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27 अगस्त 2011
सोने के खरीदारों को लुभाने की कवायद
अहमदाबाद August 25, 2011
हालांकि दिनोंदिन सोने की कीमतें नई ऊंचाइयां छू रही हैं, फिर भी आभूषण निर्माता अपने ग्राहकों के लिए पीली धातु की खरीद को आसान बनाने के लिए नई योजनाएं पेश कर रहे हैं। विश्व स्वर्ण परिषद के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद इसकी खरीद के लिए ग्राहकों को प्रोत्साहित करने में स्थानीय आभूषण निर्माता अहम भूमिका निभा रहे हैं। देश के विभिन्न भागों में आभूषण निर्माता 'सोने के लिए बचत योजना पेश कर रहे हैं। इस योजना के तहत आभूषण निर्माता ग्राहकों को हर महीने एक छोटी राशि उनके पास जमा करके सोने के आभूषण खरीदने की सुविधा दे रहे हैं। विश्व स्वर्ण परिषद के प्रबंध निदेशक (भारत, मध्य-पूर्व) अजय मित्रा ने कहा कि 'ग्राहकों के लिए इस तरह की योजनाएं पेश करने का चलन बढ़ा है। गुजरात के अहमदाबाद और सूरत समेत देश के प्रमुख शहरों में हमने एक सर्वे किया है। इसमें हमने पाया है कि बहुत से आभूषण निर्माता ग्राहकों को 'सोने के लिए बचत जैसी योजना पेश कर रहे हैं।Óमित्रा द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार, सूरत में 75 फीसदी आभूषण निर्माता इस तरह की योजनाएं पेश कर रहे हैं। जबकि अहमदाबाद में ऐसे आभूषण निर्माताओं की संख्या 64 फीसदी है। उन्होंने कहा कि चेन्नई, मदुरै और नागपुर जैसे शहरों में 100 फीसदी आभूषण निर्माता ग्राहकों के लिए इस तरह की योजनाएं पेश कर रहे हैं। वहीं बैंगलोर में 94 फीसदी आभूषण निर्माता बचत योजनाएं पेश कर रहे हैं। मुंबई में 77 फीसदी आभूषण निर्माताओं ने सोने के ऊंचे भावों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस तरीके को अपनाया है। अहमदाबाद स्थित एक आभूषण निर्माता एबी जेवल्स के निदेशक मनोज सोनी ने बताया कि 'सोने के लिए बचत योजनाएं उन खुदरा आभूषण खरीदारों के लिए अच्छी हैं, जो सोने की खरीद के लिए एक साथ भारी निवेश नहीं कर सकते। यह तरीका उन्हें विशेष रूप से शादी के लिए पहले से ही सोने की खरीद योजना बनाने को प्रोत्साहित करता है। इस योजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।आभूषण निर्माता 11-15 महीने के लिए यह योजना पेश कर रहे हैं, जिसके तहत हर महीने संबंधित आभूषण निर्माता के पास एक निश्चित राशि जमा करानी होती है। यह छोटे ग्राहकों के लिए आसान होता है। वे हर महीने एक छोटी राशि 500-5000 तक जमा करा सकते हैं। मित्रा ने बताया कि आभूषण निर्माताओं की वित्तीय लेन-देन में बढ़ती संलग्नता को देखते हुए माना जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आभूषण निर्माताओं को अपने नियामकीय दायरे के तहत लाने पर विचार कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें जमाकर्ताओं से पैसा लेने के बाद आभूषण निर्माता चंपत हो गए। अब आरबीआई गैर-बैंकिंग वित्तीय गतिविधियों से जुड़ेआभूषण निर्माताओं के लिए नियम तय करने पर विचार कर रहा है। (BS Hindi)
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