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09 जनवरी 2010
मोटे अनाज, तिलहनों के साथ गेहूं की भी बुवाई पिछड़ी
गेहूं की बुवाई का रकबा बढ़ने का दौर इस सप्ताह खत्म हो गया। शुक्रवार को जारी ताजे आंकड़ों के अनुसार देश में गेहूं का बुवाई रकबा पिछले साल के मुकाबले पिछड़ गई है। चालू रबी सीजन में गेहूं, तिलहन और मोटे अनाजों की बुवाई में क्रमश: 4.04, 5.78 और 3.57 लाख हैक्टेयर की कमी आई है जबकि दलहन की बुवाई 8.25 लाख हैक्टेयर बढ़ी है। कृषि मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी बुवाई आंकड़ों के मुताबिक गेहूं की बुवाई 268.50 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 272.54 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। मोटे अनाजों की बुवाई भी अभी तक 61.84 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 65.41 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में ज्वार की बुवाई पिछले साल के 48.90 लाख हैक्टेयर के मुकाबले घटकर 44.27 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। हालांकि जौ की बुवाई पिछले साल के 7.15 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 7.63 लाख हैक्टेयर में और मक्का की 8.98 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 9.46 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।इसी तरह से चालू रबी सीजन में तिलहनों की बुवाई पिछले साल के 90.01 लाख हैक्टेयर के मुकाबले अभी तक केवल 84.23 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है। खरीफ सीजन में भी तिलहनों की बुवाई खासकर के मूंगफली में भारी कमी आई थी। चालू रबी सीजन में तिलहनों की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई 64.02 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 66.24 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। सनफ्लावर की बुवाई पिछले साल की समान अवधि के 10.03 लाख हैक्टेयर के मुकाबले घटकर अभी तक मात्र 7.58 लाख हैक्टेयर में ही हुई है। मूंगफली की बुवाई पिछले साल 4.73 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 4.54 लाख हैक्टेयर में ही हुई है।रबी में दलहनों की बुवाई में पिछले साल के मुकाबले 8.25 लाख हैक्टेयर बढ़ोतरी हुई है। अभी तक देश में दलहनों की करीब 133.04 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक मात्र 124.79 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। रबी दलहन की प्रमुख फसल चने की बुवाई पिछले साल के 81.04 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 84.38 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। इसके अलावा मसूर की बुवाई भी पिछले साल के 14.24 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 15.57 लाख हैक्टेयर और रबी उड़द की बुवाई पिछले साल के 5.11 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 6.76 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। इसी तरह से रबी मूंग की बुवाई पिछले साल के 3.79 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 4.68 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। रबी दलहनों की बुवाई में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को दलहन की ऊंची कीमतों से राहत मिलने की संभावना है। रबी में धान की रोपाई पिछले साल के 5.23 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 6.38 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। (बिज़नस भास्कर......आर अस राणा)
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