नई
दिल्ली। पहली जून से 8 जुलाई तक देशभर के 22 फीसदी हिस्से में मानसूनी
बारिश कम हुई है, जिसका असर खरीफ फसलों की बुआई पर देखा जा रहा है। कृषि
मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ में देशभर के राज्यों में 8 जुलाई 2022 तक
फसलों की बुआई 9.27 फीसदी पिछड़कर 406.66 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है,
जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई 448.23 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।
मंत्रालय
के अनुसार धान की रोपाई चालू खरीफ में 72.24 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई
है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 95 लाख हेक्टयेर से कम है।
हालांकि
दलहनी फसलों की कुल बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 46.55 लाख हेक्टेयर में हो
चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 46.10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।
खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई चालू खरीफ में 16.58 लाख हेक्टेयर
में, उड़द की 7.47 लाख हेक्टेयर में और मूंग की 16.02 लाख हेक्टेयर में हुई
है। पिछले खरीफ सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 23.22 लाख
हेक्टेयर में, 8.33 लाख हेक्टेयर में और 11.65 लाख हेक्टेयर में हुई थी।
मोटे
अनाजों की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 65.31 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है,
जोकि पिछले साल की समान अवधि के 64.36 लाख हेक्टयेर से ज्यादा है। मोटे
अनाजों में ज्वार की बुआई 4.50 लाख हेक्टेयर में और बाजरा की 26.77 लाख
हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल समय तक इनकी बुआई क्रमश: 4.59 लाख
हेक्टेयर और 14.93 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई थी। इसके अलावा मक्का की
बुआई चालू खरीफ में 31.84 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस
समय तक 41.63 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।
तिलहनी फसलों की बुआई
चालू खरीफ में घटकर 77.80 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जोकि पिछले साल
की समान अवधि के 97.56 लाख हेक्टेयर से कम है। तिलहन में मूंगफली की बुवाई
चालू खरीफ में 20.51 लाख हेक्टेयर में, सोयाबीन की 54.43 लाख हेक्टेयर में
और सनफ्लवर की 1.16 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो पाई है, जबकि पिछले साल
इनकी बुआई क्रमश: 25.31 लाख हेक्टेयर में, 69.54 लाख हेक्टेयर में और 80
हजार हेक्टेयर में ही हो पाई थी।
कपास की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर
84.60 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 84.75 लाख
हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी।
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