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27 सितंबर 2023

दिल्ली एवं हरियाणा पूसा 1,509 किस्म के सेला बासमती चावल के भाव इस प्रकार रहे

दिल्ली एवं हरियाणा पूसा 1,509 किस्म के सेला बासमती चावल के भाव इस प्रकार रहे  

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NORMAL BROKARAGE PER 


NEW 1509 SELA 6800/6850 FOR

PUNJAB 2/3 CITY'S

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NEW 1509 SELA 6800 FOR

KUTAIL HARYANANEW 1509 SELA 6700/6800 FOR

TARAORI HARYANA

QUALITY WISE RATES

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NEW 1509 SELA 6750/6800+ FOR

QUALITY WISE RATES

DELHI POSITION

दिल्ली में चना, गेहूं एवं मूंग के भाव इस प्रकार रहे

 दिल्ली (DELHI) व्यापार (VYAPAR) 

चना (CHANA) एमपी नया(MP NEW)-6500+0

राजस्थान नया(RAJ.NEW)-6500+0

मसूर (MASUR) (2/50 kG)-6675/6700+0

मूंग(MUNG) 

राजस्थान (RAJ.) लाइन (LINE)-8700+25

मोठ(MOTH) (राजस्थान RAJ.) नया (NEW)-7150+50

गेंहू(WHEAT) एमपी&यूपी&राज. (MP&UP& RAJ.)-2590/2600+0

यूएई को गैर बासमती चावल निर्यात करने की मंजूरी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने एनसीईएल के माध्यम से 75,000 टन ग़ैर बासमती चावल के निर्यात की मंजूरी दी है।


केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार यूएई को एनसीईएल गैर बासमती सफेद चावल का 75,000 टन का निर्यात करेगा। 

केंद्र सरकार ने अरहर और उड़द पर स्टॉक लिमिट को 31 दिसंबर तक बढ़ाया

नई दिल्ली। दलहन की बढ़ी कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने अरहर एवं उड़द पर स्टॉक लिमिट की अवधि को 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ा दिया है, साथ ही स्टॉक लिमिट की मात्रा में भी कटौती की गई है।


केंद्रीय खाद्वय एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार अरहर और उड़द पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत मौजूदा स्टॉक सीमा की समय अवधि को 30 अक्टूबर, 2023 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2023 तक कर दिया गया है, साथ ही स्टॉक लिमिट की मात्रा में भी कटौती की गई है।

मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, थोक विक्रेताओं और बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं के पास स्टॉक की सीमा को 200 टन से घटाकर 50 टन कर दिया गया है, इसके साथ ही मिलर के लिए स्टॉक सीमा को पहले के 3 महीने के उत्पादन या वार्षिक क्षमता के 25 फीसदी को भी घटाकर 1 महीने के उत्पादन या वार्षिक क्षमता का 10 फीसदी जो भी अधिक हो, कर दिया है।

केंद्र सरकार ने स्टॉक सीमा में संशोधन और समय अवधि में बढ़ोतरी जमाखोरी को रोकने और बाजार में पर्याप्त मात्रा में अरहर और उड़द की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए अरहर और उड़द दाल को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाया है।

केंद्रीय खाद्वय एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक अरहर और उड़द पर स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है। प्रत्येक दाल पर व्यक्तिगत रूप से लागू स्टॉक सीमा थोक विक्रेताओं के लिए 50 टन होगी, जबकि खुदरा विक्रेताओं के लिए 5 टन तथा बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं के लिए प्रत्येक खुदरा दुकान पर 5 टन और डिपो पर 50 टन की समय सीमा तय की गई है। इसके अलावा मिल मालिकों के लिए 1 महीने के उत्पादन या वार्षिक क्षमता का 10 फीसदी जो भी अधिक हो, कर दिया है।

आयातकों को सीमा शुल्क निकासी की तारीख से 30 दिनों से अधिक आयातित स्टॉक नहीं रखना है। इसके साथ ही उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल (https://fcainfoweb.nic.in/psp) पर स्टॉक की जानी देनी होगी और यदि उनके पास स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक है, तो अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के भीतर ही इसे निर्धारित स्टॉक सीमा में लाना होगा।

इससे पहले सरकार ने जमाखोरी और सट्टेबाजी को रोकने और उपभोक्ताओं को सस्ती दालें उपलब्ध कराने के लिए 2 जनवरी, 2023 को अरहर और उड़द पर स्टॉक सीमा की अधिसूचना जारी की थी। उपभोक्ता मामले विभाग पोर्टल के माध्यम से अरहर और उड़द के स्टॉक की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है, साथ ही राज्य सरकार के साथ साप्ताहिक आधार पर समीक्षा भी की जा रही है।

22 सितंबर 2023

साप्ताहिक आधार पर चीनी के स्टॉक की जानकारी देनी होगी - केंद्र सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए व्यापारियों/थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं और प्रोसेसरों द्वारा साप्ताहिक आधार पर चीनी स्टॉक के स्टॉक की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है।


दिल्ली में चीनी के थोक भाव गुरुवार को 4,050 से 4,100 रुपये प्रति क्विंटल रहे, जबकि उत्तर प्रदेश में चीनी की एक्स फैक्ट्री कीमत 3,800 से 3,875 रुपये प्रति क्विंटल रही। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा चीनी के स्टॉक की जानकारी मांगे जाने से हाजिर बाजार में कीमतों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों में काबू करने के लिए केंद्रीय खाद्वय एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा गुरुवार जारी अधिसूचना के अनुसार व्यापारियों/थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं एवं बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं तथा प्रोसेसरों द्वारा साप्ताहिक आधार पर चीनी के स्टॉक की जानकारी देनी होगी।

जानकारों के अनुसार चालू सीजन में अगस्त में बारिश की भारी कमी से महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के साथ ही कई अन्य राज्यों में भी गन्ने की फसल प्रभावित हुई है, जिस कारण इन राज्यों में चीनी के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में 15 सितंबर तक गन्ने की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 59.91 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 55.65 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

महाराष्ट्र में दलहन एवं मूंगफली की बुआई घटी, मानसूनी बारिश 9 फीसदी कम

नई दिल्ली। चालू मानसूनी सीजन में बारिश सामान्य से कम होने के कारण महाराष्ट्र में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल दलहन के साथ ही मूंगफली की बुआई में कमी आई है।


भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार चालू मानसूनी सीजन में पहली जून से 21 सितंबर तक महाराष्ट्र में सामान्य के मुकाबले 9 फीसदी बारिश कम हुई है। इस दौरान राज्य में 861.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्यत: 946 मिलीमीटर बारिश होती है।

राज्य के कृषि निदेशालय के अनुसार दालों की बुआई चालू खरीफ में 18 सितंबर तक घटकर 16.09 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक बुआई 18.83 लाख हेक्टेयर में हुई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में घटकर राज्य में 11.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 11.75 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। इसी तरह से मूंग की बुआई चालू खरीफ में 1.80 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 2.66 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 2.69 लाख हेक्टेयर में और 3.57 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

मूंगफली की बुआई चालू खरीफ में घटकर 1.43 हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले खरीफ में इसकी बुआई 1.60 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। हालांकि सोयाबीन की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 50.67 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि के 49.08 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। तिलहनी फसलों की कुल बुआई चालू सीजन में 52.26 लाख हेक्टेयर में हुई है, जोकि पिछले साल के 50.98 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।

राज्य में कपास की बुआई 42.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई इतने ही लाख हेक्टेयर में हुई हुई थी।

मक्का की बुआई चालू खरीफ में 9.15 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई 8.80 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। हालांकि धान की रोपाई चालू खरीफ में घटकर 15.28 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय 15.53 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी। ज्वार की बुआई चालू सीजन में घटकर 1.11 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 1.42 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

राज्य में चालू खरीफ सीजन कुल फसलों की बुआई 140.93 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 142.99 लाख हेक्टेयर से कम है।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में बासमती चावल का निर्यात बढ़ा, गैर बासमती का घटा

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2023-24 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान बासमती चावल के निर्यात में 6.93 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 16.09 लाख टन का हुआ है, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान इसका निर्यात केवल 15.06 लाख टन का हुआ था।


केंद्र सरकार ने अगस्त में बासमती चावल के निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 1,200 डॉलर प्रति टन तय किया था। जानकारों के अनुसार ऐसे में आगामी महीनों में इसके निर्यात में कमी आने की आशंका है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2023-24 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान गैर बासमती चावल का निर्यात 7.87 फीसदी घटकर 53.58 लाख टन का ही हुआ है जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 58.16 लाख टन का हुआ था।

व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नए धान की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है, हालांकि मिलों की खरीद बनी रहने से चालू सप्ताह में पूसा 1,509 किस्म के सेला एवं स्टीम चावल के दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल तेज हुए हैं। दिल्ली में पूसा 1,509 किस्म के बासमती सेला चावल का भाव 7,300 से 7,500 रुपये और इसके सेला चावल के भाव बढ़कर 6,500 से 6,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

उत्तर भारत के राज्यों की मंडियों में नए धान की आवक बढ़कर तीन लाख बोरियों से ज्यादा की हो रही है तथा मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में दैनिक आवक और बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार पिछले साल किसानों ने धान के उंचे दाम देखे थे, इसलिए चालू सीजन में नीचे दाम पर किसानों की बिकवाली कम आयेगी। इसलिए अभी मौजूदा कीमतों में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। वैसे भी चालू सीजन में पंजाब एवं हरियाणा में बाढ़ से धान की फसल को नुकसान हुआ था, साथ ही अगस्त में बारिश की भारी कमी का असर भी फसल पर पड़ने का डर है।

हरियाणा की करनाल मंडी में मंगलवार को धान की आवक 12,000 बोरियों की हुई तथा पूसा 1,509 किस्म के धान का भाव 3475 रुपये प्रति क्विंटल रहे। नए मालों में नमी 22 से 28 फीसदी की आ रही है। कैथल मंडी पूसा 1,509 किस्म के नए धान के भाव 3550 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

गढ़मुक्तेश्वर मंडी में पूसा 1,509 किस्म के धान के भाव 2,800 से 3,551 रुपये और आरएच 10 किस्म के नए धान के दाम 2,300 से 2,451 रुपये तथा ताज क्वालिटी के धान के दाम 2,000 से 2,500 रुपये तथा शरबती किस्म के धान के दाम 2,000 से 2,300 रुपये और सुगंधा किस्म के धान के 2,500 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल रहे।