नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में 23 फरवरी तक महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 24.73 फीसदी बढ़कर 92.29 लाख टन का हो चुका है। पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 73.99 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। राज्य की 60 चीनी मिलों ने पेराई बंद कर दी है।
शुगर कमिश्नर के अनुसार 23 फरवरी तक राज्य में 980.85 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है और 92.29 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। राज्य की औसत चीनी रिकवरी 9.41 फीसदी की बैठ रही है। पिछले साल की समान अवधि में राज्य में 793.56 लाख टन गन्ने की पेराई की थी और 73.99 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। औसत चीनी की रिकवरी दर 9.32 फीसदी की थी।
कोल्हापुर डिवीजन ने 206.19 लाख टन गन्ने की पेराई की है और 22.59 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। कोल्हापुर डिवीजन में रिकवरी की दर 10.96 फीसदी की है। इसी तरह से पुणे डिवीजन में अब तक 209.11 लाख टन गन्ने की पेराई कर 20.37 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। पुणे डिवीजन की रिकवरी दर 9.75 फीसदी की है।
सोलापुर डिवीजन में 211.34 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है और 18.04 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। चीनी की रिकवरी दर 8.54 फीसदी की है। अहमदनगर (अहिल्यानगर) डिवीजन में चीनी मिलों ने 122.42 लाख टन गन्ने की पेराई की है और 10.03 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। अहमदनगर डिवीजन में चीनी की रिकवरी दर 9.01 फीसदी है।
छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में चीनी मिलों ने अब तक 103.3 लाख टन गन्ने की पेराई कर 8.38 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। चीनी की रिकवरी की दर 8.11 फीसदी है।
नांदेड़ डिवीजन में चीनी मिलों ने 115.3 लाख टन गन्ने की पेराई कर 10.73 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। इस डिवीजन में चीनी की रिकवरी दर 9.31 फीसदी है। अमरावती डिवीजन में चीनी मिलों ने अब तक 11.39 लाख टन गन्ने की पेराई की है तथा 1.05 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। चीनी में रिकवरी की दर इस डिवीजन में 9.27 फीसदी है। नागपुर डिवीजन में 1.8 लाख टन पेराई हुई है।

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