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07 सितंबर 2010
कपास का भाव रिकार्ड स्तर पर
निर्यातकों की भारी मांग से कपास के दाम अभी तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। गुजरात की मंडियों में शंकर-6 किस्म की कपास का भाव बढ़कर सोमवार को 36,000 से 36,300 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) हो गए। उधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दौरान इसके दाम बढ़कर 90.95 सेंट प्रति पाउंड हो गए। उत्तर भारत के पंजाब और हरियाणा में नई कपास की छिटपुट आवक शुरू हो गई है तथा चालू महीने के आखिर तक आवक का दबाव बनने की संभावना है। ऐसे में अक्टूबर में कपास की कीमतें घटने की संभावना है। नार्थ इंडिया कॉटन एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश राठी ने बताया कि पाकिस्तान में आई बाढ़ से वहां के मिलर भारत से भारी मात्रा में आयात सौदे कर रहे है। इसके साथ ही बंगलादेश, थाईलैंड और इंडानेशिया की मांग भी बराबर बनी हुई है। घरेलू मार्किट में स्टॉक कम होने से स्टॉकिस्टों की बिकवाली कम आ रही है। इसीलिए कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले सत्रह दिनों में घरेलू बाजार में कपास की कीमतों में करीब 23 फीसदी की तेजी आ चुकी है। सोमवार को अहमदाबाद में शंकर-6 किस्म की कपास का भाव बढ़कर 36,000 से 36,300 रुपये प्रति कैंडी हो गया जबकि 21 जुलाई को इसका भाव 29,200 से 29,500 रुपये प्रति कैंडी था। सरकार ने अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सीजन में देश से 55 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) कपास के निर्यात की अनुमति दी है। इसका रजिस्ट्रेशन टैक्सटाइल कमिश्नर के आफिस में निर्यातक 15 सितंबर से करवा सकेंगे। इस सीजन में 83 लाख गांठ कपास का निर्यात हुआ है। सरकार ने नए सीजन में कपास का उत्पादन बढ़कर 330 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया है जोकि वर्ष 2009-10 के 292 लाख गांठ से ज्यादा है। नए सीजन में घरेलू खपत 220 लाख गांठ की होने का अनुमान है। सरकार के अनुसार अक्टूबर में सीजन के समय कपास का बकाया स्टॉक 40.5 लाख गांठ का बचेगा। हालांकि उद्योग सूत्रों का कहना है कि बकाया स्टॉक इससे काफी कम है। मानसा स्थित संजीव कॉटन कंपनी के डायरेक्टर संजीव गर्ग ने बताया कि मंडियों में स्टॉक सीमित मात्रा में होने से बिकवाली नहीं आ रही है जबकि निर्यातकों की मांग अच्छी हैं। पंजाब की मंडियों में नई कपास की 400 से 500 गांठ की आवक शुरू हो गई जबकि हरियाणा की मंडियों में भी 200 से 250 गांठ की आवक हो रही है। मौसम साफ रहा तो चालू महीने के आखिर तक पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की मंडियों में आवक का दबाव बन जायेगा। जिससे अक्टूबर में कपास के दाम घट सकते हैं। अहमदाबाद की मंडियों से शंकर-6 किस्म की कपास के अगाऊ सौदे दिसंबर-जनवरी डिलीवरी के 34,000 रुपये प्रति कैंडी की दर से हो रहे हैं इसीलिए मौजूदा कीमतों में भारी गिरावट की संभावना कम है।कॉटन निर्यात पर नियमन की मांगकोयंबटूर तिरुपुर एक्सपोर्ट एसोसिएशन (टीईए) ने सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से कॉटन निर्यात को रेग्यूलेट करने की मांग की है। केंद्र सरकार के एक अक्टूबर से वर्ष 2011-12 के लिए 55 लाख गांठों की निर्यात सीमा लगाने और इसकी 15 नवंबर को समीक्षा करने के निर्णय पर संगठन के प्रेसिडेंट ए शक्तिवेल ने खुशी जताई है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि वैश्विक बाजार में टिके रहने के लिए बुने हुए कपड़ों की अच्छी गुणवत्ता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को कपास उत्पादकों के हितों की रक्षा के बाद वैल्यू एडेड आइटमों के निर्यात में भी सहयोग देना चाहिए। (Business Bhaskar....aar as raana)
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