नई
दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने के कारण शनिवार को मुंबई में
शुरूआती कारोबार में आयातित अरहर और उड़द की कीमतों में तेजी दर्ज की गई,
जबकि चना के साथ ही काबूली चना के भाव में मंदा आया।
दालों में
खुदरा के साथ ही थोक में ग्राहकी कमजोर है, लेकिन आगे खपत का सीजन शुरू
होने के बाद इनकी मांग में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि सरकार की
नीतियों को देखते हुए व्यापारी अभी दालों की खरीद कम कर रहे हैं।
विदेश
से आवक होने एवं चालू खरीफ में बुआई 5.37 फीसदी बढ़ने के बावजूद भी मिलों
की हाजिर मांग बढ़ने से बर्मा लाईन की लेमन अरहर नई के साथ ही पुरानी में
25-25 रुपये की तेजी आकर भाव क्रमश: 6,225 रुपये और 6,125 रुपये प्रति
क्विंटल हो गए। वहीं, अरुषा अरहर के भाव 6,050-6,100 रुपये पर पर स्थिर बने
रहे।
बर्मा उड़द एफएक्यू नई और पुराने दोनों में दाल मिलों की मांग
बढ़ने से भाव 50-50 रुपये बढ़कर क्रमशः 6,450 रुपये और 6,350 रुपये प्रति
क्विंटल हो गए। हालांकि विदेश से उड़द की लगातार आवक बनी हुई है, साथ ही
घरेलू मंडियों में समर की फसल आ रही है, लेकिन चालू खरीफ में उड़द की बुआई
23 फीसदी पिछे चल रही है।
रूस और सूडान लाईन के काबुली चना में
हाजिर मांग कमजोर होने से 50-50 रुपये का मंदा आकर भाव क्रमश: 5,100 रुपये
और 5,100 से 5,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हालांकि काबूली चना पर 40
फीसदी आयात शुल्क है, जिस कारण आयात पड़ते नहीं लग रहे हैं।
इसी
तरह से तंजानिया के चना के भाव 25 रुपये घटकर 4,600 रुपये प्रति क्विंटल रह
गए, नेफेड विभिन्न राज्यों में खरीदे हुए चना की लगातार बिकवाली कर रही
है, जिससे कीमतों पर दबाव है।
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