नई
दिल्ली। नवंबर महीने में डीओसी के निर्यात में 51 फीसदी की गिरावट आकर कुल
निर्यात 162,442 टन का ही हुआ है, जबकि पिछले साल नवंबर में इनका निर्यात
332,336 टन का हुआ था। घरेलू बाजार में डीओसी की कीमतें तेज हैं, जबकि
विश्व बाजार में दाम कम है। इसलिए डीओसी के निर्यात में कमी आई है।
साल्वेंट
एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए के अनुसार चालू वित्त वर्ष
2021-22 के पहले आठ महीनों अप्रैल से नवंबर के दौरान डीओसी का निर्यात 18
फीसदी घटकर 1,596,131 टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि
में इनका निर्यात 1,951,558 टन का हुआ था।
एसईए के अनुसार अक्टूबर
के मुकाबले नवंबर में सरसों, राइसब्रान और केस्टर डीओसी के निर्यात में कमी
आई है, जबकि सोया डीओसी का निर्यात बढ़ा है। नवंबर में सोया डीओसी का
निर्यात बढ़कर 42,951 टन का हो गया, जबकि अक्टूबर में इसका निर्यात 14,538
टन का ही हुआ था। नवंबर में सरसों डीओसी का निर्यात घटकर 42,383 टन का रह
गया, जबकि अक्टूबर में इसका निर्यात 52,875 टन का हुआ था। इसी तरह से नवंबर
में राइसब्रान डीओसी का निर्यात घटकर 48,232 टन का रह गया, जबकि अक्टूबर
में इसका निर्यात 55,970 टन का हुआ था।
भारतीय बदंरगाह पर अक्टूबर
की तुलना में नवंबर में सोया डीओसी की कीमतें तेज हुई हैं। नवंबर में सोया
डीओसी के दाम भारतीय बंदरगाह पर पहुंच 675 डॉलर प्रति टन हो गई, जबकि
अक्टूबर में इसके दाम 612 डॉलर प्रति टन थे। सरसों डीओसी के दाम नवंबर में
भारतीय बंदरगाह पर 300 डॉलर प्रति टन रह गई, जबकि अक्टूबर में इसके दाम 301
डॉलर प्रति टन थे। केस्टर डीओसी के दाम भी भातरीय बदरगाह पर अक्टूबर के
157 डॉलर से घटकर नवंबर में 149 डॉलर प्रति टन रह गए।
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