Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
30 अगस्त 2012
सरकार भी उठाएगी गेहूं में तेजी का फायदा
आर.एस. राणा नई दिल्ल
क्या है योजना
सितंबर से ओएमएसएस के तहत भाव में बढ़ोतरी करने का फैसला
एमएसपी में परिवहन लागत जोड़कर गेहूं की बिक्री करेगी सरकार
ओएमएसएस के तहत दाम में बढ़ोतरी का फैसला
गेहूं की कीमतों में आई तेजी का फायदा अब सरकार भी उठाएगी। खाद्य मंत्रालय ने सितंबर से खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं के बिक्री भाव में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। सितंबर से ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में परिवहन लागत जोड़कर किए जाने की योजना है।
ऐसे में दिल्ली की फ्लोर मिलों के लिए निविदा भरने का न्यूनतम भाव 1,330 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली में निविदा भरने का न्यूनतम भाव 1,285 रुपये प्रति क्विंटल है। दिल्ली के लारेंस रोड पर गेहूं का भाव 1,650-1,680 रुपये प्रति क्विंटल है।
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सितंबर से ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री एमएसपी 1,285 रुपये प्रति क्विंटल में परिवहन लागत (लुधियाना से राज्य की राजधानी के आधार पर) जोड़कर की जाएगी। ऐसे में दिल्ली में गेहूं का बिक्री भाव 1,330 रुपये और बंगलुरू में 1,529 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में इस समय गेहूं का बिक्री भाव 1,285 रुपये प्रति क्विंटल है। हाल ही एफसीआई द्वारा मांगी गई निविदा में सबसे ऊंची बोली 1,681 रुपये प्रति क्विंटल की मिली है।
अन्य राज्यों पंजाब में एफसीआई को गेहूं की बिक्री के लिए निविदा में भाव 1,451 रुपये, हरियाणा में 1,588 रुपये, राजस्थान में 1,650 रुपये, मध्य प्रदेश में 1,650 रुपये तथा उत्तर प्रदेश में 1,550 रुपये प्रति क्विंटल का मिला है। सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ की फ्लोर मिलों ने निविदा का भाव 1,286 रुपये प्रति क्विंटल कोट किया था लेकिन एफसीआई ने निविदा को ही निरस्त कर दिया है तथा अब नए सिरे से निविदा मांगी जाएगी।
उन्होंने बताया कि ओएमएसएस के तहत और 10 लाख टन गेहूं का आवंटन किया जाएगा जिसमें से सितंबर-अक्टूबर के लिए क्रमश: पांच-पांच लाख टन का आवंटन होगा। केंद्र सरकार ने 19 जून को देशभर की फ्लोर मिलों को ओएमएसएस के तहत 30 लाख टन गेहूं बेचने का फैसला किया था। इसके अलावा तीन लाख टन गेहूं पहले किए गए आवंटन में से बचा हुआ है।
इसके तहत 13 लाख टन गेहूं का आंवटन जून से अगस्त के दौरान किया जा चुका है। बाकि बचे हुए 10 लाख टन गेहूं का आवंटन नवंबर-दिसंबर में किए जाने की योजना है। केंद्रीय पूल में पहली अगस्त को 761.49 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जिसमें से 475.26 लाख गेहूं और 285.03 लाख टन चावल है। कृषि मंत्रालय के चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार 2011-12 में गेहूं का रिकार्ड उत्पादन 939 लाख टन होने का अनुमान है।a (Business Bhaskar....R S Rana)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें