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22 जून 2017

एफसीआई को नहीं मिला गेहूं का खरीददार, भाव में तेजी की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री भाव (ओएमएसएस) में गेहूं बेचने का भाव हाजिर मंडियों से उंचा रखने के कारण एक भी निविदा नहीं भरी गई। सूत्रों के अनुसार एफसीआई ने गेहूं के गैर उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु, तथा केरल और कर्नाटका आदि में गेहूं बेचने के लिए निविदा आमंत्रित की थी, लेकिन एक भी राज्य से फ्लोर मिलों ने गेहूं खरीदने के लिए रुचि नहीं दिखाई।
एफसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आंध्रप्रदेष में एफसीआई ने गेहूं बेचने के लिए निविदा भरने का न्यूनतम भाव 2,074 से 2,109 रुपये तथा गुजरात में 2,178 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से गेहूं का बिक्री भाव 1,790 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है जबकि इसमें परिवहन लागत व अन्य खर्च अलग हैं। व्यापारियों के अनुसार आस्ट्रेलियाई से आयातित गेहूं का भाव तुतीकोरन बंदरगाह पर 1,780 रुपये प्रति क्विंटल है, तथा फ्लोर मिलों में पहुंच इसका भाव 1,880 से 1,930 रुपये प्रति क्विंटल बैठ रहा है। इसीलिए फ्लोर मिलें दक्षिण भारत में आयातित गेहूं की खरीद ज्यादा मात्रा में कर रही है।
जानकारों के अनुसार दक्षिण भारत में करीब 14 स 15 लाख टन गेहूं का स्टॉक जमा है, इसलिए अभी फ्लोर मिलें एफसीआई से खरीद नहीं करेंगी। दिल्ली में गेहूं का भाव 1,740 से 1,745 रुपये प्रति क्विंटल है। प्रमुख उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश के साथ ही राजस्थान में गेहूं का स्टॉक ज्यादा है, साथ ही 10 फीसदी आयात शुल्क के बावजूद भी आस्ट्रेलियाई गेहूं सस्ता पड़ रहा है। ऐसे में गेहूं की कीमतों में सुधार तभी आ सकता है, अगर केंद्र सरकार गेहूं के आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दे।
चालू रबी विपणन सीजन 2017-18 में एफसीआई की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की सरकारी खरीद 306.54 लाख टन से ज्यादा की हो चुकी है जबकि साल की समान अवधि में इसकी की खरीद 229.61 लाख की हुई थी।
केंद्रीय पूल में पहली जून को गेहूं का स्टॉक बढ़कर 334.40 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले साल पहली जून को 326.38 लाख टन गेहूं का ही स्टॉक मौजूद था।................   आर एस राणा

बासमती चावल का निर्यात 40 लाख टन ही होने का अनुमान

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2017-18 में बासमती चावल का निर्यात 40 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में 39.99 लाख टन बासमती चावल का निर्यात हुआ था। वित्त वर्ष 2015-16 में बासमती चावल का निर्यात 40.50 लाख टन का हुआ था।
ऑल इंडिया राईस एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय सेतिया ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2017-18 में भी बासमती चावल का निर्यात 40 लाख टन के आसपास ही होगा, जबकि चालू सीजन में बासमती चावल का उत्पादन पिछले साल की तुलना में ज्यादा होने का अनुमान है। चालू सीजन में बासमती धान के भाव उत्पादक मडियों में उंचे हो गए थे, जिस कारण पंजाब और हरियाणा में किसान खासकर के पूसा 1,121 और 1,509 धान की रौपाई ज्यादा करेंगे। व्यापारियों के अनुसार जुलाई के बाद घरेलू बाजार में बासमती चावल के साथ ही धान की कीमतों में और मंदा आने का अनुमान है।
एपीडा के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले महीने अप्रैल में बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 3,89,406 टन का हुआ है जबकि पिछले साल अप्रैल महीने में इसका निर्यात 3,36,769 टन का हुआ था।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में धान की रौपाई 9.22 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 9.40 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। अभी तक गैर-बासमती चावल की रौपाई ही शुरु हुई है, पंजाब और हरियाणा में पूसा 1,121 बासमती धान और पूसा-1,509 पूसा की रौपाई जुलाई में शुरु होगी।..........   आर एस राणा

दलहन आयात में हुई बढ़ोतरी

आर एस राणा
नई दिल्ली। 17 जून को समाप्त हुए सप्ताह में दक्षिण भारत के चैन्नई और कृषणानाप्तम बंदरगाह पर 1,355 कंटेनर दलहन के आए है, जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 649 कंटेनरों का आयात हुआ था।
सूत्रों के अनुसार 17 जून को समाप्त हुए सप्ताह में उड़द के 764 कंटेनर आए है जबकि इसके पहले सप्ताह में उड़द के 313 कंटेनर ही आए थे। इसी तरह से मसूर के 186 कंटेनरों का आयात हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 127 कंटेनरों का ही आयात हुआ था।  चने का आयात बढ़कर भी इस दौरान 154 कंटेनरों का हुआ है जबकि इसके पहले सप्ताह में केवल 70 कंटेनर चना का आयात हुआ था। इसी तरह से मूंग, पीली मटर और हरि मटर का आयात भी ज्यादा हुआ है।......  आर एस राणा

इस महीने के अंत से जोर पकड़ सकता है मॉनसून

इस साल वक्त से पहले दस्तक देने के बावजूद मॉनसून कई इलाकों में अभी तक अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा सका है। अब तक मध्यप्रदेश और गुजरात में मॉनसून आगे नहीं बढ़ सका है। खरीफ की दाल और तिलहन की खेती के लिए ये इलाके बेहद अहम माने जाते हैं। हालांकि मौसम की जानकारी देने वाली कंपनी स्काईमेट ने इस महीने के अंत से मॉनसून को रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई है।

ब्रेंट का दाम 45 डॉलर के भी नीचे

अमेरिका में क्रूड का भंडार गिरने के बावजूद कच्चे तेल को खास राहत नहीं मिली है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड की कीमतों में दबाव कायम है और ब्रेंट का दाम 45 डॉलर के भी नीचे आ गया है। नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड 83 डॉलर के भी नीचे कारोबार कर रहा है जो पिछले 10 महीने का निचला स्तर है। इस साल कच्चे तेल की कीमतों में करीब 22 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। लीबिया और नाइजीरिया में उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। कई ग्लोबल एजेंसियां कच्चे तेल को अब 30 डॉलर तक भी गिरने की आशंका जता रही हैं। इस बीच सोने और चांदी में रिकवरी आई है। सोने का दाम 0.5 फीसदी बढ़कर 1250 डॉलर के पार चला गया है। ग्लोबल मार्केट में चांदी में भी करीब 1 फीसदी की तेजी आई है। डॉलर में ऊपरी स्तर से दबाव दिख रहा है ऐसे में ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी को सपोर्ट मिला है।

21 जून 2017

22 जून 2017 का मौसम पूर्वानुमान



मध्य और पूर्वी भारत के कुछ भागों में मॉनसून की प्रगति हुई है। इस समय मॉनसून की उत्तरी सीमा यानि एनएलएम वलसाड़, नाशिक, बुलढ़ाणा, यवतमाल, रायपुर, डाल्टनगंज और सुपौल में पहुँच गई है।
उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। मैदानी भागों में बना चक्रवाती सिस्टम इस समय उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों पर दिखाई दे रहा है।
राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों पर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक बनी ट्रफ भी सक्रिय है। यह ट्रफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर से बंगाल की खाड़ी तक पहुँच रही है।
बांग्लादेश के उत्तरी हिस्सों पर भी हवाओं में एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से बंगाल की खाड़ी तक भी एक ट्रफ रेखा विकसित हो गई है।
पश्चिमी तटों पर बनी ट्रफ इस समय कमजोर है और यह केरल से गोवा तक सक्रिय है।
देश के विभिन्न भागों में दर्ज की गई मौसमी गतिविधियां
पिछले 24 घंटों के दौरान ओड़ीशा में कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा हुई।
इस दौरान पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना और विदर्भ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।
तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और गुजरात में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई।- www.skymetweather.com