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10 फ़रवरी 2022

धान के भाव पंजाब, हरियाणा, नरेला और राजस्थान की मंडियों के 10 फरवरी 2022 के

 Date- 10/02/2022

MANDI- KOTA. Rajsthan

Arrival- 15,000 Bags

1121.
Rate-3650 se 3825.

1718.
Rate-3600 se 3851.

1509.
Rate- 3350 se 3501.

Sugandha.
Rate- 2900 se 3211.

 

---

 

Date- 10/02/2022.

Mandi- Kotkapura. (Punjab)

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Aarival- 7000 Bags Combain)

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1121. New.
Rate- 3700--3985

1401. New.
Rate- 3400--3695

1718. New.
Rate- 3600--3895

New 1509.
Rate- 3400--3620 


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Madlauda Mandi
Paddy 1121 (3950-4015) arrival 300 bag
Paddy 1718 no Arrival
Paddy Basmati 30 (3500-3571) Arrival 2500
Paddy Basmati 408(3100-3200) arrival 400 bags
Basmiti compain (2900-3120) arrival 300 bags

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1121-3980 1718-3840 1509-3450 Fatehaba

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Bundi 1121
3650 to 3800
1718
3550 3890
1509 3350 to 3600
Suganda 2850 to 3190
Dp 2980 3050
Awake 10 to 15000

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Date- 10/02/2022

MANDI- BATALA. Punjab

1121.
Rate- 3980.

1718.
Rate- 3875.

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नरवाना
1125 हाथ 3900
1121 हाथ 3950
जीरी का बायर आज कमजोर

10/02/22

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Narela Mandi
10,,,,02,,,,2022

1121,,,,,3881
1718,,,,,3901
RH,10,,,,2671
Sug ,,,,,,,,2960
Taj ,,,,,,,,,3103
Srbt,,,,,,,2425

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SAHIB SINGH AND SONS SHOP NO 188 MANDI BHAGTANWALA AMRITSAR ARE 5000 BAGS 1121 RATE 3700 TO 4045 1718 3600 TO 3975

08 फ़रवरी 2022

paddy rate punjab, haryana or mp mandi 8 Feb. 22

Date- 08/02/2022
Mandi- Kotkapura. (Punjab)

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Aarival- 4000 Bags Combain)

 

1121. New.
Rate- 3700--3930

1401. New.
Rate- 3400--3645

1718. New.
Rate- 3500--3870

New 1509.
Rate- 0000--0000

 

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SAHIB SINGH AND SONS SHOP NO 188 MANDI BHAGTANWALA AMRITSAR ARE 3000 BAGS RATE 3990 HATH 1718 3860 HATH

 

-----  Mandi mustsar
1121..4000
1718..3930
1401..3752

 

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Tohana mandi
1121..............3925 🖐️
1718..............3925 🖐️
1401..............3650 com
Pb 1..........3330 com
Shabnam ............3040 thareser

 

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MANDI- DABRA. MP

Aarival- 3'000. Bags. Combine.

1718
Rate- 3720.
 
1121.
Rate- 3670.

1509.
Rate- 3400.

Sugandha.
Rate- 3050.

 

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Tarn Taran mandi arrival paddy arivel ot bhav 8 Feb. 22

 Tarn Taran mandi arrival 1121 1718 5000 bags
Combine 1121 rs 3880
Hath 🤚🏻 1121  rs 3976
1718 combine rs 3751
Hath 🤚🏻 1718 rs 3866
P7 rs 3736
1509 rs 3425

दिसंबर में बासमती एवं गैर बासमती चावल का निर्यात 20 लाख टन से कम हुआ

नई दिल्ली। दिसंबर में बासमती एवं गैर बासमती चावल का निर्यात 19.91 लाख टन का हुआ है, इसमें बासमती चावल की हिस्सेदारी 3.43 लाख टन की है, जबकि गैर बासमती चावल की हिस्सेदारी 16.48 लाख टन है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले 9 महीनों अप्रैल से दिसंबर के दौरान देश से बासमती चावल का निर्यात 27,45,571 टन का ही हुआ है जबकि गैर बासमती चावल का निर्यात इस दौरान 125,31,425 टन का हुआ है। मूल्य के हिसाब से बासमती चावल का निर्यात 17,689 करोड़ रुपये का हुआ है, जबकि गैर बासमती चावल का निर्यात 33,350 करोड़ रुपये का हुआ है।

व्यापारियों के अनसुार बासमती चावल में निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग में सुधार आने से हाल ही कीमतें बढ़ी है। जानकारों के अनुसार पिछले दस से पंद्रह दिनों में सऊदी अरब की कंपनियों ने करीब 48 से 50 हजार बासमती चावल के आयात सौदे किए हैं। आगे रमजान की मांग बासमती चावल में और बढ़ने की उम्मीद है। उत्पादक मंडियों में किसानी धान की आवक कम हो गई है, जबकि स्टॉकिस्ट नीचे दाम पर बिकवाली नहीं कर रहे हैं। इसलिए आगामी दिनों में इनकी कीमतों में हल्का सुधार और भी बन सकता है।


चालू रबी में तिलहन एवं दलहन की बुआई बढ़ी, कुल बुआई 700 लाख हेक्टेयर के पार

नई दिल्ली। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी तिलहन के साथ ही दलहन की बुआई में बढ़ोतरी हुई है, जिससे इनके आयात बिल में कटौती की संभावना है।

मंत्रालय के अनुसार 4 फरवरी 2021 तक रबी फसलों की बुआई 1.48 फीसदी बढ़कर 700.83 लाख हेक्टेयर में हो गई है, जबकि पिछले साल की समान अविध में इनकी बुआई 690.60 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। चालू रबी में तिलहन के साथ ही दलहन की बुआई में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रबी की प्रमुख फसल गेहूं के साथ ही मोटे अनाजों की बुआई में कमी आई है।

मंत्रालय के अनुसार रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई चालू रबी में घटकर 343.26 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 346.10 लाख हेक्टेयर से कम है।

तिलहनी फसलों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 102.79 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई 83.69 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 91.63 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 73.12 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। अन्य तिलहनी फसलों में सनफ्लवर की बुआई 1.19 लाख हेक्टेयर में, मूंगफली की 5.27 लाख हेक्टेयर में और सफ्लावर की 76 हजार हेक्टेयर के अलावा केस्टर सीड की बुआई 2.95 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 1.09 लाख हेक्टेयर में, 5.18 लाख हेक्टेयर में, 58 हजार हेक्टेयर और 2.80 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

दालों की बुआई चालू रबी में बढ़कर 168.27 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अविध इनकी बुआई 166.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुआई चालू रबी में बढ़कर 114.95 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इसकी बुआई 110.38 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। मसूर की बुआई चालू रबी में 17.71 लाख हजार हेक्टेयर में, मटर की 10.18 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 8.17 हेक्टेयर में हुई है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 16.91 लाख हेक्टेयर में, 10.38 लाख हेक्टेयर में और 8.33 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मूंग की बुआई चालू रबी में 5.13 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी की समान अवधि में इसकी बुआई 7.03 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

मोटे अनाजों की बुआई चालू रबी में 51.31 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 52.03 लाख हेक्टेयर से कम है। मोटे अनाजों में ज्वार की बुआई चालू रबी में 24.56 लाख हेक्टेयर में और मक्का की 19.31 लाख हेक्टेयर में तथा जौ की बुआई 6.80 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 27.60 लाख हेक्टेयर में, 17.50 लाख हेक्टेयर में और 6.20 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

धान की रोपाई चालू रबी में घटकर 35.19 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इसकी रोपाई 42.67 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

जनवरी अंत तक चीनी का उत्पादन 5.65 फीसदी बढ़कर 187 लाख टन के पार - इस्मा

नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन 2021-22 के पहले चार महीनें पहली अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2021 तक चीनी का उत्पादन 5.65 फीसदी बढ़कर 187.08 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन में इस दौरान केवल 177.06 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। चालू पेराई सीजन में 507 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई चल रही है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में केवल 491 मिलों में ही पेराई चल रही थी।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार चालू पेराई सीजन में महाराष्ट्र में 31 जनवरी 2021 तक 72.90 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 63.80 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था। राज्य में 194 चीनी मिलों में पेराई आरंभ हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 182 चीनी मिलों में ही पेराई आरंभ हो पाई थी।

उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में मिलों में देर सेे गन्ने की पेराई आरंभ हुई थी। हालांकि 31 जनवरी तक राज्य की सभी 120 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी है। राज्य में 31 जनवरी 2021 तक 50.33 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जोकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि के 54.43 लाख टन से कम है।

कर्नाटक में 31 जनवरी 21 तक 38.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में केवल 34.54 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। राज्य में चालू पेराई सीजन में 72 मिलों में गन्ने की पेराई चल रही है जबकि पिछले पेराई सीजन में 66 मिलों में ही पेराई चल रही थी।

गुजरात में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी 2021 तक 15 चीनी मिलों ने पेराई आरंभ कर दी है, तथा 5.75 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य की मिलों ने 5.55 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था।

तमिलनाडु में चालू पेराई सीजन में 31 जनवरी तक राज्य की मिलों ने 2.88 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य में 1.65 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था।

देश के अन्य राज्यों उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 15 जनवरी 2021 तक 81 चीनी मिलों में 16.44 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है।

चालू महीने में 60 हजार टन मसूर का होगा आयात, दलहन की कीमतों पर दबाव

नई दिल्ली। चालू महीने में एक वैसल 27,500 टन मसूर लेकर कोलकाता बंदरगाह पर और दूसरा 32,000 टन मसूर लेकर मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंगा। अत: आयातित मसूर के साथ ही घरेलू मंडियों में नई फसल की छिटपुट आवक शुरू होने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

मसूर की बुआई चालू रबी में 17.71 लाख हजार हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले रबी के 16.91 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। बुआई में हुई बढ़ोतरी के साथ ही उत्पादक मंडियों में नई मसूर की छिटपुट आवक शुरू होने से कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है तथा सप्ताहभर में ही मसूर की कीमतों में 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आ चुका है।

दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश की मसूर की कीमतों में 50 से 200 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 7,000 रुपये और 7,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कनाडा की मसूर के दाम मुंद्रा और हजिरा बंदरगाह पर 50-50 रुपये कम होकर 6,775 से 6,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी तरह से कनाडा की मसूर के दाम कंटेनर में 50 रुपये घटकर 6,900 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। आस्ट्रेलियाई मसूर के दाम 6,950 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने के साथ ही स्टॉकिस्टों की घबरहटपूर्ण बिकवाली से शुक्रवार को भी अरहर, उड़द में गिरावट जारी रही। व्यापारियों के अनुसार दालों में खुदरा के साथ ही थोक में ग्राहकी कमजोर है, जबकि उत्पादक मंडियों में अरहर की आवक बढ़ने कीमतों पर दबाव है।

चालू रबी में दालों की बुआई बढ़कर 168.27 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अविध इनकी बुआई 166.10 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। चना की बुआई चालू रबी में बढ़कर 114.95 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इसकी बुआई 110.38 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। इसी तरह से

मध्य प्रदेश की हरदा मंडी में आज नए चना की आवक हुई तथा तथा इसका कारोबार 4,441 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर नई की कीमतों में 25 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,375 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। उधर चेन्नई में, बर्मा की लेमन अरहर के दाम घटकर 6,000 से 6,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मुंबई में लेमन अरहर की कीमतों में 100 रुपये का मंदा आकर भाव 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी तरह से अरुषा अरहर के भाव में 50 रुपये की गिरावट आकर भाव 5,200 से 5,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अफ्रीकी अरहर के दाम 100 रुपये घटकर 6,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू में 75-100 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,175 रुपये और 6,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मुंबई में बर्मा उड़द एफएक्यू के भाव नई के 175 रुपये घटकर 6,000 से 6,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

चेन्नई में उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में 25 रुपये का मंदा आकर भाव क्रमश: 5,825 रुपये और 6,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।