नई दिल्ली। भारत एवं अमेरिका व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक नया उदाहरण है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि यह समझौता “भारतीय किसानों के हितों” की रक्षा के लिए पूरी सावधानी के साथ किया गया है। भारत तथा अमेरिका व्यापार समझौते से अमेरिका में भारतीय सामानों पर टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो जाएगा, जबकि वाशिंगटन ने दावा किया है कि यह समझौता उसे नई दिल्ली को अधिक कृषि उत्पाद निर्यात करने में मदद करेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार प्रमुख कृषि क्षेत्र जिसमें मुख्य फसलें और डेयरी शामिल हैं, इनका हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी भी तरह से घरेलू कृषि हितों से समझौता नहीं करता है। उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक नया उदाहरण है। हम संतुलित और मजबूत बातचीत में विश्वास करते हैं, संघर्ष में नहीं।किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमारे मुख्य अनाज, फल, प्रमुख फसलें और बाजरा सभी सुरक्षित हैं। साथ ही हमारे डेयरी उत्पाद भी सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा, खासकर टैरिफ में कमी के माध्यम से, जिसका किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। टैरिफ में कमी से हमारा निर्यात बढ़ेगा। जब कपड़ा निर्यात बढ़ेगा, तो कपास किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि हमारी सभी मुख्य फसलें और डेयरी सेक्टर सुरक्षित हैं। यह डील किसानों की भलाई और देश के हितों को ध्यान में रखकर की गई है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने बाजार इस तरह से नहीं खोले हैं कि इससे घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो।

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