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28 फ़रवरी 2026

समर्थन मूल्य पर जिंसों की खरीद को पारदर्शी और मजबूत बनाने पर सरकार का जोर - केंद्रीय कृषि मंत्री

नई दिल्ली। जिंसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य, (एमएसपी) पर खरीद को और मजबूत बनाने के साथ ही खरीद पारदर्शिता होनी चाहिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को परेशानी से बचाने के लिए खरीद केंद्रों को अच्छी तरह से तैयार और मैनेज किया जाना चाहिए।


शुक्रवार को नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) की रिव्यू मीटिंग में उन्होंने कहा कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) और प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड (पीएसएफ) के तहत खरीद ऑपरेशन की मजबूत करने पर सरकार का जोर है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने चल रही खरीद की स्थिति का रिव्यू किया साथ ही ऑपरेशनल चुनौतियों का आकलन किया और खरीद सिस्टम को और ज्यादा कुशल और किसान केंद्रित बनाने के तरीके खोजने पर जोर दिया, ताकि किसानों को बिना देरी के उनकी उपज का सही दाम मिल सके।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को परेशानी से बचाने के लिए खरीद केंद्रों में जरूरी सामान और अच्छा मैनेजमेंट होना चाहिए। उन्होंने खरीद केंद्र पर आसान और बिना किसी परेशानी के काम करने की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें समय पर पेमेंट, सही इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोक्योरमेंट शेड्यूल पर ईमानदारी से काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद सिस्टम में किसानों का भरोसा पक्का करना सबसे जरूरी है। अरहर, उड़द और मसूर जैसी खास दालों का उत्पादन और खरीद बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। न्यूट्रिशनल सिक्योरिटी और आयात पर बाध्यता कम करने के लिए इन फसलों की अहमियत को देखते हुए, इनका उत्पादन और खरीद बढ़ाने की जरूरत है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने और एमएसपवी पर खरीद की गारंटी देने के मकसद से छह साल के ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ पर भी जोर दिया।

प्रस्तावित मिशन के तहत, खेती के तरीकों को बेहतर बनाने, अच्छी क्वालिटी के बीजों की उपलब्धता बढ़ाने, किसानों को टेक्निकल सपोर्ट देने और मार्केटिंग और खरीद सिस्टम को मजबूत करने जैसे उपायों पर अधिकारियों संग चर्चा की। इस मिशन का मकसद भारत को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू कीमतों को स्थिर करना और किसानों की इनकम में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को सीधे सरकारी खरीद सिस्टम से जोड़कर बिचौलियों पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अधिकारियों को खरीद के कामों को सुचारू और एक जैसा लागू करने के लिए राज्य सरकारों के साथ तालमेल मजबूत करने का निर्देश दिया। एमएसपी पर खरीदी गई उपज की सुरक्षित और कुशल हैंडलिंग सुनिश्चित करने के लिए खरीद और स्टोरेज के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिरता के लिए प्रभावी खरीद और पर्याप्त स्टोरेज जरूरी है। कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करने और किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा करने में मदद करना जरुरी हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि खरीद की योजना प्रोएक्टिव होनी चाहिए और फसल की आवक के समय खरीद सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन अनुमान के साथ नीति बनानी चाहिए।

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