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05 नवंबर 2016

ग्वार गम उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी, भाव भी बढ़े

आर एस राणा
नई दिल्ली। विदेषी मांग में आये सुधार से अक्टूबर के 24 से 30 अक्टूबर के दौरान ग्वार गम उत्पादों (ग्वार गम पाउडर, ग्वार स्पलिट और मील) का निर्यात बढ़कर 8,557 टन का हुआ है जबकि इसके पहले 17 से 23 अक्टूबर के दौरान 7,801 टन ग्वार गम उत्पादों का ही निर्यात हुआ था। 24 से 30 अक्टूबर के दौरान ग्वार गम उत्पादों के निर्यात सौदे भी उंचे भाव में हुए।
अक्टूबर महीने के 24 से 30 अक्टूबर के दारैरान 6,246 टन ग्वार गम पाउडर का निर्यात औसतन 1,393.4 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है जबकि 17 से 23 अक्टूबर के दौरान 5,331 टन ग्वार गम पाउडर का निर्यात औसतन 1,358.31 डॉलर प्रति टन की दरे ही हुआ था। इसी तरह से 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के दौरान 241 टन ग्वार स्पलिट का निर्यात औसतन 1,165.95 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है जबकि 17 से 23 अक्टूबर के दौरान 220 टन ग्वार स्पलिट का निर्यात औसतन 1,058.21 डॉलर प्रति टन की दर से ही हुआ था।
ग्वार मील का निर्यात 24 से 30 अक्टूबर के दौरान 2,070 टन का औसतन 542,070 टन का औसतन 547.4 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ है जबकि 17 से 23 अक्टूबर के दौरान 2,250 टन ग्वार मील का निर्यात औसतन 538.1 डॉलर प्रति टन की दर से हुआ था।..........आर एस राणा

आस्ट्रेलिया में खराब मौसम का असर चना और मसूर की कीमतों पर

आर एस राणा
नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया में खराब मौसम का असर चना और मसूर की कीमतों पर पड़ने की आषंका है। आस्ट्रेलिया के दो राज्यों में खराब मौसम से मसूर की करीब 45 से 50 फीसदी फसल खराब होने की आषंका है। ऐसे में माना जा रहा है कि आस्ट्रेलिया में मसूर की कुल पैदावार में 10 से 15 फीसदी की कमी आने की आषंका है। वैसे भी घरेलू बाजार में मसूर की नई फसल की आवक अप्रैल में ही बनेगी। घरेलू बाजार में मसूर की खपत सर्दियों में आमतौर पर ज्यादा होती है इसलिए भाव में तेजी आने का अनुमान है।
आस्ट्रेलिया से नए चने की आवक में भी देरी की आषंका है माना जा रहा है कि चालू महीने के आखिर तक ही नई षिपमेंट आ पायेगी, इसलिए स्टॉकिस्ट अभी चना में ज्यादा मंदे में नहीं है।
उधर कनाडा में भी मूंग की कीमतों में सप्ताहभर में तेजी आई है जबकि चना के भाव स्थिर बने हुए हैं। कनाडा में लाल मसूर के भाव सप्ताह भर में करीब 3 से 4 सेंट प्रति पाउड बढ़कर 62 से 63 सेंट प्रति पाउड हो गए जबकि चना के भाव कनाडा में 53 सेंट प्रति पाउड पर स्थिर बने हुए हैं।
घरेलू बाजार में अरहर, उड़द और मूंग की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में अरहर के साथ ही उड़द की कीमतों में और गिरावट आयेगी। म्यांमार से आयातित लेमन अरहर के भाव घटकर मुंबई में 790 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) रह गए जबकि 2 नवंबर को इसके भाव 860 डॉलर प्रति टन थे। म्यंमार से आयातित उड़द के भाव भी मुंबई में घटकर एफएक्यू के 1,125 डॉलर और एसक्यू के भाव 1,185 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ)  रह गए। मुंबई में अरहर के भाव घटकर 5,800 से 5,850 रुपये और उड़द के भाव 7,500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। चना के भाव मुंबई में 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रहे।.........आर एस राणा

04 नवंबर 2016

रबी में दलहन के साथ मोटे अनाजों की बुवाई पिछड़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू रबी में दलहन के साथ ही मोटे अनाजों बुवाई पिछे चल रही है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में अभी तक दलहन की बुवाई केवल 24.16 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 30.07 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
मोटें अनाजों की बुवाई चालू रबी में अभी तक केवल 13.84 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 29.92 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। चालू रबी में तिलहनी फसलों की बुवाई में जरुर बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय के अनुसार अभी तिलहनी फसलों की बुवाई बढ़कर 29.79 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 19.91 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी।
रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई चालू रबी में अभी तक 4.28 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुवाई 2.76 लाख हैक्टेयर में हुई थी। रबी में धान की रोपाई अभी तक 9.51 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 6.25 लाख हैक्टेयर में रोपाई हो चुकी थी। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में अभी तक देषभर में 81.58 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई है जबकि पिछले इस समय तक 88.92 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई में तेजी आयेगी।......आर एस राणा

चालू पेराई सीजन में 28 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ की

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन में देषभर की 28 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी है जबकि पिछले साल इस समय तक 66 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी थी। इंडियन षुगर मिल्स एसोसिएषन (इस्मा) के अनुसार चालू पहली अक्टूबर सेष्षुरु हुए चालू पेराई सीजन में 31 अक्टूबर तक 1.04 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक 1.87 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
इस्मा के अनुसार सबसे ज्यादा चीनी मिलें कर्नाटका में 19 मिलें ने पेराई आरंभ कर दी है जबकि पिछले साल राज्य में इस समय तक केवल 12 मिलों ने ही पेराई आरंभ की थी। राज्य की चीनी मिलों ने अभी तक 69,000 टन चीनी का उत्पादन किया है जबकि पिछले साल इस समय तक 12,000 टन चीनी का उत्पादन किया था।
तमिलनाडु में चालू पेराई सीजन में अभी तक 4 मिलों में पेराई आरंभ हो चुकी है जबकि उत्तर प्रदेष में 3 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी है। मध्य प्रदेष और आंध्रप्रदेष में भी 2 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी है। महाराष्ट्र में पांच नवंबर से चीनी मिलों में पेराई आरंभ हो जायेगी।
पहली अक्टूबर को देषभर में चीनी का करीब 77 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ है जबकि चालू पेराई सीजन 2016-17 में 234 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है। इस तरह से चीनी की कुल उपलब्धता करीब 311 लाख टन की बैठेगी, जबकि देष में चीनी की सालाना खपत करीब 255 लाख टन की होगी। अतः ऐसे में आगामी पेराई सीजन के समय करीब 56 लाख टन चीनी का बकाया स्टॉक उपलब्ध होगा।....आर एस राणा

गुजरात से एमएसपी पर मूंगफली की खरीद करेगी सरकार

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार गुजरात से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली की खरीद करेगी। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार केंद्र सरकार को राज्य की ओर से मूंगफली की एमएसपी पर खरीद करने के लिए पत्र मिला था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य से मूंगफली की खरीद करने की योजना बनाइ्र है
उन्होंने बताया कि नैफेड और एसएफएसी मिलकर राज्य से मूंगफली की एमएसपी पर खरीद करेंगी। खरीफ विपणन सीजन 2016-17 के लिए मूंगफली का एमएसपी 4,220 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि उत्पादक मंडियों में मूंगफली के दाम एमएसपी से नीचे आ गए हैं।............आर एस राणा

03 नवंबर 2016

धान की कीमतों में आई तेजी टिकने के आसार नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। पूसा 1,121 धान की कीमतें बुधवार को उत्पादक मंडियों में बढ़कर 2,380 से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। माना जा रहा है कि चावल में निर्यात मांग स्थिर ही बनी हुई है तथा इस समय केवल कुछ स्टॉकिस्ट उंचे भाव पर माल खरीद रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि आगे धान के भाव में गिरावट ही आनी चाहिए।
पूसा 1,121 बासमती धान का स्टॉक 2,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे भाव आने पर करना फायदेमंद होगा, इसलिए मौजूदा भाव में स्टॉक नहीं करना चाहिए। हरियाणा की कैथल मंडी में 1,121 धान का भाव 2,380 रुपये, 1,509 धान का भाव 2,050 रुपये, सरबती का भाव 1,700 से 1,750 रुपये और ट्रेडिषनल बासमती का भाव 3,000 से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल रहा।...........आर एस राणा

गेहूं के बफ्र स्टॉक में कटौती करेगी सरकार- पासवान

आर एस राणा
नई दिल्ली। गेहूं की कीमतों में आई तेजी रोकने के लिए केंद्र सरकार गेहूं के बफर स्टॉक में कटौती करेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं की आपूर्ति बाजार में बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार तय मानकों गेहूं के बफर स्टॉक में कमी करेगी। दिल्ली में गेहूं के भाव बढ़कर 2,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए थे तथा पिछले पंद्रह दिनों में ही इसकी कीमतों में करीब 300 रुपये की तेजी आई थी।
मालूम हो कि तय मानकों के हिसाब से पहली अप्रैल 2017 को 74.6 लाख टन गेहूं का बफर स्टॉक होना चाहिए जबकि केंद्रीय पूल में पहली अक्टूबर को 216.57 लाख टन गेहूं का भंडार मौजूद है, इसके पिछले साल पहली अक्टूबर 2015 को 324.50 लाख टन गेहं का भंडार मौजूद था।
उन्होंने कहां कि चीनी की कीमतें स्थिर बनी हुई है, केंद्र सरकार लगातार चीनी की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं तथा भाव में तेजी नहीं आयेगी।
उन्होंने कहां कि दलहन और गेहूं की कीमतों में आई तेजी के लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं। मूंगफली की कीमतों में आई गिरावट के बारे में उन्होंने कहां कि मूंगफली की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए कृषि मंत्री से बात करेंगे।...........आर एस राणा