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13 जून 2015

वनस्पति तेल आयात मई में 33 फीसदी बढ़ा

मई में वनस्पति तेलों का आयात अब तक के सर्वोच्च मासिक स्तर पर पहुंच गया और इसमें पिछले साल के समान महीने के मुकाबले 33 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली। देश का खाद्य तेल आयात मई में 13.71 लाख टन रहा। किसी एक महीने में यह आयात का सर्वाधिक मात्रा है। मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों से आपूर्ति बढ़ाने की वजह से आयात के आंकड़ों में इजाफा हुआ है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 2014 में 10.33 लाख टन था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए)द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, 'खाद्य तेल का आयात मई 2015 के दौरान रिकॉर्ड 13.7 लाख टन रहा। यह 1994 में शुरू आयात के बाद सर्वाधिक है। पिछले साल मई में आयात 10.3 लाख टन था।'

नवंबर-मई के दौरान खाद्य तेल का आयात 26 प्रतिशत बढ़कर 78.33 लाख टन रहा जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 61.9 लाख टन था। तेल वर्ष नवंबर से अक्टूबर होता है। नवंबर-मई के दौरान कुल आयात में खाद्य तेल की हिस्सेदारी 77.08 लाख टन तथा गैर-खाद्य तेल की हिस्सेदारी 1.25 लाख टन रही। एसईए के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता का कहना है, 'अक्टूबर 2014 से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम उत्पादकों पर कोई निर्यात शुल्क नहीं वसूला जाता है और कच्चे पाम तेल की मांग कम हुई है जिसकी वजह से उन्होंने पाम उत्पादों का निर्यात भारत की तरफ बढ़ा दिया है।' दिलचस्प बात है कि रिफाइंड तेल का आयात भी 20 फीसदी बढ़ गया है। मेहता ने कहा, 'रिफाइंड, ब्लीच, डायोडाइज्ड पामोलीन का बढ़ता आयात देसी रिफाइनरों को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा सोयाबीन की अधिक कीमत और तेल के बदले कम कमाई होने की वजह से पेराई कम हो गई और देसी बाजार में इसकी उपलब्धता कम हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप सोयाबीन तेल और सूरजमुखी के तेल का आयात बढ़ गया।' (BS Hindi)

केस्टर तेल के निर्यात में हुई बढ़ोतरी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू वित वर्ष 2015-16 में चीन की मांग बढ़ने से केस्टर तेल का निर्यात बढ़ने का अनुमान है। मार्च महीने में देष से 40,533 टन केस्टर तेल का निर्यात हुआ है जबकि पिछले साल अप्रैल महीने में 38,661 टन केस्टर तेल का निर्यात हुआ था।
केस्टर तेल की निर्यातक फर्म के एक वरिश्ठ अधिकारी ने बताया कि केस्टर तेल में इस समय चीन की आयात मांग अच्छी बनी हुई है तथा केस्टर तेल के निर्यात सौदे 1,260 से 1,265 डॉलर प्रति टन की दर से हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च में केस्टर तेल का निर्यात तो बढ़ा ही है, साथ ही मई-जून में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
साल्वेंट एक्सट्रेक्शन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार वित वर्ष 2014-15 में देश से 4.59 लाख टन केस्टर तेल का निर्यात हुआ था तथा चालू वित वर्ष में अच्छी निर्यात मांग को देखते निर्यात बढ़ने की संभावना है।.......आर एस राणा

रमजान के बाद लालमिर्च की निर्यात मांग बढ़ने से भाव में तेजी की उम्मीद


आर एस राणा
नई दिल्ली। रमजान का त्यौहारी सीजन समाप्त होने के बाद खाड़ी देशों की लालमिर्च में आयात मांग बढ़ने की संभावना है जिससे भाव बढ़ने की उम्मीद है। प्रमुख उत्पादक मंडी गुंटूर में लालमिर्च की दैनिक आवक घटकर 12,000 से 15,000 बोरी (एक बोरी-45 किलो) की रह गई।
लालमिर्च के निर्यातक अशोक दत्तानी ने बताया कि चालू महीने में रमजान का त्यौहार शुरु हो जायेगा, जिसकी वजह से खाड़ी देशों की आयात मांग लालमिर्च में कम हो गई है। उत्पादक मंडियों में लालमिर्च की आवक पहले की तुलना में कम हो गई है इसीलिए इस समय प्रमुख उत्पादक मंडियों में लालमिर्च के भाव स्थिर बने हुए हैं। खाड़ी देशों की आयात मांग लालमिर्च में जूलाई-अगस्त में बढ़ जायेगी, जिससे मौजूदा कीमतों में तेजी आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि चालू सीजन में आंध्रप्रदेश में तो लालमिर्च की पैदावार ज्यादा हुई है लेकिन मध्य प्रदेश में पैदावार कम थी, जिसकी वजह से मांग अच्छी रही है।
लालमिर्च के थोक कारोबारी एम एल मुंदड़ा ने बताया कि गुंटूर मंडी खुलने के बाद लालमिर्च की आवक 40,000 से 45,000 बोरी की हो रही थी जबकि शुक्रवार को दैनिक आवक घटकर 12,000 से 15,000 बोरी की रह गई। उन्होंने बताया कि अभी तक मंडी में लालमिर्च का केवल 32 से 35 लाख बोरी का ही स्टॉक हुआ है तथा दैनिक आवक कम हो गई है। जुलाई के बाद लालमिर्च में घरेलू मसाला निर्माताओं की मांग भी निकलेगी, ऐसे में कीमतों में तेजी की ही संभावना है। हालांकि तेजी निर्यात मांग पर ज्यादा निर्भर करेगी।
भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार वित वर्ष 2014-15 के पहले नो महीनों अप्रैल से दिसंबर के दौरान लालमिर्च के निर्यात में 4 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 247,000 टन का हुआ है जबकि पिछले वित वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 236,681 टन का हुआ था। विदेषी बाजार में भारतीय लालमिर्च के भाव 2.82 डॉलर प्रति किलो हैं जबकि पिछले साल इस समय भाव 2.54 डॉलर प्रति किलो थे।
गुंटूर मंडी में शुक्रवार को 334 क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 8,800 से 9,100 रुपये और तेजा क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 9,100 से 9,800 रुपये, नं 341 क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 8,500 से 9,200 रुपये और फटकी क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 6,000 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल रहे तथा मंडी में दैनिक आवक 12,000 से 15,000 बोरी की हुई। उधर खमम मंडी में तेजा क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 9,500 से 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रहे तथा दैनिक आवक 6,000 बोरी की हुई।......आर एस राणा

11 जून 2015

Cotton Acreage Expected To Fall 13 yrs. Low

Cotton acreage is expected to fall by around 7% this year, said Cotton association of India (CAI) following the drastic fall in the prices in the current season and expectation of better return from other crops including soybean and Pulses. It should be noted that it is steepest fall in acreage since 2002/03.

Brazil Is Likely To Produce Coffee Crop Lower At 44.28 Mln Bgs For 2015/16-Conab

As per latest crop forecast of Conab, one of government crop supply agency, Brazil may harvest total coffee at 44.28 million 60 kg bags in 2015/16 season which is lower than 45.34 million bags in 2014/15 followed by 32.91 million bags of Arabica crop i.e. higher than 32.31 million bags  of 2014 and 11.34 million bags of Robusta crops which is marginally lower than 13 million bags of 2014 harvesting crop size.

India Soybean Oil Imports Projection Raised for 2014/15: USDA

Soybean Oil imports projection of India is raised by 250,000 tonnes to 2.25 million tonnes from 2.00 million tonnes due to lower domestic crush. Lower domestic crush is primarily due to lower international Soybean Oil prices and higher domestic soybean prices leading to lower domestic production of Soybean Oil.

Guar Gum Exports Increased W-o-W Basis

India has exported 4505 tons of guar gum in the first week of June which is 6% higher compared to prior week.
Notably, Guar products export in May decline sharply by 40% compared to last year same period due to weak demand from overseas.
According to recent Baker's and Hughes report on US crude oil rig count, it decline to 894 rigs compared to 1536 oil rigs running last year at same period.