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03 सितंबर 2026

सीसीआई द्वारा बिक्री दाम बढ़ाने से गुजरात में कॉटन तेज, उत्तर भारत स्थिर से सुधार

नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सीसीआई द्वारा बिक्री कीमतों में 300 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो की बढ़ोतरी करने से सोमवार को गुजरात में कॉटन के दाम तेज हुए, जबकि इस दौरान उत्तर भारत में इसकी कीमतों स्थिर से सुधार आया।


सीसीआई ने 31 अगस्त, सोमवार को कॉटन के बिक्री भाव 300 रुपये प्रति कैंडी तेज किए, तथा इस दौरान निगम ने 46,700 गांठ कॉटन की बिक्री की जिसमें से स्पिनिंग मिलों ने 19,000 गांठ एवं ट्रेडर्स ने 27,700 गांठ की खरीद की।

उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में चालू खरीफ में कपास की बुआई में 18 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है, ऐसे में मार्केट का आउटलुक कम सप्लाई और मजबूत कीमतों का संकेत देता है। नई फसल में बॉल बनने के दौरान नमी की कमी से पैदावार और स्टेपल की लंबाई प्रभावित होना का खतरा है, साथ ही किसानों को ट्यूबवेल सिंचाई करनी पड़ती है, जिस कारण लागत बढ़ गई। उत्तर भारत की मंडियों में शुरुआती फसल (नरमा) की आवक शुरू गई है, हालांकि चालू सीजन में कुल आवक पिछले साल की तुलना में कम होने की आशंका है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव 200 रुपये तेज होकर 69,600 से 70,000 रुपये प्रति कैंडी हो गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 6,900 से 7,050 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 6,750 से 6,875 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 6,750 से 7,050 रुपये प्रति मन बोले गए।
लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 65,000 से 66,000 रुपये कैंडी बोले गए।

देशभर की मंडियों में कपास की आवक 3,600 गांठ, एक गांठ-170 किलो की हुई।

आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में कॉटन की कीमतों में तेजी आई।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की कीमत स्थिर से कमजोर हुई। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में कपास की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।

घरेलू बाजार में स्पिनिंग मिलों की खरीद से गुजरात में कॉटन की कीमतों में तेजी आई, जबकि इस दौरान उत्तर भारत के राज्यों में इसकी कीमत स्थिर से सुधार आया। हालांकि नई फसल को देखते हुए स्पिनिंग मिल जरुरत के हिसाब से ही कॉटन की खरीद कर रहे हैं। उत्तर भारत के राज्यों में नई कपास की आवक सितंबर में तथा अन्य राज्यों में अक्टूबर में बढ़ेगी।

सोमवार को हरियाणा की आदमपुर मंडी में नई नरम का व्यापार 8,481 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ तथा इसकी आवक 800 क्विंटल की हुई। इस दौरान पुरानी नरमा का व्यापार 8,401 रुपये  प्रति क्विंटल की दर से हुआ तथा इसकी आवक 200 क्विंटल की हुई। राज्य की होडल मंडी में नई नरमा की आवक 1,500 से 2,000 मन की हुई तथा इसका व्यापार 7,500 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटी अनुसार हुआ।

अधिकांश राज्यों में प्राइवेट जिनिंग मिलों के पास अच्छी क्वालिटी की कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। अत: अच्छी क्वालिटी कपास की खरीद के लिए मिलों को सीसीआई एवं एमएनसी कंपनियों से करनी पड़ रही है।

केंद्र सरकार ने घरेलू टेक्सटाइल उद्योग के लिए कच्चे माल की उपलब्धता के लिए 1 जून, 2026 से आगामी पांच महीनों के लिए कॉटन आयात पर से सभी कस्टम ड्यूटी समाप्त की हुई है। अत: चालू फसल सीजन में कॉटन का रिकॉर्ड आयात होने का अनुमान है। घरेलू बाजार में सीसीआई के पास कॉटन का बकाया अभी भी बचा हुआ है। इसलिए हाजिर बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई के बिक्री दाम पर भी निर्भर करेगी।