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03 मार्च 2022

विदेश में भाव बढ़ने से घरेलू बाजार में गेहूं तेज, होली के बाद बढ़ेगी नई फसल की आवक

नई दिल्ली। विदेशी बाजार में गेहूं के भाव में चल ही रही तेजी से घरेलू बाजार में इसके भाव लगातार तेज हो रहे हैं। कांडला बंदरगाह पर बुधवार को गेहूं के भाव 20 रुपये बढ़कर 2,220 रुपये और गांधीधाम में फॉरवर्ड में भाव 40 रुपये तेज होकर व्यापार 2,290 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

यूक्रेन संकट के चलते शिकागों में गेहूं के भाव 10.11 डॉलर प्रति बुशेल यानी 2,810 रुपये प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। इसलिए भारत से गेहूं निर्यात के अच्छे पड़ते लग रहे हैं। ब्लैक सी के जरिए किसी भी तरह का निर्यात नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बाजार में लगातार में गेहूं की कीमतें बढ़ने लगी है। व्यापारियों के अनुसार युद्ध यदि जारी रहा तो गेहूं की मौजूदा कीमतों में और भी तेजी बन सकती है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध का असर अब दुनिया में महंगाई के तौर पर भी दिखने लगा है। जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में इसके चलते खाद्यान्न की कीमतों में बड़ा इजाफा हो सकता है। शिकागो में गेहूं का दाम 14 साल के शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जोकि 2008 के बाद गेहूं यह सबसे ऊंचा रेट है। महीने भर से ही गेहूं के दाम में तेजी देखने को मिल रही थी, लेकिन रूस की ओर से यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद इसकी कीमतों में भारी तेजी आई है।

रूस और यूक्रेन में बड़े पैमाने पर गेहूं का उत्पादन होता है तथा इन देशों में युद्ध शुरू होने के बाद से इसकी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। एक तरफ रूस पर पश्चिमी देशों ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं तो वहीं यूक्रेन अब निर्यात की स्थिति में नहीं है। इसी के चलते गेहूं की कीमतें विश्व बाजार में महीनेभर में ही 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। मालूम हो कि रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया का एक चौथाई खाद्यान्न निर्यात करते हैं। लेकिन युद्ध ने दोनों ही देशों के कारोबारों को प्रभावित किया है। रूस के हमले के बाद से कार्गो शिप जहां के तहां खड़े हैं तथा दोनों देशों का कारोबार थम गया है।

विदेश में दाम तेज होने से घरेलू मंडियों में भी गेहूं की कीमतों में तेजी बनी हुई है। व्यापारियों के अनुसार होली के बाद उत्पादक मंडियों में नए गेहूं की आवक बढ़ेगी, लेकिन विश्व बाजार में दाम तेज रहे तो फिर निर्यातकों की मांग बनी रहेगी। ऐसे में हाजिर बाजार में भी भाव अभी तेज ही बने रहने की उम्मीद है। दिल्ली में उत्तर प्रदेश लाईन के गेहूं का भाव 2,300 रुपये, मध्य प्रदेश के गेहूं का भाव 2,280 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए तथा दैनिक आवक 4,000 बोरियों की हुई।

चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले 9 महीनों अप्रैल से दिसंबर के दौरान गेहूं का निर्यात बढ़कर 50.41 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात केवल 10.69 लाख टन का ही हुआ था।

कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी सीजन में देश में गेहूं का उत्पादन बढ़कर 11.13 करोड़ टन होने का अनुमान है, जोकि पिछले साल के 10.95 करोड़ टन से ज्यादा है।  

02 मार्च 2022

उत्तर भारत के राज्यों की मंडियों में धान के भाव 2 मार्च 2022 के

उत्तर भारत के राज्यों की मंडियों में धान के भाव 2 मार्च 2022 के

 

 Pillu Khera Mandi arrival 1200 bags 1121 hand --4069 & Basmati hand --3438 Tak biki

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 Tarn Taran mandi arrival 1121 1718 2000 bags
Combine 1121 rs 4000
Hath --1121 rs 4187
Combine 1718 rs 3923
Hath -- 1718 rs  3954 

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Amritsar 1121 4196/

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Mandi- Kotkapura. (Punjab)

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Aarival- 1300 Bags Combain)

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1121. New.
Rate- 3800--4055

1401. New.
Rate- 3650--3800

1718. New.
Rate- 3600--3950

New 1509
Rate- 3620--3870

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haryana fatehabad mandi ---1121-4090 1718-3940 1509-3565 

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Sirsa_Mandi_Bhav
Dt. 02-03-2022
Narma 🌥️ 7000-10197.
Kapas  ☁️  7600-7800.
Paddy PB-1 - 3300-3650.
Paddy 1401- 3400-3903.
#Quality_Rate...

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MANDI- KAITHAL. Haryana

1121. HAND.
Rate- 4030.

1718. HAND.
Rate- 3970.

Basmati. HAND.
Rate- 3460.

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MANDI- DABRA. MP

Arrival- 1'000. Bags. Combine.

1718.
Rate- 3855.

1121.
Rate- 3720.

1509.
Rate- 3350.

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MANDI- ALIGADH. UP

Aarival- 2'000. Bags.

1121. Not Aarival.

1718. HAND.
Rate- 3940.

1509. HAND.
Rate- 3600.

TAJ. HAND.
Rate- 3250.

Suganda. HAND.
Rate- 3201.

Sarbati. HAND.
Rate- 2580.

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Tohana shabnam 3205/- top

चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों में उड़द का आयात 63 फीसदी से ज्यादा बढ़ा

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले दस महीनों अप्रैल से जनवरी के दौरान उड़द के आयात में 63.54 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल आयात 4.89 लाख टन का हो चुका है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की समान अवधि में इसका आयात 2.99 लाख टन का हुआ था।

सूत्रों के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान उड़द का कुल आयात 3.34 लाख टन का हुआ था, जबकि चालू वित्त वर्ष के दौरान कुल आयात में भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है, क्योंकि फरवरी और मार्च में आयात और बढ़ने की उम्मीद है। जनवरी में उड़द का आयात 46 हजार से ज्यादा का हुआ तथा मध्य फरवरी तक ही करीब 20 हजार टन से ज्यादा उड़द का आयात हो चुका है।

दक्षिण भारत में आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में नई उड़द की आवक शुरू हो गई है, हालांकि इन राज्यों में जनवरी महीने में हुई बेमौसम बारिश से फसल की उत्पादकता पिछले साल की तुलना में कम बैठ रही है, साथ ही क्वालिटी को भी नुकसान हुआ है। हालांकि मार्च और अप्रैल में आयातित उड़द ज्यादा मात्रा में आयेगी, इसलिए आयातक और स्टॉकिस्ट उड़द के दाम तेज करना चाहते हैं। उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग कमजोर है, ऐसे में स्टॉकिस्ट इसके भाव में 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी तो कर सकते हैं, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी।

बर्मा में चालू सीजन में उड़द का उत्पादन पिछले साल की तुलना में ज्यादा होने का अनुमान है, लेकिन भारतीय आयातकों की मांग से स्थानीय बाजार में उड़द के दाम दूसरे दिन भी तेज हो गए। जानकारों के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से भी आयात पड़ते महंगे होंगे। बर्मा के स्थानीय बाजार में मंगलवार को उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में पांच से दस डॉलर की तेजी आकर भाव क्रमश: 785 डॉलर और 875 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।

कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में उड़द का उत्पादन बढ़कर 8.10 लाख टन होने का अनुमान है, जोकि इसके पिछले साल के 7.50 लाख टन से ज्यादा है। फसल सीजन 2021-22 के दौरान उड़द का कुल उत्पादन 26.6 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि फसल सीजन 2020-21 के दौरान 22.3 लाख टन का उत्पादन हुआ था। हालांकि जानकारों के अनुसार चालू सीजन में प्रतिकूल मौसम की मार उड़द की फसल पर पड़ी है, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन तो कम बैठी ही, साथ ही क्वालिटी को भारी नुकसान हुआ।

केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2021-22 के लिए उड़द का एमएसपी 6,300 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

मंगलवार को मुंबई में उड़द एफएक्यू के भाव 6,300 से 6,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। उधर चेन्नई में एफएक्यू उड़द के भाव 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे, जबकि एसक्यू के भाव में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 6,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

अकोला मंडी में देसी उड़द के भाव 6,100 से 6,600 रुपये, सोलपुर में 5,500 से 6,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। दाहोद मंडी में देसी उड़द के भाव 5,500 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

28 फ़रवरी 2022

मार्च के लिए 21.50 लाख चीनी का कोटा जारी, मार्च में हल्की तेजी बनने के आसार

नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने मार्च के लिए 21.50 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है। व्यापारियों के अनुसार उम्मीद से कम कोटा जारी करने के साथ ही मार्च में त्यौहारी मांग बढ़ने से चीनी की मौजूदा कीमतों में हल्की तेजी बनने के आसार है।

दिल्ली में एम ग्रेड चीनी के दाम सोमवार को 3,660 से 3,820 रुपये और उत्तर प्रदेश की बरेली मंडी में भाव 3,610 से 3,770 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही। उधर मुंबई नाका में एम ग्रेड चीनी के दाम 3,300 से 3,470 रुपये और चेन्नई में इसके भाव 3,450 से 3,490 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

केंद्र सरकार ने पिछले साल मार्च 2021 के लिए 21 लाख टन का कोटा जारी किया था, हालांकि मार्च 2022 के लिए कोटा बढ़ाकर जारी किया है, लेकिन पिछले साल लॉकडाउन के कारण चीनी की खपत कम थी, जबकि कोरोना के मामलों में कमी आने के कारण राज्य सरकारों ने काफी हद तक पाबंदियों में छूट दे रखी है। जिस कारण मार्च में चीनी की खपत बढ़ने का अनुमान है। वैसे भी सरकार ने फरवरी के कोटे की बची हुई चीनी बेचने के लिए मिलों को एक्सटेंशन नहीं दिया है तथा माना जा रहा है कि फरवरी के अधिकतर कोटे की चीनी मिलें पहले ही बेच चुकी हैं

आंध्रप्रदेश से एमएसपी पर चना, उड़द और मूंग की खरीद को मंजूरी

नई दिल्ली। आंध्रप्रदेश से एमएसपी पर चालू रबी सीजन में 1,26,270 टन चना, 91,475 टन उड़द और 19,632 टन मूंग की खरीद को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

रबी सीजन में 444 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य, पिछले साल से ज्यादा

नई दिल्ली। रबी विपणन सीजन 2022-23 में केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर 444 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया है, जोकि पिछले रबी सीजन के 433.44 लाख टन से ज्यादा है।

केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2022-23 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है, जबकि पिछले रबी सीजन में गेहूं का एमएसपी 1,975 रुपये प्रति क्विंटल था।

पहली अप्रैल 2022 से शुरू होने वाले रबी विपणन सीजन में पंजाब से 132 लाख टन, मध्य प्रदेश से 129 लाख टन, हरियाणा से 85 लाख टन, उत्तर प्रदेश से 60 लाख टन, राजस्थान से 23 लाख टन, बिहार से 10 लाख टन, उत्तराखंड से 2.20 लाख टन, गुजरात से 2 लाख टन और हिमाचल प्रदेश से 27 हजार टन तथा जम्मू-कश्मीर से 35 हजार टन और दिल्ली से 18 हजार टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर करने का लक्ष्य तय किया है।  

इसी तरह से केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2022-23 में 42.92 लाख टन धान की एमएसपी पर खरीद करने का लक्ष्य तय किया है।

गुजरात से एमएसपी पर 4.65 लाख टन चना की खरीद को मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2021-22 में गुजरात से न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर 4.65 लाख टन चना की खरीद को मंजूरी दी है। चना की खरीद नेफेड, राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर करेगी। केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन के लिए चना का एमएसपी 5,230 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

चालू रबी में चना की बुआई में बढ़ोतरी हुई है, तथा अभी तक मौसम भी लगभग फसल के अनुकूल ही रहा है, जिससे चना के उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान है। उत्पादक मंडियों में चना के दाम एमएसपी से 600 से 800 रुपये प्रति क्विंटल है, अत: चना की एमएसपी पर खरीद शुरू होने के बाद मौजूदा कीमतों में सुधार आने की उम्मीद है।

कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2021-22 में चना का उत्पादन 10.16 फीसदी बढ़कर 131.2 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 119.1 लाख टन का हुआ था।