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19 फ़रवरी 2010
निर्यात गिरने से मक्का के दाम एमएसपी से भी नीचे
तमाम कृषि उपजों में भले ही किसानों को इस साल अच्छी आमदनी हो रही हो लेकिन मक्का इस मामले में अपवाद बन गया है। विश्व के कई प्रमुख उत्पादक देशों में मक्के का उत्पादन बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम भारत से नीचे चल रहे हैं। इससे भारत से मक्के का निर्यात बहुत कम हो रहा है। इसके कारण घरलू बाजार में मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)से भी नीचे दाम पर बिक रही है। उधर जल्दी ही रबी फसल की मक्का की सप्लाई शुरू होने की संभावना से घरलू पोल्ट्री फीड निर्माताओं और स्टार्च कंपनियों ने खरीद कम कर दी है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की मंडियों में किसानों को 800-830 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का बिक रही है। जबकि चालू खरीद सीजन के लिए मक्के का एमएसपी 840 रुपये प्रति क्विंटल है। 15 मार्च के बाद रबी मक्के की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में इसकी मौजूदा कीमतों में और भी 50-75 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने का अनुमान है। बंगलुरूस्थित मैसर्स अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी के डायरक्टर एस अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम कम होने के कारण भारत से निर्यात पड़ते नहीं लग रहे हैं। अमेरिकी ग्रेन काउंसिल के भारत में प्रतिनिध अमित सचदेव ने बताया कि भारतीय मक्के का अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 230-235 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) पड़ रहा है। जबकि मक्के का अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 200-210 डॉलर प्रति टन चल रहा है।इस वजह से भारत से मक्के की निर्यात मांग ठंडी पड़ी है। अनुमान है कि इस साल बमुश्किल पांच-छह लाख टन मक्के का निर्यात हो पाएगा। वर्ष 2007-08 में 28 लाख टन मक्के का निर्यात हुआ था। निर्यातकों को उम्मीद है कि घरलू बाजार में कीमतों में चल रही गिरावट को देखते हुए मार्च-अप्रैल तक निर्यात पड़ते लगने लगेंगे। उधर उत्पादक मंडियों में आवक के मुकाबले मांग काफी कमजोर बनी हुई है इसलिए भी कीमतों में गिरावट बनी हुई है। उत्पादक मंडियों में पिछले डेढ़ महीने में मक्के की कीमतों में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। जनवरी के शुरू में उत्पादक मंडियों में मक्के के दाम 900 से 930 रुपये प्रति क्विंटल थे जबकि कर्नाटक की मंडियों में दाम घटकर 800-810 रुपये, महाराष्ट्र और एमपी की मंडियों में 800-830 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अगले 15 मार्च के बाद बिहार में नई मक्का की आवक शुरू हो जाएगी तथा बिहार में उत्पादन पिछले साल से ज्यादा होने का अनुमान है। इसीलिए आगामी दिनों में इसकी मौजूदा कीमतों में और भी 50-75 रुपये प्रति क्विंटल की और गिरावट आने का अनुमान है। दिल्ली बाजार में मक्के के दाम घटकर 1040-1045 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं जबकि जनवरी के प्रथम सप्ताह में भाव 1100 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर भाव था। कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी मक्के का उत्पादन बढ़कर 56.4 लाख टन होने का अनुमान है। पिछले साल रबी में 56.1 लाख टन का उत्पादन हुआ था। rana@businessbhaskar.netबात पते कीरबी फसल के मक्का का उत्पादन बढ़कर 56.4 लाख टन होने का अनुमान है। मध्य मार्च से नई आवक शुरू होने पर दाम और घटने का अनुमान है। (बिज़नस भास्कर.....आर अस राणा)
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