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07 सितंबर 2010
मूंगफली का उत्पादन बढ़ने की संभावना
पिछले साल सूखे की सबसे ज्यादा मार तिलहनों की प्रमुख फसल मूंगफली पर पड़ी थी लेकिन चालू खरीफ में बेहतर मानसून और बुवाई क्षेत्रफल में भारी बढ़ोतरी से मूंगफली का उत्पादन बढ़कर लगभग दोगुना होने की संभावना है। गुजरात, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में अभी तक अच्छी बारिश हुई है तथा फसल की पकाई तक अगर मौसम अनुकूल रहा तो उत्पादन बढ़कर 65 से 70 लाख टन होने का अनुमान है। वर्ष 2009-10 में मूंगफली का उत्पादन घटकर 36.59 लाख टन का ही हुआ था। मूंगफली अनुसंधान निदेशालय, जूनागढ़ के डायरेक्टर जे बी मिश्रा ने बिजनेस भास्कर को बताया कि चालू सीजन में गुजरात, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में अभी तक बारिश मूंगफली की फसल के अनुकूल रही है। आगामी एक-डेढ़ महीना फसल के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अक्टूबर मध्य तक मौसम अनुकूल रहा तो खरीफ में मूंगफली का उत्पादन बढ़कर 65 से 70 लाख टन होने की संभावना है। वर्ष 2008-0९ में मूंगफली का औसत उत्पादन 1,300-1,400 किलो ग्राम प्रति हैक्टेयर हुआ था जबकि चालू खरीफ में प्रति हैक्टेयर उत्पादन बढ़कर 1,500 से 1,600 किलोग्राम होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी बुवाई आंकड़ों के अनुसार खरीफ में मूंगफली की बुवाई में 7.02 लाख हैक्टेयर की बढ़ोती हुई है। अभी तक 48.91 लाख हैक्टेयर में मूंगफली की बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 41.89 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। केंद्र सरकार द्वारा जारी चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2009-10 में देश में मूंगफली का उत्पादन 36.59 लाख टन ही होने का अनुमान है जबकि वर्ष 2008-09 में इसका उत्पादन 56.17 लाख टन का हुआ था। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जे पी डबास ने बताया कि तिलहनों का उत्पादन ज्यादातर असिङ्क्षचत क्षेत्रों में होता है इसीलिए मानसून की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चालू खरीफ में मानसून काफी अच्छा रहा है इसीलिए मूंगफली के साथ अन्य तिलहनों के उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है। सितंबर में हो रही बारिश से रबी में होने वाली सरसों की बुवाई भी अच्छी रहेगी। साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी वी मेहता ने बताया कि मूंगफली उत्पादक राज्यों गुजरात, आंध्रप्रदेश और राजस्थान में इस बार प्रति हैक्टेयर उत्पादन में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है। इन राज्यों में अभी तक जो बारिस हुई है वह रुक-रुक कर हुई है। तथा आगामी डेढ़ महीना फसल के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा, वैसे मौसम विभाग मध्य सितंबर तक बारिश होने की संभावना जता रहा है। ऐसे में खरीफ में मूंगफली का बंपर उत्पादन होने की संभावना है। मालूम हो कि वर्ष 2007-08 में देश में मूंगफली का 73.62 लाख टन का रिकार्ड उत्पादन हुआ था। (Business Bhaskar.....aar as raana)
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