नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में 14 फरवरी तक देशभर के राज्यों में चीनी का उत्पादन 13.90 फीसदी बढ़कर 225.30 लाख टन का हो चुका है। पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 197.80 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। देशभर के राज्यों में अब तक तकरीबन 80 चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के आकड़ों के अनुसार 14 फरवरी 2026 तक 454 चीनी मिलों में पेराई चल रही है, जबकि सीजन में कुल 534 मिलों में पेराई हो रही थी। अत: तक 80 मिलें पेराई बंद कर चुकी है। चालू सीजन में देशभर की चीनी मिलों ने अब तक 2419.59 लाख टन गन्ने की पेराई की है।
चालू पेराई सीजन में गन्ने में रिकवरी की दर पिछले पेराई सीजन की तुलना में ज्यादा आई है। चालू सीजन में अब तक औसत चीनी की रिकवरी की दर 9.31 फीसदी की बैठी है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में औसत चीनी रिकवरी की दर 9.09 फीसदी बैठी थी।
पेराई सीजन 2024-25 के दौरान देशभर में 532 चीनी मिलों ने पेराई में हिस्सा लिया था और 14 फरवरी 2025 तक 75 चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी थी तथा इस दौरान चीनी मिलों द्वारा 2176.97 लाख टन गन्ना पेराई कर 197.80 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
चीनी उत्पादन के मामलें में महाराष्ट्र सबसे आगे है और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। एनएफसीएसएफ के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 14 फरवरी तक 89.80 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में इस दौरान 65.60 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है। तीसरे नंबर पर कर्नाटक है।कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 14 फरवरी तक 41.70 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है।
सोमवार को दिल्ली में एम ग्रेड चीनी के थोक दाम 4,370 रुपये और कानपुर में 4,400 रुपये तथा मुंबई में 4,120 रुपये तथा कोलकाता में 4,380 रुपये प्रति क्विंटल रहे। इस दौरान दिल्ली में चीनी के रिटेल भाव 46 रुपये और कानपुर में 45 रुपये तथा मुंबई और कोलकाता में क्रमश: 45-45 रुपये प्रति किलो बोले गए।

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