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07 जुलाई 2017

जून में डीओसी का निर्यात 14 फीसदी बढ़

आर एस राणा
नई दिल्ली। जून महीने में डीओसी के निर्यात में 14 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 1,50,918 टन का हुआ है जबकि पिछले साल जून महीने में इसका निर्यात केवल 1,32,771 टन का ही हुअ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2017-18 के पहले तीन महीनों अप्रैल से जून के दौरान डीओसी के निर्यात में 64 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 4,99,140 टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में इसका निर्यात 3,04,703 टन का हुआ था। घरेलू बाजार में अनुकूल मौसम से तिलहनों की पैदावार में हुई बढ़ोतरी से भाव पिछले साल की तुलना कम रहे हैं जिसकी वजह से डीओसी के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी बनी हुई है।
जून में जहां मई के मुकाबले सोया डीओसी, सरसों डीओसी और राइसब्रान डीओसी के निर्यात में कमी आई है, वहीं केस्टर डीओसी के निर्यात में इस दौरान भारी बढ़ोतरी हुई है। जून महीने में सोया डीओसी का निर्यात 41,328 टन का हुआ है, जबकि सरसों डीओसी का निर्यात 44,074 टन का हुआ है। इस दौरान केस्टर डीओसी का निर्यात 62,516 टन का हुआ है।
उपलब्धता ज्यादा होने के कारण घरेलू बाजार में जून महीने में डीओसी की कीमतों में भी मई के मुकाबले गिरावट आई है। जून महीने में सोया डीओसी के भाव भारतीय बंदरगाह पर घटकर औसतन 371 डॉलर प्रति टन रह गए जबकि मई में इसके भाव 388 डॉलर प्रति टन थे। इसी तरह से इस दौरान सरसों डीओसी के भाव 238 डॉलर प्रति टन से घटकर 230 डॉलर प्रति टन रह गए। केस्टर डीओसी के भाव मई महीने में भारतीय बंदरगाह पर 173 डॉलर प्रति टन थे जोकि जून में घटकर 164 डॉलर प्रति टन रह गए।.................आर एस राणा

सोने में गिरावट

अमेरिका में आज जून का नॉन फार्म पेरोल डाटा जारी होने से पहले सोने में गिरावट आई है। कॉमैक्स पर सोने का दाम 1220 डॉलर के नीचे तक आ चुका है।  चांदी में भी तेज गिरावट आई है और इसका दाम करीब 1 फीसदी गिरकर 16 डॉलर के काफी नीचे आ गया है। बिकवाली कच्चे तेल में भी हावी है और अमेरिका में भंडार गिरने के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड करीब 1.5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 45 डॉलर के भी नीचे आ गया है जबकि ब्रेंट में 48 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। ओपेक और अमेरिका में क्रूड का उत्पादन बढ़ गया है, ऐसे में क्रूड की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर समेत सभी मेटल भी कमजोर हैं। वहीं डॉलर में बढ़त के बावजूद रुपया भी मजबूत है और 1 डॉलर की कीमत 64.73 रुपये के पास है।

06 जुलाई 2017

विदेश में भाव बढ़ने से घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों सुधार

आर एस राणा
नई दिल्ली। शिकागो बोर्ड आफ ट्रेड (शिबॉट) में गेहूं की कीमतों में आई तेजी से घेरलू बाजार में भी इसके भाव में 25 से 40 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार आया है। दिल्ली की लारेंस रोड मंडी में गेहूं का भाव बढ़कर 1,750 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। आस्ट्रेलिया से आयातित गेहूं का भाव भी भारतीय बंदरगाह पर पहुंच बढ़कर 265 डॉलर प्रति टन हो गया, जबकि पिछले महीने इसका भाव 230 से 240 डॉलर प्रति टन था।
ब्लैक सी-रीजन के देशों के साथ ही अमेरिका और आस्ट्रेलिया में गेहूं की पैदावार पहले के अनुमान से कम होने का अनुमान है, खासकर के आस्ट्रेलिया में पैदावार पहले के अनुमान के मुकाबले 100 लाख टन कम रहने की आशंका है। ब्लैक सी-रीजन के देशों में प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादकता में 20 से 25 फीसदी की कमी आने की आशंका बन गई है। अतः विश्व बाजार में गेहूं की पैदावार पहले के अनुमान से करीब 270 लाख टन कम होने के अनुमान से शिबॉट में इसके भाव में तेजी आई है, इसी का असर घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों पर पड़ा है।
विश्व बाजार में गेहूं के उत्पादन अनुमान में तो कमी आने की आशंका है, जबकि गेहूं की खपत सालाना करीब 1.5 फीसदी की दर से बढ़ रही है। आस्ट्रेलिया में गेहूं की नई फसल की आवक अक्टूबर में बनेगी, जबकि ब्लैक सी-रीजन के देशों में नया गेहूं नवंबर-दिसंबर में आयेगा। उधर अमेरिका में नई फसल की आवक जनवरी में बनेगी। ऐसे में विश्व बाजार में गेहूं के भाव अगस्त-सितंबर तक तेज बने रहने का अनुमान है।
आयातकों के अनुसार आस्ट्रेलियाई गेहूं का भाव भारतीय बंदरगाह पर पहुंच 265 डॉलर प्रति टन होने से आयात पड़ते समाप्त हो गए हैं। इन भाव में 10 फीसदी आयात शुल्क की से आयात नहीं हो पायेगा। हालांकि दक्षिण भारत में बंदरगाहों पर अभी भी 6 से 7 लाख टन गेहूं का स्टॉक पड़ा हुआ है, जिसके सौदे 1,800 से 1,850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रहे हैं। अतः मिल पहुंच यह गेहूं 1,900 से 1,950 रुपये प्रति क्विंटल बैठ रहा है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं का बिक्री भाव इससे भी उंचा है इसलिए ओएमएसएस के तहत अभी भी गेहूं का उठाव संभव नहीं है।
घरेलू बाजार में गेहूं का स्टॉक ज्यादा है, इसलिए मौजूदा भाव में बड़ी तेजी की संभावना तो नहीं है, लेकिन विदेशी बाजार में गेहूं के भाव आई तेजी के साथ ही आगे त्यौहारी मांग भी चालू हो जायेगी। इसीलिए गेहूं के मौजूदा भाव में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की और तेजी आने का अनुमान है।...............   आर एस राणा

07 जुलाई 2017 का मौसम पूर्वानुमान

मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय बाड़मेर, सीकर, सोनीपत, शिमला, यूना और जम्मू से होकर गुजर रही है।
जम्मू कश्मीर के पास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके प्रभाव से विकसित हुआ चक्रवाती सिस्टम मध्य पाकिस्तान पर दिखाई दे रहा है।
पंजाब के उत्तर-पूर्वी भागों से उत्तर प्रदेश, बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और इससे सटे भागों पर भी एक चक्रवाती सिस्टम दिखाई दे रहा है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है।
पश्चिमी तटों पर बनी ट्रफ महाराष्ट्र के तटीय भागों से केरल के तटों तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के मध्य और पूर्वी भागों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भीषण वर्षा हुई है।
पूर्वोत्तर भारत, दक्षिणी कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में भी सक्रिय मॉनसून के चलते अच्छी वर्षा दर्ज की गई है।
केरल, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के भागों, झारखंड और लक्षद्वीप में सामान्य मॉनसून वर्षा हुई।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मॉनसून कमजोर रहा जिसके चलते इन भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।
हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, राजस्थान, गुजरात, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।
आगामी 24 घंटों का मौसमी पूर्वानुमान
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ भागों में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार के कई इलाकों, झारखंड, तटीय आंध्र देश और उत्तरी केरल में कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और जम्मू कश्मीर में कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें गिरने का अनुमान है।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक तमिलनाडु में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है।
देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा।..........www.skymet.com

मांग घटने से बासमती चावल के भाव में आई कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। निर्यात मांग में कमी आने से भारतीय पूसा-1,121 बासमती चावल सेला का भाव जून में करीब 5.48 फीसदी घटा है। विश्व बाजार में जून महीने में पूसा-1,121 बासमती चावल सेला का भाव 1,096 से 1,097 डॉलर प्रति (एफओबी) रह गए जबकि इसके पिछले महीने में इसके भाव 1,160 डॉलर प्रति टन (एफओबी) थे।
यू एन फूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाईरेशन (एफएओ) के अनुसार पाकिस्तानी बासमती चावल के भाव में इस दौरान 0.72 फीसदी की गिरावट आकर औसतन भाव 1,205 डॉलर प्रति टन रह गए जबकि पिछले महीने में इसके भाव 1,214बासमती चावल के भाव में इस दौरान 0.72 फीसदी की गिरावट आकर औसतन भाव 1,205 डॉलर प्रति टन रह गए जबकि पिछले महीने में इसके भाव 1,214 डॉलर प्रति टन थे।..........    आर एस राणा

कच्चे तेल में हल्की रिकवरी

कल की जोरदार गिरावट के बाद कच्चे तेल में आज हल्की रिकवरी आई है। नायमैक्स पर क्रूड करीब 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 45 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है जबकि ब्रेंट का भाव 48 डॉलर के ऊपर है। कल इसमें करीब 5 फीसदी की भारी गिरावट आई थी। ओपेक में जून के दौरान लगातार दूसरे महीने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ गया है जिसमें सबसे ज्यादा योगदान लीबिया और नाइजीरिया का है। अमेरिका में भंडार गिरने से कीमतों को सपोर्ट मिला है।
चीन के कमजोर आंकड़ों से लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर में दबाव दिख रहा है। इसका दाम करीब 1 फीसदी गिर गया है। लंदन मेटल एक्सचेंज के गोदामों में स्टॉक बढ़ने से भी कीमतों पर दोहरा दबाव बढ़ा है।  सोना बेहद छोटे दायरे मे कारोबार कर रहा है और इसका भाव 1225 डॉलर के आसपास चल रहा है। कल की गिरावट के बाद चांदी भी फिर से 16 डॉलर के ऊपर आ गई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की रिकवरी आई है। 1 डॉलर की कीमत 64.73 रुपये के पास है।

05 जुलाई 2017

यूरोपीय यूनियन का बासमती चावल के आयात को लेकर अडंगा

आर एस राणा
नई दिल्ली। यूरोपीय यूनियन के देशों ने भारत से बासमती चावल के आयात को बंद करने का फैसला किया है, इसका असर बासमती चावल की कीमतों पर पड़ सकता है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन (एआईआरईए) के अनुसार यूरोपीय यूनियन के देशों की बामसती चावल के आयात की अनुमति 31 दिसंबर 2017 तक है, उसके बाद यूरोपीय यूनियन के देशों ने भारत से बासमती चावल के आयात को रोकने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि यूरोपीय यूनियन के देशों को मुख्यतः बासमती पीबी-1 और 1,401 बासमती चावल का निर्यात होता है, तथा इसमें फंगस नाशक दवाई का छिड़काव अधिक होने के कारण ही इन देशों ने आयात बंद करने का फैसला किया है। इस संबंध में वाणिज्य मंत्रालय और एपीडा के अधिकारी 12 जुलाई को यूरोपीय यूनियन की यात्रा पर जा रहे हैं, जोकि निर्यात जारी रखने के लिए अधिकारियों से वार्ता करेंगे। उन्होंने बताया कि एआईआरईए ने एक साल के लिए निर्यात की अनुमति देने की मांग की है। अगर यूरोपीय यूनियन द्वारा बासमती चावल के आयात पर रोक लगाई तो करीब 3 से 3.50 लाख टन बासमती चावल के निर्यात में कमी आयेगी, जिसका असर घरेलू बाजार में बासमती चावल की कीमतों पर पड़ेगा।................  आर एस राणा