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30 दिसंबर 2017

एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी की दैनिक टिप्स

प्रिय पाठकों,
एनसीडीईएक्स और एमसीएक्स पर एग्री कमोडिटी में दैनिक आधार पर किस भाव पर खरीद करें, क्या स्टोप लोस लगाए तथा टारगेट क्या है। ट्रायल लेने के लिए हमें फोन करें या ई-मेल करें,। यह सर्विस मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी। इस सेवा के लिए हमें ई मेल
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धन्यवाद,
आर एस राणा
09811470207

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी।
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आर एस राणा
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मध्य प्रदेश, कर्नाटका और आध्रप्रदेश में चना की बुवाई ज्यादा, यूपी में कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां मध्य प्रदेश और कर्नाटका तथा आंध्रप्रदेश में चना की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुवाई घटी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चना की कुल बुवाई बढ़कर चालू रबी में 101.87 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 89.26 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी।
प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में चना की बुवाई बढ़कर चालू रबी में 34.96 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में केवल 28.50 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। इसी तरह से कर्नाटका में चना की बुवाई बढ़कर 13.69 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 10.44 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। आंध्रप्रदेश में भी चना की बुवाई बढ़कर चालू रबी में 4.99 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 3.04 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
राजस्थान में चालू रबी में चना की बुवाई घटकर 15.05 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 15.79 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। इसी तरह से उत्तर प्रदेश में चालू रबी में चना की बुवाई घटकर 5.52 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में 6.32 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। अन्य राज्यों में बिहार में 1.02 लाख हैक्टेयर में, छत्तीसगढ़ में 2.81 लाख हैक्टेयर में, गुजरात में 2.89 लाख हैक्टेयर में और झारखंड में 1.99 लाख हैक्टेयर में चना की बुवाई हो चुकी है।
कर्नाटका के साथ ही आंध्रप्रदेश की मंडियों में नए चना की आवक चालू हो गई है, जबकि महाराष्ट्र की मंडियों में चालू महीने के आखिर तक नई फसल की आवक बनेगी। इन राज्यों में बुवाई में बढ़ोतरी से पैदावार भी ज्यादा होने का अनुमान है। उत्पादक राज्यों में बकाया स्टॉक भी बचा हुआ है जबकि आयातित चना भी बराबर आ रहा है। ऐसे में आगामी दिनों में चना की कीमतों में और गिरावट आने का अनुमान है।  ............  आर एस राणा

मसूर की बुवाई ज्यादा, उड़द और मूंग की कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी सीजन में जहां मसूर की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं उड़द के साथ ही मूंग की बुवाई में कमी आई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में मसूर की बुवाई बढ़कर 16.83 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 16.10 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।
मंत्रालय के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मसूर की बुवाई बढ़कर 5.89 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में केवल 5.47 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। उधर उत्तर प्रदेश में चालू रबी में मसूर की बुवाई घटकर 5.92 लाख हैक्टयेर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 6.44 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। अन्य राज्यों में बिहार में 2.13 लाख हैक्टेयर में और पश्चिमी बंगाल में 1.41 लाख हैक्टयेर में मसूर की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इन राज्यों में क्रमशः 2.09 और 1.02 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी।
उड़द की बुवाई चालू रबी में घटकर 6.46 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 6.73 लाख हैक्टेयर में उड़द की बुवाई हो चुकी थी। मूंग की बुवाई चालू रबी सीजन में अभी तक केवल 2.96 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 3.62 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। ,..........   आर एस राणा

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा में गेहूं की बुवाई कम

आर एस राणा
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के साथ ही हरियाणा और राजस्थान में गेहूं की बुवाई में कमी आई है, जबकि पंजाब में बुवाई पिछले साल से बढ़ी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में गेहूं की कुल बुवाई घटकर अभी तक केवल 273.85 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 290.74 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी।
प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चालू रबी में गेहूं की बुवाई घटकर अभी तक केवल 92.65 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 97.58 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। मध्य प्रदेश में चालू सीजन में गेहूं की बुवाई घटकर 42.61 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 50.37 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। हरियाणा में गेहूं की बुवाई पिछले साल के 25.13 लाख हैक्टेयर से घटकर चालू रबी में अभी तक केवल 24.78 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। राजस्थान में भी गेहूं की बुवाई अभी तक केवल 27.30 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 29.75 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
पंजाब में चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़कर 34.80 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 34.70 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। अन्य राज्यों में गुजरात में गेहूं की बुवाई बढ़कर चालू रबी में 10.13 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल राज्य में इस समय तक 8.93 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। बिहार में चालू रबी में गेहूं की बुवाई 20.70 लाख हैक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 20.68 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ में गेहूं की बुवाई 1.12 लाख हैक्टेयर में, हिमाचल प्रदेश में 3.54 लाख हैक्टेयर में, जम्मू-कश्मीर में 1.83 लाख हैक्टेयर में, झारखंड में 1.75 लाख हैक्टेयर में, कर्नाटका में 1.74 लाख हैक्टेयर में, महाराष्ट्र में 6.48 लाख हैक्टेयर में और उत्तराखंड में 3.47 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है।
केंद्रीय पूल में पहली दिसंबर को गेहूं का स्टॉक 216.65 लाख टन का है जबकि पिछले साल पहली दिसंबर 2016 को इसका स्टॉक केवल 164.96 लाख टन का ही था। पहली जनवरी  को तय मानकों के हिसाब गेहूं का बफर स्टॉक 108 लाख टन और 30 लाख टन रिजर्व को मिलाकर कुल 138 लाख टन का होना चाहिए। अतः केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक तय मानकों से ज्यादा है। स्टॉक ज्यादा होने का प्रमुख कारण खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत मिलों द्वारा गेहूं की खरीद नहीं करना है।  ...............   आर एस राणा

29 दिसंबर 2017

रबी में दलहन की बुवाई बढ़ी, गेहूं के साथ ही मोटे अनाज व तिलहन की घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में जहां दलहन की रिकार्ड बुवाई हुई है, वहीं तिलहन के साथ ही गेहूं की बुवाई में कमी आई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में कुल फसलों की बुवाई बढ़कर 565.79 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल के समान अवधि में 571.47 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी।
मंत्रालय के अनुसार रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई घटकर 273.85 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 290.74 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। रबी दलहन की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 150.63 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई केवल 138.34 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। सामान्यतः रबी सीजन में दलहन की बुवाई 139.52 लाख हैक्टेयर में ही होती है।
रबी दलहन की प्रमुख फसल चना के साथ ही मसूर की बुवाई भी बढ़ी है। चना की बुवाई बढ़कर 101.88 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 89.26 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। इसी तरह से मसूर की बुवाई भी बढ़कर चालू रबी में 16.83 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 16.11 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। उड़द और मूंग की बुवाई चालू रबी में पिछले साल की तुलना में घटी है।
चालू रबी में तिलहनों की बुवाई घटकर 74.27 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 79.56 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई अभी तक केवल 63.58 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 68.94 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। रबी में मूंगफली की बुवाई 4.33 लाख हैक्टेयर में और अलसी की बुवाई 3.63 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।
मोटे अनाजों की बुवाई चालू रबी में अभी तक 50.71 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय 51.28 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में ज्वार घटकर 29.20 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 30.56 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। जौ की बुवाई भी चालू रबी में घटकर 7.12 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 7.18 लाख हैक्टेयर में जौ की बुवाई हो चुकी थी। मक्का की बुवाई जरुर चालू रबी में बढ़कर 13.57 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक मक्का की बुवाई केवल 13.15 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।
धान की रौपाई चालू रबी में बढ़कर अभी तक 16.33 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 11.55 लाख हैक्टेयर में ही रौपाई हो पाई थी।.....  आर एस राणा

कपास का उत्पादन 375 लाख गांठ होने का अनुमान-सीएआई

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2017-18 में कपास का उत्पादन 375 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) होने का अनुमान है। कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अनुसार पिछले साल कपास का उत्पादन 337.25 लाख गांठ का हुआ था। कॉटन एडवाईजरी बोर्ड (सीएबी) के अनुसार कपास का उत्पादन 377 लाख गांठ होने का अनुमान है।
सीएआई के अनुसार चालू सीजन कपास का आयात घटकर 20 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका आयात 27 लाख गांठ का हुआ था। निर्यात भी चालू फसल सीजन में घटकर 55 लाख गांठ का ही होने का अनुमान है जबकि पिछले साल 63 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ था। सीएआई के अनुसार चालू सीजन में अभी तक उत्पादक मंडियों में 147 लाख गांठ कपास की आवक हो चुकी है।  .......  आर एस राणा