नई दिल्ली। स्थानीय दाल मिलों की नीचे दाम पर हाजिर मांग बढ़ने से मंगलवार को दिल्ली के नया बाजार में बर्मा उड़द के साथ ही चना की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। उधर आंध्रप्रदेश के कृृष्णा में नई उड़द की आवक शुरू हो गई है जिससे कीमतों पर दबाव बना रहने का अनुमान है। अन्य दालों के दाम लगभग स्थिर से बने रहे।
बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में 100-100 रुपये तेजी आकर भाव क्रमश: 7,450 रुपये और 8,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, चेन्नई में कीमतों में आए सुधार के साथ ही नीचे दाम पर मिलों की मांग बढ़ गई। महाराष्ट्र लाईन की उड़द की कीमतें 7,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही। कोटा (राजस्थान) की नई उड़द के साथ ही मध्य प्रदेश की पुरानी नेफेड की खरीदी हुई उड़द की कीमतें भी 6,850 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर बनी रही।
नीचे दाम पर दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से मंगलवार को चेन्नई और दिल्ली में बर्मा उड़द की कीमतों में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई। हाजिर स्टॉक कम होने के बावजूद भी मिलों की सुस्त मांग से कोलकाता के बाजार में बर्मा उड़द एफएक्यू में 50 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आया। चंदौसी, वेरावल, नीमच और नरसिंहपुर जैसे प्रमुख बाजारों में कमजोर मांग के कारण देसी उड़द की कीमतों में क्वालिटीनुसार 50-200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर बाजारों में पॉलिश और अनपॉलिस्टड उड़द में स्थानीय मांग से 50-200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई।
आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में नई उड़द पॉलिस की आवक शुरू हो गई है तथा मंडी में नई फसल की दैनिक आवक अगले 10 दिनों में बढ़ने की संभावना है। नई फसल का उत्पादन दो लाख टन होने का अनुमान है जबकि पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। नई फसल की आवकों का दबाव दो महीने बना रहने का अनुमान है।
बर्मा आधारित स्थानीय व्यापारी के अनुसार, 4 मार्च, 2021 से म्यांमार में बैंकिंग लेनदेन और बंदरगाह संचालन फिर से शुरू होने की संभावना है।
बाजार सूत्रों के अनुसार, बर्मा उड़द एसक्यू की कीमतों पर, कृष्णा जिले की फसल की आवक से दबाव बनने की आशंका है, क्योंकि भाव सस्ते होने के कारण व्यापारियों की मांग नई घरेलू फसल में बढ़ेगी। चेन्नई में आयातकों के पास अभी भी लगभग 1,500 कंटेनरों (36,000 टन) आयातित उड़द का बकाया स्टॉक है। आयातित माल नहीं आने के बावजूद भी उड़द की कीमतों में तेजी की उम्मीद नहीं है क्योंकि मध्यप्रदेश में उड़द गोटा का स्टॉक अच्छा है तथा भाव भी नीचे हैं।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से मंगलवार को कोलकाता में आस्ट्रेलियाई मसूर की कीमतों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई। आयातित मसूर का स्टॉक कोलकाता में कम हो गया है और लगभग 60,000-70,000 टन का स्टॉक बचने का ही अनुमान है इसमें कनाडा मसूर का लगभग 50,000 टन और ऑस्ट्रेलियाई मसूर का लगभग 10,000 टन होने की उम्मीद है। आयात पड़ते नहीं लगने के कारण आयातित मसूर आने की उम्मीद नहीं है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख बाजारों में दाल मिलों की सीमित मांग से मसूर की कीमतों में क्वालिटीनुसार मिलाजुला रुख देखा गया, हालांकि बढ़े दाम पर मिलों की ग्राहकी कमजोर रही। बढ़े दाम पर मसूर में स्टॉकिस्टों की मांग कमजोर ही रही। नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश और राजस्थान की मंडियों में बढ़ी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक पखवाड़े के अंदर आवक बढ़ने की उम्मीद है। उत्पादक मंडियो में आयातित मसूर का स्टॉक ज्यादा है, साथ ही आने वाले दिनों में उत्पादक मंडियों में नई फसल की बढ़ेगी, इसलिए मसूर में बढ़े भाव में खरीद करके व्यापार नहीं करना चाहिए।
राजस्थान चना के दाम दिल्ली में 5,150 रुपये और मध्य प्रदेश के चना के दाम 5,100 रुपये प्रति क्विंटल रहे। कल की तुलना में आज इनमें क्रमश 50 और 25 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई।
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