नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने के कारण मंगलवार को दिल्ली के नया बाजार में अरहर के साथ ही मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। त्यौहारी सीजन शुरू होने से पहले दालों की थोक एवं खुदरा मांग सामान्य की तुलना में कमजोर ही बनी हुई है। व्यापारियों के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान दालों की मांग कमजोर ही बनी रहने की उम्मीद है लेकिन उसके बाद आगे दालों की मांग में सुधार आयेगा।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर पुरानी और नई के भाव में 50-50 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,600 रुपये और 6,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हाजिर कारोबार में अफ्रीका लाईन की सस्ती अरहर के साथ ही विदेश से आयात बढ़ने की संभावना से कीमतों पर दबाव आया है।
दिल्ली में मध्य प्रदेश और कनाडा लाईन की मसूर की कीमतें 50-75 रुपये घटकर भाव क्रमश: 7,800 रुपये और 7,575 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। पिछले दिनों सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में कमी की थी, अत: मिलर्स की मांग बढ़े भाव में कमजोर हुई, जबकि इसमें बिकवाली भी पहले की तुलना में बढ़ी है। हालांकि, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में मसूर का उत्पादन कम होने का अनुमान है, जिस कारण विश्व बाजार में भाव तेज हैं। इसलिए घरेलू बाजार में भी कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
बर्मा उड़द एसक्यू पुरानी और नई के दाम क्रमश: 8,200 रुपये और 8,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। इसी तरह उड़द एफएक्यू के भाव भी 7,200-7,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। अधिकांश राज्यों में खरीफ उड़द की कटाई चल रही है, जबकि कई राज्यों में बारिश हो रही है, तथा मौसम विभाग ने और बारिश का अंदेशा जताया है, जिससे उड़द की फसल की क्वालिटी प्रभावित होने का डर है। इससे नए मालों में नमी की मात्रा भी ज्यादा आ रही है अत: अच्छी क्वालिटी की उड़द में मिलों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
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