कुल पेज दृश्य

03 अप्रैल 2021

मसाला कंपनियों की कमजोर मांग से रामगंज में धनिया दूसरे दिन स्थिर

नई दिल्ली। रामगंज मंडी में शनिवार को 11 हजार बोरी नए धनिया की आवक हुई तथा मसाला कंपनियों की सीमित मांग बनी रहने से लगातार दूसरे दिन दाम स्थिर बने रहे।

धनिया बादामी का भाव 6,100 से 6,300 रुपये, चालू ईगल का भाव 6,400 से 6,700 प्रति क्विंटल रहा। बेस्ट ईगल धनिया का भाव 6,800 से 7,100 रुपये और स्कूटर धनिया का भाव 7,200 से 7,600 रुपये तथा ग्रीन रंगदार का भाव 8,000 से 14,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।

मैथी का भाव मंडी में 5,200 से 5,300 रुपये और कलौजी का भाव 16,000 से 16,800 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

02 अप्रैल 2021

दिल्ली में कनाडा और मध्यप्रदेश की मसूर नरम, चना तेज अन्य दालों के दाम स्थिर

नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने के कारण दिल्ली के नया बाजार में शुक्रवार को कनाडा के साथ ही मध्य प्रदेश की मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। नीचे भाव में बिकवाली कम आने से चना के भाव में 25 रुपये प्रति क्विंटल का सुधार आया, जबकि अन्य दालों के दाम स्थिर बने रहे।

कनाडा और मध्य प्रदेश लाईन के मसूर की कीमतों में 25-50 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,000 रुपये और 6,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। आयातित मसूर का स्टॉक कम हो रहा है तथा आयात पड़ते नहीं लगने के कारण आगे आयात नहीं हो पायेगा, ऐसे में घरेलू मिलर्स और बड़े खरीददारों की मांग देसी मसूर में बढ़ेगी।

राजस्थानी चना के भाव लारेंस रोड़ पर 25 रुपये बढ़कर 5,075 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के भाव 5,025 से 5,050 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

उंझा मंडी में जीरा और सौंफ के दाम स्थिर

नई दिल्ली। उंझा मंडी में शुक्रवार को सुपर क्वालिटी जीरा के दाम 15,000 से 17,000 रुपये और मीडियम नया जीरा 13,500 से 14,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा।

मंडी में बेस्ट नया जीरा के दाम 14,000 से 15,000 रुपये और चालू किस्म का भाव 12,000 से 12,500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। जीरा की आवक शुक्रवार को 85,000 बोरियों की हुई।

सौंफ

उंझा मंडी में सुपर क्वालिटी सौंफ के भाव 15,000 से 17,500 रुपये और बेस्ट क्वालिटी के दाम 12,500 से 15,000 रुपये तथा मीडियम के दाम 8,000 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। चालू किस्म की सौंफ के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

एक्सट्रा सुपर सौंफ के दाम 17,500 से 17,800 रुपये प्रति क्विंटल रहे, तथा मंडी में सौंफ की आवक 15,000 बोरियों की हुई।

मसाला कंपनियों की सीमित मांग से रामगंज मंडी में धनिया के दाम स्थिर

नई दिल्ली। रामगंज मंडी में शुक्रवार को 12 हजार बोरी नए धनिया की आवक हुई तथा मसाला कंपनियों की सीमित मांग बनी रहने से दाम स्थिर हो गए।

धनिया बादामी का भाव 6,100 से 6,300 रुपये, चालू ईगल का भाव 6,400 से 6,700 प्रति क्विंटल रहा। बेस्ट ईगल धनिया का भाव 6,800 से 7,100 रुपये और स्कूटर धनिया का भाव 7,200 से 7,600 रुपये तथा ग्रीन रंगदार का भाव 8,000 से 15,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।

मैथी का भाव मंडी में 5,200 से 5,400 रुपये और कलौजी का भाव 17,000 से 17,800 रुपये प्रति क्विंटल रहा।


01 अप्रैल 2021

दाल मिलों की कमजोर मांग से दिल्ली में चना नरम, अन्य दालों के दाम स्थिर

नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने दिल्ली के नया बाजार में गुरूवार को चना की कीमतों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई, जबकि अन्य दालों के दाम स्थिर बने रहे।

लारेंस रोड़ पर राजस्थानी चना के दाम घटकर 5,050 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के दाम 5,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मसूर के दाम दिल्ली में 6,075 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

मुंबई में मसूर की कीमतों में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आया।

चेन्नई में अरहर बर्मा 2020 लेमन के दाम 6,450 रुपये और अरुषा तंजानिया के दाम 6,000 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

बर्मा उड़द के दाम चेन्नई में एसक्यू हाजिर डिलीवरी के दाम 8,000 रुपये और मई डिलीवरी के 8,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। एफएक्यू हाजिर डिलवरी के दाम 7,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
 

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की अधिकांश मंडियां होली और मार्च क्लोलिंग की छुट्टियों के कारण 4 अप्रैल तक बंद रहेंगी। अत: मंडियां बंद होने से दलहन की आवक प्रभावित होगी।

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतें 12 रुपये की नरमी आई, जबकि मई  वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 14 रुपये का मंदा आया।

पाकिस्‍तानी पीएम इमरान खान का यूटर्न, भारत से कपास और चीनी आयात के फैसले को पलटा

नई दिल्ली। पाकिस्‍तान की इमरान खान सरकार ने घरेलू स्‍तर पर हो रहे विरोध के आगे झुकते हुए भारत से कपास और चीनी के आयात के फैसले को पलट दिया है। पाकिस्‍तानी मीड‍िया रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान की कैबिनेट ने भारत से कपास और चीनी आयात करने के कैबिनेट आर्थिक समन्‍वय समिति के फैसले को खारिज कर दिया है। भारत से कपास मंगाने की कपड़ा उद्योग मांग कर रहा है, वहीं कट्टरपंथी इस बात के लिए इमरान सरकार की आलोचना कर रहे थे कि वह कश्‍मीर में बदलाव हुए बिना ही भारत के सामने झुक गई।

गुरुवार को पाकिस्‍तानी कैब‍िनेट के फैसले में कपास के आयात के फैसले पर रोक लगाने का निर्णय हुआ। इससे पहले पाकिस्‍तान की कैबिनेट आर्थिक समन्‍वय समिति ने बुधवार को भारत के साथ व्‍यापार को फिर से शुरू करने को मंजूरी दे दी थी। समिति ने कहा था कि पाकिस्‍तान 30 जून 2021 से भारत से कॉटन का आयात करेगा। पाकिस्‍तान सरकार ने निजी क्षेत्र को भारत से चीनी के आयात को भी मंजूरी दे दी थी।

पाकिस्‍तान ने वर्ष 2016 में भारत से कॉटन और अन्‍य कृषि उत्‍पादों के आयात पर रोक दिया था। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्‍तान में चीनी की बढ़ती कीमतों और संकटों से जूझ रहे कपड़ा उद्योग को बचाने के लिए पाकिस्‍तान की इमरान खान सरकार ने भारत के साथ व्‍यापार की फिर से शुरुआत करने को मंजूरी दी थी। दोनों देशों में तनावपूर्ण रिश्‍तों के बीच यह पाकिस्‍तान का भारत के साथ संबंधों को सुधारने की दिशा में पहला बड़ा प्रयास माना जा रहा था।

चीनी का उत्पादन 277 लाख टन के पार, पिछले पेराई सीजन से 19 फीसदी ज्यादा

नई दिल्ली। चालू पेराई सीजन 2020-21 के पहले छह महीनों में पहली अक्टूबर से 31 मार्च 2021 तक चीनी का उत्पादन 19.05 फीसदी बढ़कर 277.57 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन में इस दौरान केवल 233.14 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था।

चालू पेराई सीजन में 503 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी, जोकि पिछले साल की 457 मिलों से ज्यादा थी। 282 चीनी मिलों में पेराई बंद हो चुकी है जबकि इस समय 221 मिलों में पेराई चल रही है।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार चालू पेराई सीजन में महाराष्ट्र में 31 मार्च 2021 तक 100.47 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 59 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था।

उत्तर प्रदेश में चालू पेराई सीजन में 120 चीनी मिलों में पेराई चल रही थी, जिसमें से 39 मिलों में पेराई बंद हो चुकी है। राज्य में 31 मार्च 2021 तक 93.71 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है जोकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में 97.20 लाख टन से कम है।

कर्नाटक में चालू पेराई सीजन में 31 मार्च तक 41.39 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में केवल 33.50 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। राज्य की 66 चीनी मिलों में से 65 में पेराई बंद हो चुकी है तथा अब केवल एक मिल में ही पेराई चल रही है।

गुजरात में चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन 9.15 लाख टन और  तमिलनाडु में 5.08 लाख टन चीनी का उत्पादन 31 मार्च 2021 तक हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में इन राज्यों में क्रमश: 8.50 लाख टन और 4.70 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। देश के अन्य राज्यों आंध्रप्रदेश और तेलंगाना, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा में 27.77 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है।

चालू पेराई सीजन में अभी तक करीब 45 से 46 लाख टन चीनी के निर्यात सौदे हो चुके हैं जबकि केंद्र सरकार ने 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय रखा है। उद्योग के अनुसार विश्व बाजार में दाम तेज होने से चीनी की निर्यात मांग अच्छी बनी हुई, जोकि मिलों के लिए एक अच्छा कदम है। केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2020 को चालू पेराई सीजन के लिए चीनी का 60 लाख टन का कोटा तय किया था।