नई
दिल्ली। केंद्र सरकार ने मार्च के लिए 21 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया
है। बाजार की मौजूदा सुस्ती और कमजोर मांग को देखते हुए यह कोटा ज्यादा
माना जा रहा है। इससे बाजार में नरमी का रुख बने रहने की संभावना रहेगी।
पिछले साल मार्च में भी 21 लाख टन का कोटा जारी किया गया था।
बाजार
के जानकारों के मुताबिक मार्च के लिए 21 लाख टन के कोटे से कीमतों पर दबाव
बना रह सकता है। क्योंकि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल की तुलना में
मार्च में मांग कम रहने की आशंका है। चीनी में आम उपभोक्ताओं के साथ ही
उद्योग की मांग भी कम रहने की आशंका है। हालांकि आगे कोल्ड ड्रिंक और
आइसक्रीम जैसे गर्मियों के उत्पादों की खपत बढ़ने से चीनी की मांग में
सुधार आयेगा।
सरकार ने फरवरी के लिए 17 लाख टन का कोटा जारी किया
था। पिछली फरवरी के मुकाबले 3 लाख टन कोटा कम होने के बावजूद मौजूदा फरवरी
के कोटे की चीनी बिक नहीं पाई। मांग की कमी के कारण भाव पर लगातार दबाव
रहा। फरवरी 2020 के लिए सरकार ने 20 लाख टन का कोटा दिया था।
27 फ़रवरी 2021
मार्च के लिए 21 लाख टन चीनी का कोटा जारी, कीमतों पर रहेगा दबाव
दिल्ली में अरहर, मसूर में मंदा, मुंबई में चना, काबूली चना, उड़द मंदी
नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों की बढ़े भाव में मांग कमजोर होने से शनिवार को दिल्ली के नया बाजार में अरहर, चना के साथ ही मसूर की कीमतों में गिरावट आई। उधर मुंबई में भी चना, काबूली चना और उड़द में दाल मिलों की ग्राहकी कमजोर होने मंदा आया।
मुंबई और अन्य घरेलू बाजारों से नरमी के संकेत के साथ, बर्मा लाईन की नई अरहर के चेन्नई से हाजिर डिलीवरी के सौदे 100 रुपये घटकर 6,850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुए। अरहर की कीमतें चेन्नई में 100 रुपये घटकर भाव 6,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, आयातित अरहर का स्टॉक कम होने के बावजूद भी ग्राहकी कमजोर रही। कर्नाटक लाईन की नेफेड की खरीदी हुई पुरानी अरहर के दाम भी 50 रुपये घटकर 7,000 से 7,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हरियाणा में नई घरेलू अरहर भी सीमित आवक होने के बावजूद भी 50 रुपये घटकर 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुई।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से कनाडा और मध्य प्रदेश की मसूर की कीमतों में 25 से 75 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 5,750 और 5,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। घरेलू बाजार में बढ़े भाव में स्टॉकिस्टों की खरीद कमजोर थी। उत्पादक मंडियो में आयातित मसूर का स्टॉक ज्यादा है, साथ ही आने वाले दिनों में उत्पादक मंडियों में नई फसल की बढ़ेगी, इसलिए मसूर में बढ़े भाव में खरीद कर व्यापार नहीं करना चाहिए।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से शनिवार को मुंबई में चना के साथ ही काबूली चना और उड़द की कीमतों में गिरावट आई। बर्मा उड़द एफएक्यू पुरानी के साथ ही नई में दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से 50—50 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 7,300-7,350 रुपये और 7,400-7,450 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। हाजिर स्टॉक कम होने के बावजूद भी कीमतों में मंदा आया।
मुंबई में तंजानिया चना के दाल 50 रुपये घटकर 4,500 रुपये रह गए, जबकि जलगांव मंडी में चापा चना की कीमतों में 125 रुपये का मंदा आकर भाव 4,650 रुपये और चना मिक्स के दाम 100 रुपये घटकर 4,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर मंडी में चना के बिल्टी भाव 100 रुपये घटकर 4,950 से 5,00 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
स्टॉकिस्ट चना की कीमतें तेज करना चाहते है, तथा तेजी का कारण मौसम में आए बदलाव को माना जा रहा है। मौसम में आई गर्माहट से चना की पछेती फसल को नुकसान की आशंका है, इससे दाम तेज हो सकते हैं लेकिन अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
तंजानिया लाईन के चना के साथ ही रूस-सूडान के काबुली चना में मिलों की कमजोर मांग के साथ ही उत्पादक मंडियों में घरेलू फसल की आवक बनने के कारण 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई।
चेन्नई में बर्मा उड़द एसक्यू की कीमतों में 150 रुपये की गिरावट आकर भाव 8,000 रुपये और अप्रैल डिलीवरी के 150 रुपये घटकर 8,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
उत्तर प्रदेश के कौंच, जालान, उरई के साथ ही कानपुर, झांसी एवं मध्यप्रदेश की दतिया और डबरा लाईन के साथ ही कुछ अन्य मंडियों में नई मटर की आवक शुरू हो गई है, तथा चालू रबी में मटर का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। मध्य मार्च तक आवकों का दबाव बनेगा, इसलिए हल्की गिरावट आने का अनुमान है।
26 फ़रवरी 2021
दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में अरहर और मसूर तेज, चना नरम
नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों के साथ ही व्यापारियों की मांग बढ़ने से शुक्रवार को दिल्ली के नया बाजार में अरहर के साथ ही मसूर की कीमतों में तेजी आई।
व्यापारियों के अनुसार दालों में खुदरा के साथ ही थोक बाजारों में मांग बढ़ने लगी है।
मुंबई और अन्य घरेलू बाजारों से मजबूती के संकेत के साथ, बर्मा लाईन की नई अरहर के चेन्नई से हाजिर डिलीवरी के सौदे 100 रुपये बढ़कर 6,900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुए। अरहर की कीमतें चेन्नई में 125 रुपये बढ़कर भाव 6,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, आयातित अरहर का स्टॉक कम होने के कारण बिकवाली कमजोर रही। कर्नाटक लाईन की नेफेड की खरीदी हुई पुरानी अरहर के दाम भी 100 रुपये बढ़कर 7,075 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। हरियाणा में नई घरेलू अरहर भी सीमित आवक होने के कारण 50 रुपये बढ़कर 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुई।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से मध्य प्रदेश और कनाडा की मसूर की कीमतों में 50 से 75 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 5,900 और 5,775 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि घरेलू बाजार में बढ़े भाव में स्टॉकिस्टों की खरीद कमजोर थी। उत्पादक मंडियो में आयातित मसूर का स्टॉक ज्यादा है, साथ ही आने वाले दिनों में उत्पादक मंडियों में नई फसल की बढ़ेगी, इसलिए मसूर में बढ़े भाव में खरीद कर व्यापार नहीं करना चाहिए।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से कनाडा की मसूर के दाम मुंबई, कोलकाता, मुंद्रा, कांडला और हजीरा बंदरगाह पर तथा ऑस्ट्रेलिया मसूर के दाम मुंबई और कोलकाता में शुक्रवार को दूसरे दिन भी 75 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तेज हुए। मसूर दाल में थोक के साथ ही खुदरा बाजार में ग्राहकी अच्छी रही, तथा इसमें 100 रुपये की तेजी आकर दाम 6,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, तथा इन भाव में अच्छा व्यापार हुआ।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से देसी मसूर की कीमतों में क्वालिटीनुसार 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई। दिल्ली और कटनी के मिलर्स की मांग बराबर बनी रही। हालांकि, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, नए ई-वे बिल और जीएसटी के विरोध में व्यापारियों द्वारा देशव्यापी हड़ताल का आह्वान करने के कारण आज मध्यप्रदेश के प्रमुख बाजार बंद थे।
वायदा में आई नरमी से दोपहर बाद चना की कीमतों में 25 रुपये का मंदा आकर भाव राजस्थानी चना के 4,950 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के 4,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर मार्च डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतें 75 रुपये की गिरावट आई, जबकि अप्रैल वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 73 रुपये का मंदा आया।
महाराष्ट्र में 24.67 लाख टन चना के उत्पादन का अनुमान
नई दिल्ली। चालू रबी में महाराष्ट्र में चना का उत्पादन 24.67 लाख टन होने का अनुमान है। राज्य सरकार के कृषि निदेशालय के अनुसार अरहर का उत्पादन 11.78 लाख टन, मूंग 2.26 लाख टन और उड़द का उत्पादन 2.58 लाख टन तथा अन्य दालों का उत्पादन 1.98 लाख टन होने का अनुमान है।
राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार राज्य में तिलहनी फसलों में सोयाबीन का उत्पादन 62 लाख टन, मूंगफली का 2.43 लाख टन और तिल का उत्पादन 0.02 लाख टन होने का अनुमान है। कपास का उत्पादन 88.22 लाख गांठ होने का अनुमान है।
चावल का उत्पादन अनुमान राज्य में 31.37 लाख टन, गेहूं का 17.83 लाख टन और ज्वार का उत्पादन 19 लाख टन तथा बाजरा का 8.28 और रागी का उत्पादन 1.07 लाख टन तथा मक्का का उत्पादन 39 लाख टन होने का अनुमान है।
25 फ़रवरी 2021
दिल्ली में मसूर और चना की कीमतों में तेजी, अरहर और उड़द में मंदा
नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों की मांग बढ़ने से गुरूवार को दिल्ली के नया बाजार में मसूर और चना की कीमतों में तेजी आई, जबकि अरहर के साथ ही उड़द की कीमतों में गिरावट देखी गई।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर की कीमतों में 100 से 200 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 5,700 और 5,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से कनाडा की मसूर के दाम मुंबई, मुंद्रा, कांडला और हजीरा बंदरगाह पर तथा ऑस्ट्रेलिया मसूर के दाम मुंबई और कोलकाता में गुरूवार को 50 से 75 रुपये प्रति क्विंटल तेज हुए। मसूर दाल में थोक के साथ ही खुदरा बाजार में ग्राहकी अच्छी रही, तथा मसूर दाल में 6,350 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर अच्छा व्यापार हुआ। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से देसी मसूर की कीमतों में क्वालिटीनुसार 25 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई। दिल्ली और कटनी के मिलर्स की मांग अच्छी देखी गई।
बर्मा लाईन की नई अरहर की कीमतों में 25 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,800-6,825 रुपये रह गई, चेन्नई से हाजिर डिलीवरी में मिलों की मांग और बिक्री कमजोर रही रही। चेन्नई में अरहर की कीमतों में 25 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,475 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हालांकि, सीमित स्टॉक होने के कारण नीचे दाम पर बिकवाली कमजोर रही। कर्नाटक लाईन की नेफेड की खरीदी हुई पुरानी अरहर में व्यापारिक गतिविधियां कमजोर होने के कारण 25 रुपये की नरमी आकर भाव 6,950-6,975 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। हरियाणा की नई आहर के भाव आज 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में भी 100—100 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 7,500 रुपये और 8,450 रुपये प्रति क्विंटल रह गई, क्योंकि दाल मिलों की मांग उड़द में कमजोर रही, साथ ही चेन्नई में उड़द की कीमतों में नरमी का असर भी रहा। आयातित उड़द का हाजिर में स्टॉक कम होने के बावजूद भी कीमतों में गिरावट आई है।
उधर, कोटा (राजस्थान) की नई उड़द के साथ ही मध्य प्रदेश की नेफेड द्वारा खरीदी हुई उड़द की कीमतों में भी 50 रुपये का मंदा आकर भाव 6,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दाल मिलों की मांग कमजोर होने के कारण गुरूवार को चेन्नई, दिल्ली और मुंबई में बर्मा उड़द की कीमतों में 25 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई। घरेलू नई उड़द की कीमतों में प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में क्वालिटीनुसार मिलाजुला रुख रहा। महाराष्ट्र लाईन की नई उड़द की कीमतों में दिल्ली में 150 रुपये की गिरावट आकर भाव 7,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में चना की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर राजस्थानी चना के दाम 4,950 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के भाव 4,900 से 4,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
वायदा में चना में 4 फीसदी का सर्किट लगा।
अकोला मंडी में नये चना के दाम 100 रुपये तेज होकर 4,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंबई में तंजानिया का चना 100 रुपये बढ़कर 4,600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर मार्च डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतें 185 रुपये की तेजी आई, जबकि अप्रैल वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 186 रुपये का सुधार आया।
24 फ़रवरी 2021
दिल्ली में मसूर की कीमतों में तेजी, उड़द एसक्यू में गिरावट
नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों के साथ ही व्यापारियों की मांग बढ़ने से बुधवार को दिल्ली के नया बाजार में मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई जबकि उड़द एसक्यू में गिरावट आई।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से मध्य प्रदेश और कनाडा लाईन की मसूर की कीमतों में 25 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 5,650 से 5,675 रुपये और 5,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि आयातित स्टॉक ज्यादा होने के साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान की कुछ मंडियों में मसूर की आवक शुरू होने से कीमतों में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है।
दाल मिलों की हाजिर मांग सीमित होने से कनाडा की मसूर के दाम मुंबई, कोलकाता, हजीरा, मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर तथा ऑस्ट्रेलिया मसूर के दाम मुंबई और कोलकाता में बुधवार को स्थिर बने रहे। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से देसी मसूर की कीमतों में क्वालिटीनुसार 25 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई।
चेन्नई में आई गिरावट के साथ ही दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में बर्मा उड़द एसक्यू की कीमतों में 50 रुपये की गिरावट आकर भाव 8,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। हाजिर में उड़द का स्टॉक कमजोर होने के बावजूद भी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, उड़द एफएक्यू 7,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही।
आयातित हाजिर स्टॉक कम होने के साथ ही दाल मिलों की हाजिर मांग भी कमजोर होने से बुधवार को चेन्नई और दिल्ली में बर्मा उड़द एसक्यू की कीमतों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई। दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से कोलकाता में उड़द एफएक्यू की कीमतों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। नई घरेलू उड़द की कीमतों में प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में क्वालिटीनुसार 50 से 200 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आया, क्योंकि दाल मिलों की मांग कमजोर थी।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर मार्च डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतें 10 रुपये की तेजी आई, जबकि अप्रैल वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 14 रुपये का सुधार आया।
खाद्यान्न का रिकार्ड 30.34 करोड़ टन उत्पादन का अनुमान, धान एवं गेहूं का बंपर
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2020-21 में देश में खाद्यान्न का रिकार्ड 30.34 करोड़ टन उत्पादन होने का अनुमान है जोकि फसल सीजन 2019-20 के 29.75 करोड़ टन से अधिक है।
कृषि मंत्रालय द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन 2020-21 में देश में धान के साथ ही गेहूं का रिकार्ड उत्पादन होने का अनुमान है। धान का उत्पादन बढ़कर 12.03 करोड़ टन और गेहूं का 10.92 करोड़ टन होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल इनका उत्पादन क्रमश: 11.84 और 10.57 करोड़ टन का ही हुआ था।
मोटे अनाजों का उत्पादन अनुमान फसल सीजन 2020-21 में 493.6 लाख टन, दालों का 244.2 लाख टन और तिलहन का उत्पादन 373.1 लाख टन होने का अनुमान है। मोटे अनाजों में मक्का का उत्पादन 301.6 लाख टन होने का अनुमान है। दालों में चना का उत्पादन 116.2 लाख टन और अरहर का उत्पादन 38.8 लाख टन होने का अनुमान है। तिलहनी फसलों में सोयाबीन का उत्पादन 137.1 लाख टन और मूंगफली का 101.5 लाख टन होने का अनुमान है। सरसों का उत्पादन 104.3 लाख टन होने का अनुमान है। कपास का उत्पादन चालू फसल सीजन में 365.4 लाख गांठ (एक गांठ -170 किलो) होने का अनुमान है।
