम हो रही है, लेकिन आगे जैसे ही दैनिक आवक में बढ़ोतरी होगी, भाव में गिरावट ही आने का अनुमान है।...........आर एस राणा

प्रतिकूल मौसम से तिल की पैदावार में भारी कमी की आषंका

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रतिकूल मौसम से चालू खरीफ में तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे इसकी पैदावार में भारी कमी आने की आषंका है। सूत्रों के अनुसार चालू सीजन में तिल की पैदावार घटकर केवल 3,66,278 टन की होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसकी पैदावार 6,07,755 टन की हुई थी।
जानकारों के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेष और उत्तर प्रदेष में बमौसम बारिष और जलभाव के कारण तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से प्रति हैक्टेयर उत्पादकता में भारी कमी आई है। हालांकि सबसे बड़े उत्पादक राज्य राजस्थान में फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
चालू सीजन में जहां राजस्थान में 89,299 टन तिल उत्पादन का अनुमान है, वहीं उत्तर प्रदेष में 86,781 टन और मध्य प्रदेष में 64,220 टन तिल के उत्पादन की उम्मीद है।......आर एस राणा

नवंबर में खली के निर्यात में आई कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। नवंबर महीने में खली का निर्यात घटकर 1,08,342 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल नवंबर महीनें में इसका निर्यात 1,20,059 टन का हुआ था। साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएषन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2016-17 के पहले आठ महीनों अप्रैल से नवंबर के दौरान खली के निर्यात में 27 फीसदी की कमी आकर कुल निर्यात 6,62,489 टन का हुआ है जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 9,03,624 टन का हुआ था। खली के निर्यात में आई कमी का प्रमुख कारण विष्व बाजार भाव कम होने के साथ ही घरेलू बाजार में कच्चे माल की कमी होना है।..............आर एस राणा