नई दिल्ली। नीचे दाम पर दाल मिलों की हाजिर मांग में आये सुधार से मंगलवार को दिल्ली के नया बाजार में अरहर, उड़द, चना के साथ ही मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
केंद्र सरकार द्वारा दालों की कीमतों को काबू करने के लिए दालों पर स्टॉक सीमा के विरोध में कई राज्यों की मंडियां लगभग बंद होने के कारण व्यापार सीमित मात्रा में हो रहा है। दालों में थोक साथ ही खुदरा में ग्राहकी कमजोर ही बनी हुई है।
उड़द और अरहर के आयातकों में दहशत है क्योंकि आयातित उड़द और अरहर की बड़ी खेप बर्मा और भारत के रास्ते में है। केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया है कि 15 मई के बाद आयातित दलहन, थोक विक्रेताओं पर स्टॉक लिमिट निकासी की तारीख से 45 दिनों के बाद से लागू होगी।
दाल मिलों की मांग में आये सुधार से बर्मा की लेमन अरहर के भाव 50 रुपये बढ़कर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि इन भाव में कोई बड़ा व्यापार नहीं हुआ। चेन्नई हाजिर बाजार में अरहर की कीमत 50 रुपये बढ़कर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। आगे के सौदों में, बर्मा की नई अरहर के दाम चेन्नई से दिल्ली के लिए जुलाई डिलीवरी के भाव 50 रुपये बढ़कर 6,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लगातार आयातित आवक बनने के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात में समर उड़द की आवक बनने के बावजूद भी दाल मिलों की नीचे दाम में मांग बढ़ने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू और एसक्यू नई और पुरानी के भाव में 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर भाव क्रमश: 5,450 से 6,500 रुपये और 7,000 से 7,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने के कारण दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर में 50-50 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 6,625 और 6,625 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कनाडा से कुल 61,500 टन मसूर की ताजा आवक काकीनाडा और मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंची है जोकि सारा माल आयातकों ने गोदामों में रखा हुआ है।
राजस्थानी चना के भाव 75 रुपये बढ़कर दिल्ली में 5,025 से 5,050 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के भाव 50 रुपये बढ़कर 4,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर जुलाई डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 42 रुपये की तेजी आई, जबकि अगस्त वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 70 रुपये का सुधार आया।
06 जुलाई 2021
दिल्ली में अरहर, उड़द, चना और मसूर की कीमतों में तेजी
05 जुलाई 2021
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों में शनिवार तक मानसून पहुंचने का अनुमान — आईएमडी
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग, आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों के साथ शनिवार के आसपास पहुंचने की संभावना है।
उत्तर भारत के राज्यों में पारा सामान्य से ऊपर चल रहा है तथा मानसून की बेरुखी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं, क्योंकि देश के कई राज्यों में जहां खरीफ की फसलों की बुआई पिछड़ रही है, वहीं बुआई हो चुकी फसलें भी सूखने के कगार पर है। उत्तर भारत के राज्यों के अलावा मध्य भारत के भी कई राज्यों में पिछले दस, बारह दिनों से बारिश नहीं हो रही है। माना जा रहा कि अगर अगले आठ-दस दिन और बारिश नहीं हुई तो फिर फसलें सूखने लगेंगे। खरीफ में धान और गन्ने को छोड़ अन्य फसलों का उत्पादन काफी हद तक मानूसनी बारिश पर निर्भर करता है।
भारतीय कृषि अनुसंधान सस्थान, आईएआरआई के डा. जेपी एस ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट) ने बताया कि उत्तर भारत के राज्यों में कपास की बुआई सबसे पहले होती है, तथा इसका उत्पादन काफी हद तक बारिश पर ही निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि बारिश नहीं होने से कपास के साथ ही अन्य फसलों की बुआई तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही अगर मानसून जल्द सक्रिय नहीं हुआ तो फिर इसका असर खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी पड़ेगा।
पिछले करीब दो हफ्ते से मानसूनी बादलों के आगे बढ़ने पर ब्रेक लग चुका है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ को वजह माना जा रहा है। इस वजह से पश्चिम की ओर से तेज और गर्म हवाएं चल रही हैं। ये हवाएं पूर्व की ओर से आने वाली मानसूनी हवाओं को ब्लॉक कर आगे बढ़ने से रोक रही हैं इसी वजह से मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। आईएमडी के अनुसार उत्तर भारत के शेष राज्यों में शनिवार तक मानसून पहुंचने का अनुमान है।
मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के अनुसार एक ट्रफ रेखा उत्तर प्रदेश की तलहटी से बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और असम होते हुए नागालैंड तक फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ को पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के उत्तरी हिस्सों पर एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के रूप में देखा जाता है। पंजाब और इससे सटे पाकिस्तान के हिस्सों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक उत्तर दक्षिण ट्रफ रेखा पूर्वोत्तर बिहार से झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में दक्षिण ओडिशा तट तक फैली हुई है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र श्रीलंका और आसपास बना हुआ है।
अगले 24 घंटों के दौरान कहां बारिश होने का अनुमान
अगले 24 घंटों के दौरान, केरल, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का उत्तरी तटके कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, पश्चिमी हिमालय और दक्षिणपूर्व राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा के 1-2 हिस्सों, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में कहां-कहां हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, रायलसीमा, तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। शेष पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण कोंकण और गोवा, गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और मध्य और दक्षिण पूर्व राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हुई। झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों, आंतरिक कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।
दिल्ली में चना नरम, मसूर मजबूत, मुंबई में आयातित दालें घटी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाने के फैसले से दालों की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। हालांकि इसके विरोध में देशभर के व्यापारियों में रोष है, तथा इसके विरोध में मंडियों में व्यापार सीमित मात्रा में ही हो रहा है।
दिल्ली में राजस्थानी चना के भाव में 75 रुपये का मंदा आकर भाव 4,950 से 4,975 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मध्य प्रदेश के चना में 50 रुपये का मंदा आकर भाव 4,875 से 4,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
व्यापारियों के अनुसार चना में ज्यादा मंदा मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए, तथा घबराहट में बिकवाली नहीं करनी चाहिए। आगे इसके भाव में फिर सुधार आने की उम्मीद है।
मसूर के भाव मेमं दिल्ली में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 6,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मूंग के दाम दिल्ली में 6,250 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई में तंजानिया चना के भाव 150 रुपये का मंदा आकर भाव 4,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। सूडान और रुष सके काबूली चना के भाव में 200 से 250 रुपये का मंदा आकर भाव क्रमश: 5,100 रुपये और 4,900 रुपये प्रति क्विंटल रहे गए।
लेमन अरहर के भाव मुंबई में 50 रुपये घटकर 6,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि अरुषा अरहर के दाम 5,900 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के भाव 100 रुपये घटकर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
02 जुलाई 2021
दिल्ली : अरहर और मसूर की कीमतों में सुधार, अन्य दालों के भाव स्थिर
नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से शुक्रवार को दिल्ली के नया बाजार में अरहर के साथ ही मसूर की कीमतों में सुधार आया, जबकि अन्य दालों के दाम स्थिर बने रहे।
दाल मिलों की मांग में सुधार आने से लेमन अरहर के भाव 50 रुपये बढ़कर 6,300 से 6,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। आगे आयातित अरहर की आवक बढ़ेगी, इसके बावजूद भी नीचे भाव में मांग में सुधार आया। चेन्नई हाजिर बाजार में अरहर की कीमतें 100 रुपये बढ़कर 6,125 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। आगे के सौदों में, बर्मा की नई अरहर के दाम चेन्नई से दिल्ली के लिए जुलाई डिलीवरी के भाव 6,450 से 6,475 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
नीचे भाव पर दाल मिलों की मांग सुधरने से दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर में 25-25 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 6,700 और 6,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लगातार आयातित आवक बनने के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात में समर उड़द की आवक बनने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू और एसक्यू नई और पुरानी के भाव क्रमश: 6,500 से 6,550 रुपये और 7,000 से 7,125 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर जुलाई डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 59 रुपये की तेजी आई, जबकि अगस्त वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 56 रुपये का सुधार आया।
मुंबई : चना, काबूली चना, मसूर और अरुषा अरहर के भाव तेज, उड़द स्थिर
नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से मुंबई में शुरूआती कारोबार में शुक्रवार को चना, काबूली चना के साथ ही मसूर और अरुषा अरहर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई जबकि उड़द के दाम स्थिर बने रहे।
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 75.15 स्तर पर पहुंच गया है, जिससे दालों का आयात महंगा हो जाएगा। भारतीय, मौसम विभाग, आईएमडी का कहना है कि अगले 7 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना नहीं है, इससे खरीफ फसल की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
दालों में खुदरा के साथ ही थोक में मांग कमजोर है लेकिन व्यापारियों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में दालों की खुदरा के साथ ही थोक मांग बढ़ने की उम्मीद है।
दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से मुंबई में अरुषा अरहर के दाम 50 रुपये बढ़कर भाव 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि बर्मा की लेमन अरहर पुरानी और नई के भाव क्रमश: 6,000 रुपये और 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
दाल मिलों की हाजिर मांग में आये सुधार से कनाडा की मसूर के भाव मुंबई, मुंद्रा, कांडला और हजीरा बंदरगाह पर और आस्ट्रेलियाई की मसूर के भाव मुंबई में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज हो गए। पहले से आयातित मसूर और हाजिर में हो रही आयातित मसूर की कीमतों के बीच अंतर है, जिससे भाव में और भी सुधार आने का अनुमान है, वैसे भी अभी तक सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। कनाडा से कुल 61,500 टन मसूर काकीनाडा और मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंची है, और आयातकों ने गोदामों में रख लिया है।
घरेलू मंडियों में चना की कीमतों में आये सुधार से मुंबई में तंजानिया के चना के साथ ही सुडान के काबूली चना के भाव 50—50 रुपये बढ़कर क्रमश: 4,750 और 5,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। रुस के काबूली चना के भाव 5,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई में बर्मा की उड़द एफएक्यू नई और पुरानी की कीमतें क्रमश: 6,300 रुपये और 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर जुलाई वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 69 की तेजी आई, जबकि अगस्त वायदा अनुबंध में इसके भाव में 68 रुपये का सुधार आया।
01 जुलाई 2021
मुंबई में कनाडा की मसूर के भाव सुधरे, बर्मा की उड़द में नरमी
नई
दिल्ली, 1 जुलाई (कमोडिटीज कंट्रोल) दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से
मुंबई में शुरूआती कारोबार में गुरूवार को कनाडा की मसूर की कीमतों में
तेजी दर्ज की गई, जबकि बर्मा की उड़द के भावों में नरमी आई।
विदेशों
से चेन्नई बंदरगाह पर नियमित उड़द आने के साथ ही दाल मिलों की हाजिर मांग
कमजोर होने से उड़द एफएक्यू नई और पुरानी की कीमतों में 50-50 रुपये की
गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,300 रुपये और 6,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
आगे के व्यापार में, बर्मा की उड़द एफएक्यू की कीमत जून-जुलाई शिपमेंट की
6,250 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई।
दाल मिलों की हाजिर मांग में
आये सुधार से कनाडा की मसूर के भाव मुंबई, मुंद्रा, कांडला और हजीरा
बंदरगाह पर 25 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार आया। पहले से आयातित मसूर और
हाजिर में हो रही आयातित मसूर की कीमतों के बीच अंतर है, जिससे भाव में और
सुधार आने का अनुमान है, वैसे भी अभी तक सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में
कोई बदलाव नहीं किया है। कनाडा से कुल 61,500 टन मसूर काकीनाडा और मुंद्रा
बंदरगाह पर पहुंची है, और आयातकों ने गोदामों में रख लिया है।
आगे
आयात बढ़ने की संभवना के बीच दाल मिलों की कमजोर मांग से मुंबई में लेमन के
साथ अरुषा अरहर के दाम क्रमश: 6,250 रुपये और 5,950 से 6,000 रुपये प्रति
क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
दिल्ली : मसूर और चना की कीमतों में सुधार, अन्य दालों के भाव स्थिर
नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग में सुधार आने के कारण गुरूवार को दिल्ली के नया बाजार में मसूर और चना की कीमतों में सुधार आया, जबकि अन्य दालों के दाम स्थिर बने रहे।
नीचे भाव पर दाल मिलों की मांग सुधरने से दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर में 25-25 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 6,675 और 6,675 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। पहले से आयात किए हुए सौदो की मसूर और वर्तमान में आयात हो रही मसूर की कीमतों में अंतर है, इसलिए नीचे भाव में हल्का सुधार और भी आने का अनुमान है। वैसे भी सरकार ने अभी तक मसूर के आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। कनाडा से कुल 61,500 टन मसूर की ताजा आवक काकीनाडा और मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंची है जोकि सारा आयातकों ने गोदामों में रखा है।
चना में दाल मिलों की मांग बढ़ने से 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार आकर राजस्थानी चना के भाव 5,150 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के भाव 5,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लगातार आयातित आवक बनने के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात में समर उड़द की आवक बनने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू और एसक्यू नई और पुरानी के भाव क्रमश: 6,500 से 6,550 रुपये और 7,000 से 7,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
दाल मिलों की मांग सीमित होने के कारण लेमन अरहर के भाव 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। आगे आयातित अरहर आयेगी, इसलिए इसमें ग्राहकी काफी कमजोर रही।
इसी तरह से, चेन्नई हाजिर बाजार में अरहर की कीमतें 6,000 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई।
आगे के सौदों में, बर्मा की नई अरहर के दाम चेन्नई से दिल्ली के लिए जुलाई डिलीवरी के भाव 6,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
स्थानीय मिलों की मांग बढ़ने से चीन की चित्रा किस्म की राजमा 200 रुपये बढ़कर 12,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर जुलाई डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 57 रुपये की तेजी आई, जबकि अगस्त वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 60 रुपये का सुधार आया।
