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03 दिसंबर 2010
कमोडिटी सब-ब्रोकर हटाने को और समय मिला
कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग में विभिन्न एक्सचेंजों के सदस्य ब्रोकरों के साथ जुड़े सब ब्रोकरों को कुछ और समय मिल गया है। कमोडिटी वायदा बाजार के रेग्यूलेटर फॉरवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) ने एक्सचेंजों को सब ब्रोकरों को हटाने के लिए दी गई समय सीमा को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। एफएमसी ने दूसरी बार सब ब्रोकर हटाने के लिए समय सीमा बढ़ाई है।सब-ब्रोकर किसी भी वायदा एक्सचेंज का सदस्य नहीं होता है। बल्कि वह किसी एक्सचेंज के सदस्य ब्रोकर के एजेंट के रूप में काम करता है। पहले एफएमसी ने सब ब्रोकरों को हटाने के लिए सितंबर तक का समय वायदा एक्सचेंजों को दिया था। फिर इस समय सीमा को बढ़ा कर 30 नवंबर किया गया। अब इसे ३१ दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। एफएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सचेंजों को अपने सदस्य ब्रोकरों के साथ काम कर रहे सब ब्रोकरों को हटाने के लिए समय इसलिए बढ़ाया गया है ताकि वे आसानी से इस दिशानिर्देश का अनुपालन कर सकें। एफएमसी के फैसले से उन्हें कोई कारोबारी दिक्कत न हो। एफएमसी के अनुसार सब-ब्रोकरों हटाकर एक्सचेंजों के सदस्य ब्रोकरों को अधिकृत व्यक्ति नियुक्त करने का अधिकार दिया जा रहा है। ये अधिकृत व्यक्ति ट्रेडिंग प्लेटफार्म में खरीद-फरोख्त के सौदे कर सकेंगे। एफएमसी ने कमोडिटी एक्सचेंजों में सौदों और भुगतान के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के मकसद से सब ब्रोकरों को हटाने का फैसला किया है। सदस्य ब्रोकरों को अधिकृत व्यक्तियों द्वारा किए गए सौदों के निपटान और भुगतान की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। सब्र ब्रोकरों के मामले में अभी थोड़ी संशय की स्थिति रहती है। सब-ब्रोकरों के जरिये किए गए सौदों के लिए अगर उसका सदस्य ब्रोकर सौदे स्वीकार करने से इंकार कर दे तो निवेशकों को नुकसान हो सकता है।एफएमसी के निर्देश के चलते देश के बड़े कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स और एनसीडीईएक्स ने इस संबंध में सूचना जारी कर दी है। इन एक्सचेंजों ने अपने सदस्य ब्रोकरों के लिए जारी सूचना में कहा है कि 31 दिसंबर से पहले या तो सब ब्रोकरों को हटा दिया जाए। या फिर उन्हें अधिकृत व्यक्तियों में बदल दिया जाए। एमसीएक्स द्वारा जारी सर्कुलर में सदस्यों से समय रहते सभी औपरिकताएं पूरी करने को कहा है। वर्तमान में देश में पांच राष्ट्रीय और 18 क्षेत्रीय एक्सचेंज काम कर रहे है।बात पते कीएफएमसी ने कमोडिटी एक्सचेंजों में सौदों और भुगतान के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के मकसद से सब ब्रोकरों को हटाने का फैसला किया है। (Business Bhaskar)
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