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19 फ़रवरी 2010
गन्ना मूल्य को लेकर फिर टकराव संभव
उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों ने शुक्रवार से गन्ने की कीमतों में 20 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती करने का फैसला किया है। हालांकि, इसके खिलाफ किसान संगठन सड़क पर उतरने को तैयार हैं। ऐसे में राज्य में एक बार फिर गन्ना पेराई के बाधित होने की आशंका बन गई है। उत्तर प्रदेश में चीनी मिलें 250 से 280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की खरीद कर रही हैं। ऐसे में किस भाव पर वे कटौती करेंगी, यह समझ से पर है। उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन ने 17 फरवरी को दिल्ली में बैठक कर गन्ने की कीमतों में 20 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती करने का फैसला किया। मिलों के प्रतिनिधियों का कहना है कि चीनी की कीमतों में गिरावट आने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, गन्ना किसानों के हितों को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे किसान मजदूर संगठन के संयोजक वी एम सिंह का कहना है कि मिलें अगर 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदती हैं तो भी उन्हें मुनाफा हो रहा है। राज्य में किसानों के आंदोलन के चलते ही चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की थी। इसके साथ ही गन्ना किसानों को अच्छे दाम मिलने का एक कारण उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में रॉ-शुगर (गैर रिफाइंड चीनी) की आवक पर रोक लगाना भी है। उत्तर प्रदेश में चीनी की एक्स-फैक्ट्री कीमतें घटकर 3600 रुपये प्रति क्विंटल रह गई है। मिलों के एक प्रतिनिधि के मुताबिक मिलें 265-270 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीद रही हैं। इसमें कन्वर्जन लागत के चलते मिलों को मौजूदा कीमतों पर चीनी बेचने में 150-200 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। उधर, राज्य कॉआपेटिव मिल के एक प्रतिनिधि के मुताबिक कन्वर्जन लागत 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की आती है। इसके अलावा मिलें को अन्य उत्पादों शीर, एथनॉल, बगास, बिजली आदि से भी अच्छी कमाई हो रही है। उधर, वी एम सिंह ने कहा कि मिलों ने अगर गन्ने के दाम घटाए तो मिलों को इसकी सप्लाई रोक दी जाएगी। मिलों में गन्ने की सप्लाई बंद होने का असर चीनी की कीमतों पर पड़ना लाजिमी है। इस समय उत्तर प्रदेश में मात्र 25-30 फीसदी ही गन्ना बचा हुआ है। इसमें से भी आठ-दस फीसदी गन्ना बीज में चला जाएगा। मिलें द्वारा गन्ने का दाम घटाने का असर इसकी बुवाई पर भी प्रभाव पड़ेगा। उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक राज्य में 34.61 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जो पिछले साल की समान अवधि के 35.40 लाख टन से थोड़ा कम है। पिछले साल उत्तर प्रदेश में 40.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, जबकि चालू पेराई सीजन में उत्पादन बढ़कर 41-42 लाख टन होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की चीनी की एक्स-फैक्ट्री कीमतें 3600 रुपये प्रति क्विंटल चल रही हैं। वहीं, दिल्ली थोक बाजार में चीनी का भाव 3750-3800 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। (बिज़नस भास्कर....आर अस राणा)
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