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27 जून 2017

जीएसटी के विरोध में 30 जून को व्यापार बंद

जीएसटी के विरोध में 30 जून को देश की ज्यादातर मंडिया बंद रहेंगी। मध्यप्रदेश से शुरू हुई इस बंद को अब राजस्थान के कारोबारियों का भी साथ मिल गया है।
कारोबारियों की दलील है कि उनकी ओर से जीएसटी की तैयारी अभी पूरी नहीं हो सकी है। साथ ही दालों पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का भी दाल मिल वाले विरोध कर रहे हैं। इस बंद में दाल, तेल और आटा-बेसन मिलवाले भी शामिल होंगे।

26 जून 2017

आधे भारत पर छाया मानसून

अपनी गति से आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम मानसून ने करीब-करीब आधे भारत को कवर कर लिया है। यानी इस वक्त देश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून के लिए उत्तरी अरब सागर, सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों, गुजरात के और भागों, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा़ और विदर्भ के बाकी बचे हिस्सों, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के और ज्यादा भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा यानी एनएलएम द्वारका, वल्लभ विद्यानगर, खांडवा, बैतुल, माडला और पटना के आसपास बनी हुई है। ये बारिश होने के लिए बहुत अच्छा संकेत है। इन इलाकों में कई हिस्सों में बारिश हो रही है और कहीं-कहीं बारिश के आसार बन रहे हैं।
अगले 72 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार के बाकी बचे हिस्सोंं में मानसून पहुंचने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों में गुजरात और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछेक हिस्सों में बहुत तेज बारिश हुई है।

आज अगले 24 घंटों के मौसम का हाल

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार ओडिशा, गुजरात, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में इक्का-दुक्का जगहों पर बहुत तेज बारिश के आसार हैं। बता दें कि केरल और कोंकण एवं गोवा में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है।
छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तटीय आंध्र प्रदेश और निकोबार एवं द्वीप समूह में भी कहीं-कहीं तेज बारिश आ सकती है। तो वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तटीय आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भीं इक्का-दुक्का जगहों पर तेज बारिश हो सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं तेज हवाओँ के साथ बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछेक इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार दिखाई पड़ रहे हैं।

एग्री कमोडिटी में आगे की रणनीति कैसे बनाए

एग्री कमोडिटी दलहन, तिलहन, और मसालों के साथ ही गेहूं, मक्का, जौ, कपास, खल, बिनौला, ग्वार सीड, चीनी, और कपास आदि की कीमतों में कब आयेगी तेजी तथा आगे की रणनीति कैसे बनाये, भाव में कब आयेगी तेजी, किस भाव पर स्टॉक करने पर मिलेगा मुनाफा, क्या रहेगी सरकार की नीति, आयात-निर्यात की स्थिति के साथ ही विदेष में कैसी है पैदावार, इन सब की स्टीक जानकारी के लिए हमसे जुड़े............एग्री कमोडिटी की दैनिक रिपोर्ट के साथ ही मंडियों के ताजा भाव आपको ई-मेल से हिंदी में भेजे जायेंगे एग्री जिंसों के अलावा किराना में हल्दी, जीरा, धनिया, लालमिर्च, इलायची, कालीमिर्च आदि की जानकारी भी हिंदी में ई-मेल के माध्यम से दी जायेगी। हमें ई-मेल करे या फिर फोन पर संपक करें।
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आर एस राणा
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24 जून 2017

बाजरा की बुवाई बढ़ी, मक्का और ज्वार घटी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में जहां बाजरा की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, वहीं मक्का के साथ ही ज्वार की बुवाई पिछड़ रही है। बाजरा का पुराना स्टॉक राजस्थान और हरियाणा में ज्यादा होने से इसकी कीमतों में मंदा बना हुआ है। मक्का में दक्षिण भारत की मंडियों में भाव में और सुधार आने का अनुमान है लेकिन उत्तर भारत में भाव में तेजी नहीं है। ज्वार में बीज वालों की मांग से हल्का सुधार आने का अनुमान है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में बाजरा की बुवाई बढ़कर 4.66 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 2.88 लाख हैक्टेयर में ही बाजरा की बुवाई हुई थी। खरीफ में मोटे अनाजों की प्रमुख फसल मक्का की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक 9.44 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 9.50 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
ज्वार की बुवाई चालू खरीफ में अभी तक 1.42 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 1.65 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। मोटे अनाजों की कुल बुवाई चालू खरीफ में 17.71 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 15.94 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी।......   आर एस राणा

सोयाबीन के साथ मूंगफली की बुवाई बढ़ी, भाव में तेजी की उम्मीद नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन के साथ ही मूंगफली की बुवाई आगे चल रही है। सोयाबीन के साथ मूंगफली का स्टॉक उत्पादक मंडियों में ज्यादा है, जबकि तेलों में मांग कमजोर है इसलिए चालू महीने में इनकी कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में सोयाबीन की बुवाई बढ़कर 5.67 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 3.01 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। इसी तरह से मूंगफली की बुवाई भी चालू खरीफ में बढ़कर 4.70 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 3.15 लाख हैक्टेयर में ही मूंगफली की बुवाई हुई थी।
तिलहनों की कुल बुवाई चालू खरीफ में बढ़कर 11.24 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 7.23 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी। ...............   आर एस राणा

23 जून 2017

कपास और तिलहन की बुवाई बढ़ी, दलहन की पिछड़ी

आर एस राणा
नई दिल्ली। चालू खरीफ में कपास के साथ ही तिलहन की बुवाई बढ़ी है जबकि दलहन की बुवाई पिछड़ी है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में फसलों की बुवाई बढ़कर 130.74 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 119.28 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी। दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश हो रही है जबकि उत्तर भारत के राज्यों में प्री-मानसून की बारिश अच्छी हुई है जिससे आगे खरीफ फसलों की बुवाई में और तेजी आयेगी।
खरीफ की प्रमुख फसल धान की रौपाई घटकर चालू रबी में 16.70 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 15.97 लाख हैक्टेयर में ही रौपाई हो पाई थी। दलहन की बुवाई चालू रबी में घटकर 5.97 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में दालों की बुवाई 9.01 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।
तिलहनों की बुवाई चालू खरीफ में बढ़कर 11.24 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में तिलहनों की बुवाई 7.23 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। मोटे अनाजों की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 17.71 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है तथा पिछले साल इस समय तक 15.94 लाख हैक्टेयर में ही बुवाई हुई थी।
कपास की बुवाई चालू रबी में बढ़कर 24.70 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 19.07 लाख हैक्टेयर में ही कपास की बुवाई हो पाई थी। गन्ने की बुवाई भी चालू सीजन में बढ़कर 47.52 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 44.82 लाख हैक्टेयर में ही गन्ने की बुवाई हो पाई थी।......    आर एस राणा

डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की रिकवरी

डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की रिकवरी आई है। एक डॉलर की कीमत 64.55 रुपये के पास है। डॉलर में गिरावट से रुपये को सपोर्ट मिला है। कच्चा तेल पिछले 10 महीने के निचले स्तर से संभलने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बढ़त के बावजूद नायमैक्स पर क्रूड में 43 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। वहीं ब्रेंट का दाम 45.5 डॉलर के नीचे है। सोने और चांदी में हल्की बढ़त है। चांदी पिछले एक महीने के निचले स्तर से काफी बढ़ चुकी है।
ग्लोबल मार्केट में चीनी का दाम पिछले 16 महीने के निचले स्तर पर आ गया है और कल घरेलू बाजार में भी चीनी करीब 6 महीने के निचले स्तर पर बंद हुई। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में प्री मॉनसून बारिश से कपास की बुआई जोरों पर है। राजस्थान के कई इलाकों में कल से ही रुक रुककर बारिश हो रही है।